१३ साल बाद माँ को मिली 'केविन' से आज़ादी – एक हास्यभरी लेकिन दिल दहला देने वाली दास्तान!
क्या आपने कभी किसी ऐसे इंसान के बारे में सुना है, जिसकी हरकतें सुनकर लगे कि ‘ये तो फ़िल्मी विलेन भी शरमा जाए!’? अगर नहीं, तो आज मैं आपको केविन की अनोखी गाथा सुनाने जा रही हूँ। ये कहानी है मेरी माँ की, जिन्होंने तेरह साल तक केविन से शादी निभाई... और अब, आखिरकार, वो इस 'केविन-गाथा' से मुक्त हो चुकी हैं!
शुरू में तो लगा था कि माँ की ज़िंदगी में किसी साथी का आना अच्छा रहेगा, लेकिन केविन जैसे 'विशेष पात्र' के साथ बिताए गए ये साल किसी रोलर कोस्टर राइड से कम नहीं थे। अब जब उनकी आज़ादी का जश्न मनाने का वक्त आ गया है, तो क्यों न आपको भी केविन की कारस्तानियों से रूबरू करवाया जाए!
केविन: एक नाम, हज़ार मुसीबतें
केविन की कहानियाँ इतनी विचित्र हैं कि शायद आप सोचें, "क्या ये सच है?" लेकिन यकीन मानिए, सच्चाई कल्पना से कहीं आगे है! तो पेश है केविन की टॉप-7 कारनामों की सूची:
१. छत में गोलियां, बाथरूम में जंगल!
एक दिन केविन शराब के नशे में धुत्त होकर अपनी ट्रेलर की छत में गोलियां दाग बैठा। छत में छेद हो गए, बारिश का पानी सीधा बाथरूम में घुसने लगा, और वहाँ काई वगैरह उग आई — पूरा एक मिनी-वन बन गया! एक दिन तो बाथरूम की फर्श ही टूट गई और केविन टॉयलेट समेत नीचे गिर पड़ा। शुक्र है, केविन को कुछ नहीं हुआ, लेकिन घर में चूहे आ बसे। माँ ने बड़ी मुश्किल से चूहों को भगाया और छत ठीक करवाई, लेकिन फर्श के लिए पैसे नहीं थे। तो केविन ने? फिर से दारू पी, कुछ लकड़ियाँ उठाईं और गड्ढे पर ठोक दीं। वाह, क्या जुगाड़ू ‘मिस्त्री’ था!
२. रसोई में केविन का कमाल
एक बार केविन ने खाना बनाने की कोशिश की और आग लगा दी। उसका समाधान? एक तौलिया उठाया और आग पर फेंक दिया! अरे भैया, आग तो और भड़क गई और केविन की भौंहें उड़ गईं। एक पाठक ने मजाक में लिखा — "असली समस्या केविन नहीं, उसकी शराब की लत थी!"
३. गाड़ी की चाबी और हथौड़े की दोस्ती
एक दिन केविन ने गलती से गाड़ी की चाबी अंदर ही छोड़ दी। मोबाइल और वॉलेट भी गाड़ी में ही। पड़ोसी से फोन मांगने की बजाय, उसने हथौड़े से ड्राइवर साइड का शीशा तोड़ डाला...और फिर याद आया कि गाड़ी के बंपर के नीचे तो स्पेयर चाबी रखी थी! इस वाकये पर एक पाठक की टिप्पणी थी — “भाई, ये केविनपना नहीं, पूरी की पूरी बेवकूफी है!”
४. मंगेतर की अंगूठी, चालीस डॉलर और केविन का जादू
एक दिन माँ नहा रही थीं, तब केविन ने उनकी सगाई की अंगूठी उठाई और पड़ोसी को चालीस डॉलर में बेच दी। बाद में जब माँ ने पूछा, तो मासूमियत से बोला, “अरे, खुद ही गायब हो गई!” आज तक मना करता है कि उसने बेची थी। वाह केविन!
५. कैंपिंग में रोमांस या अस्पताल का सफर?
