जब नेताओं की जिद ने सबकी निजी ज़िंदगी इंटरनेट पर उघाड़ दी: एक सरकारी आईटी अफसर की कहानी
भैया, आजकल तो डिजिटल इंडिया का ज़माना है, हर चीज़ ऑनलाइन – बिजली का बिल, राशन कार्ड, गैस कनेक्शन, और अब तो शादी-ब्याह के कार्ड भी व्हाट्सएप पर! लेकिन सोचिए, अगर आपकी सारी निजी जानकारी – घर का पता, कुत्ते का नाम, बिल्डिंग के नक्शे, यहां तक कि पानी का बिल तक – सबके लिए एक क्लिक पर उपलब्ध हो जाए? जरा सोचिए, पड़ोसी की बुआ, मोहल्ले की आंटी, या फिर कोई अजनबी आपकी जिंदगी की किताब पन्ना-पन्ना पढ़ रहा हो!
आज हम आपको एक ऐसी सच्ची घटना सुनाने जा रहे हैं, जिसमें सरकारी अफसरों ने नेताओं की जिद का ऐसा मज़ेदार, मगर खतरनाक नतीजा देखने को मिला कि पूरी जनता हक्का-बक्का रह गई। और मज़ा ये कि जो नुकसान हुआ, उसके बाद सबने एक-दूसरे पर ठीकरा फोड़ा – जैसे हमारे यहां कटहल की सब्ज़ी में मिर्ची ज़्यादा पड़ जाए तो घर के हर सदस्य पर शक जाता है!