ये मेरा काम है! – टेक्नोलॉजी और जुगाड़ की सड़क यात्रा की एक मज़ेदार दास्तां
क्या आपने कभी सोचा है कि काम पर जाते हुए आपकी गाड़ी में इतना सामान भर जाए कि हर बार कुछ निकालना हो तो पूरा बाजार लग जाए? अब सोचिए, आप ऑफिस नहीं, बल्कि देश के दूसरे छोर पर एक क्लाइंट साइट पर जा रहे हैं – और वो भी कोरोना के जमाने में, खुली सड़कें, हरे-भरे पहाड़, और टेक्नोलॉजी से भरा सूटकेस साथ लेकर!
यह कोई आम सफर नहीं, बल्कि एक साइबर सुरक्षा सलाहकार की यात्रा है, जिसमें काम, जुगाड़ और हास्य का ऐसा तड़का लगा है कि आप हँसते-हँसते सोच में पड़ जाएंगे – क्या "ये मेरा काम है" कहना इतना आसान है?