एक साल पहले पति-पत्नी ने शादी बचाने के लिए कैंपिंग प्लान की। वहां भी केविन ने दारू पी, झगड़ा किया, और जंगल में जाकर पेड़ के पत्ते से सफाई कर ली — पर वो पत्ता था पॉइज़न ओक का! नतीजा: सीधा इमरजेंसी रूम! एक पाठक ने हँसते हुए लिखा — “भाई, ये रोमांस नहीं, आफ़त है!”
६. पुलिस और “नंगे” केविन की मुलाकात
शराब के नशे में, माँ से चिल्लाते हुए, पुलिस बुलवा ली। दरवाजा खोला तो बिना कपड़ों के, झूमते हुए बोला, "यहाँ कोई नहीं है, छोटे सूअर!" और जेल पहुंच गया। पाठकों में ये लाइन बहुत फेमस हो गई — “ये तो बच्चों की कहानी वाला भेड़िया बन गया!”
७. खुलेआम बेवफाई — और फिर वही बहाना!
एक दिन माँ रसोई में बर्तन धो रही थीं कि बाहर एक औरत आई। केविन उसी के साथ गाड़ी में ‘व्यस्त’ था। पैंट घुटनों तक, नशे में झूमता, घर में घुसा और बोला, "वो तो बस पुरानी दोस्त है!" माँ ने जब बाहर जाकर देखा, तो औरत गाड़ी भगाकर जा चुकी थी। पाठकों ने यहाँ तक कह दिया — “ये तो खुलेआम धोखा है!”
तेरह साल की कैद, आखिर मिली आज़ादी
लोग अक्सर पूछते हैं, “माँ ने इतना सब कुछ क्यों सहा?” असल में, माँ की आर्थिक स्थिति ऐसी नहीं थी कि तुरंत छोड़ पातीं। घर केविन के नाम था, और मजबूरी में उन्हें सब झेलना पड़ा। लेकिन एक दिन केविन को छठवीं बार शराब पीकर गाड़ी चलाने के लिए जेल हो गई। और माँ को आखिरकार वो आज़ादी मिल गई, जिसकी उन्हें बरसों से तलाश थी। डिवोर्स भी मुफ्त में हो गया, क्योंकि अब केविन सरकारी मेहमान है।
पाठकों की राय: हँसी, गुस्सा और राहत
रेडिट पर इस कहानी ने खूब धमाल मचाया। किसी ने कहा, “ये सिर्फ केविनपना नहीं, ये तो शराब का असर है!” एक और पाठक बोले, “केविन तो बेवकूफ होते हैं, ये तो खतरनाक है!” और कुछ ने माँ की हिम्मत को सलाम किया — “तेरह साल ये सब सहना कोई आसान बात नहीं!”
एक पाठक ने तो मजाक में लिखा, “इतना सब झेलने के बाद, माँ खुद भी थोड़ी 'केविना' हो गई होंगी!” इसपर लेखक ने बताया, “माँ मजबूरी में फँसी थीं, अब खुद के पैरों पर खड़ी हैं — शुक्र है!”
अब है सच्ची आज़ादी — और ढेर सारी हँसी!
आज माँ के लिए केविन की बातें बस एक मज़ाक बन कर रह गई हैं। दोनों अब इन किस्सों पर बैठकर हँसती हैं। सच पूछिए तो, हर मुसीबत कभी न कभी यादों का हिस्सा बन ही जाती है — और सबसे ज़रूरी है, मुसीबत से बाहर निकलकर मुस्कुराना सीख लेना।
आपके घर में भी कोई 'केविन' है?
अगर आपके परिवार या रिश्तेदारी में भी कोई ऐसा 'केविन' है, तो नीचे कमेंट में अपनी कहानी ज़रूर साझा करें! और अगर नहीं है, तो भगवान का लाख-लाख शुक्र अदा करें!
आखिर में, एक सलाम उन माँओं को, जो हर मुश्किल में भी मुस्कराना नहीं छोड़तीं।
आपकी राय क्या है? क्या कभी आपने जीवन में ऐसा कोई 'केविन' झेला है? कमेंट करें, शेयर करें और हँसते रहिए — क्योंकि जिंदगी में हँसी सबसे बड़ी आज़ादी है!
मूल रेडिट पोस्ट: After 13 years of being married to Kevin… My mother is finally free!