रात 2 बजे ऊँची आवाज़ में गाने? मैंने उसे ऐसे चुप कराया कि सबक याद रह गया!
कॉलेज हॉस्टल का जीवन जितना रंगीन होता है, उतना ही कभी-कभी सिरदर्दी भी! रात में पढ़ाई, प्रोजेक्ट्स, और सुबह की क्लास का टेंशन — ऐसे में अगर पड़ोस से तेज़ म्यूजिक बजने लगे तो नींद का कबाड़ा होना तय है। इस कहानी में आपको मिलेगा देसी अंदाज़ में बदला लेने का एक शानदार और हँसोड़ तरीका, जो न सिर्फ़ आपको हँसाएगा बल्कि सोच में भी डाल देगा कि कभी-कभी मीठा बदला भी कितना असरदार हो सकता है।