जब टाको बेल में बदतमीज़ी का मिला बदला—शब्दों की तड़का लगी छोटी बदला-कहानी!
क्या आपने कभी ऐसी स्थिति देखी है जब पूरा रेस्टोरेंट खाली हो, लेकिन कोई परिवार आकर आपके ठीक पीछे बैठ जाए? और ऊपर से उनका बच्चा आपकी शांति और बालों का दुश्मन बन जाए! जी हाँ, आज की कहानी में ऐसे ही एक नए जमाने के ‘छोटे बदला’ का दिलचस्प किस्सा है, जिसमें गुस्सा, ह्यूमर और थोड़ा सा देसी तड़का सब कुछ है।
हमारे नायक, जिनका नाम मान लीजिए रमेश है, अपनी पत्नी के साथ टाको बेल में शांति से खाना खा रहे थे। रेस्टोरेंट बिल्कुल खाली था—ना कोई और ग्राहक, ना कोई भीड़-भाड़। सोचिए, जितनी भी टेबल्स थीं, सब खाली! तभी अचानक एक परिवार अंदर आया और सीधा रमेश जी के पीछे वाली टेबल पर विराजमान हो गया।