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हवाई जहाज़ की मिडिल सीट की जंग: जब सैंडविच कुचलकर बदला लिया गया!

एक दक्षिण-पश्चिमी उड़ान में निकासी पंक्ति की सीट पर एक आदमी, दूसरे यात्री की सीट की जेब में सैंडविच रखे हुए।
इस दृश्य में, एक आदमी दक्षिण-पश्चिमी उड़ान पर निकासी पंक्ति में बैठने की अनोखी चुनौतियों का सामना कर रहा है, जहाँ सीट की जेबें कम हैं। अपने सैंडविच के साथ, वह एक साथी यात्री की जेब का रचनात्मक उपयोग करता है, जिससे एक अप्रत्याशित दबाव घटना होती है!

अब बताइए भला, कौन सा भारतीय ऐसा है जिसने कभी बस, ट्रेन या फ्लाइट में सीट को लेकर जुगाड़ या जोड़-घटाव न किया हो? हम सबने कभी न कभी ‘सीट पकड़ना’ या अपनी जगह बचाने के लिए तमाम जुगतें लगाई हैं। पर अमेरिका की Southwest Airlines की इस कहानी में तो दो यात्रियों के बीच सीट और सैंडविच की ऐसी जंग छिड़ी कि सोशल मीडिया पर मज़े ही मज़े आ गए!

जब सीट की लड़ाई ‘सैंडविच’ तक पहुंच गई

तो जनाब, बात कुछ यूं है: Southwest Airlines में सीट पहले आओ, पहले पाओ वाली है – मतलब टिकट तो है, पर सीट पहले पहुंचने वाले के नाम। हमारे नायक (या शायद नायिका), Reddit यूज़र u/PickleNo2013, फ्लाइट में Group C में थे, यानी आखिरी वालों में। अब मिडिल सीट के सिवा और कुछ बचा ही नहीं था।

सामने वाली ‘एग्ज़िट रो’ में एक सज्जन खिड़की वाली सीट पर विराजमान थे – और उनके आगे कोई सीट नहीं, इसलिए पॉकेट भी नहीं। अब क्या किया जाए? उन्होंने अपनी सारी चीज़ें, पानी की बोतल और सैंडविच, मिडिल सीट की पॉकेट में डाल दीं – साफ़ इरादा था कि कोई वहाँ बैठे ही नहीं! पर हमारे ‘हीरो’ कहाँ मानने वाले थे; वो तो जाकर वही मिडिल सीट पर बैठ गए!

जैसे ही बैठते हैं, देखते हैं कि पॉकेट में पहले से किसी और का सैंडविच और बोतल घुसे पड़े हैं। अब उन्होंने क्या किया? अपने पानी की बोतल ऊपर रख दी, जिससे नीचे वाला सैंडविच अच्छी तरह ‘कुचल’ गया! मन में उम्मीद थी कि वो सज्जन अपना सामान हटा लेंगे, पर नहीं – वे टस से मस नहीं हुए!

‘पैसिव एग्रेसिव’ का खेल और मज़ेदार प्रतिक्रियाएँ

हमारे नायक को गुस्सा भी आया और मज़ा भी! उन्होंने ट्रे-टेबल नीचे कर दी ताकि सामने वाले को अगर सामान निकालना हो, तो उनसे पूछना पड़े। पर वो महाशय बड़े ही बेशर्म निकले – ट्रे के नीचे से हाथ डालकर सैंडविच और बोतल निकाल ली, जैसे कुछ हुआ ही न हो! उस समय Reddit राइटर ने थोड़ी एक्टिंग भी की, जैसे कोई अजीब हरकत हो गई हो।

मज़ा तो तब आया जब वो सज्जन जब वॉशरूम गए, अपना फोन और ईयरबड्स ट्रे-टेबल पर रख गए। हमारे नायक ने भी मौका नहीं छोड़ा – दोनों चीज़ें उनकी सीट पर रख दीं, ट्रे ऊपर कर दी और आंखें मूंद लीं! जब वे लौटे तो पूछने लगे, “मेरा सामान कहाँ है?” अब बताइए, कौन कहे कि ‘पैसिव एग्रेसिव’ होना कोई आसान काम है!

सोशल मीडिया की महफ़िल: किसे मिला ‘सैंडविच’ का न्याय?

इस पोस्ट पर Reddit की जनता जमकर हँसी और प्रतिक्रिया दी। एक कमेंट था, “भाईसाहब, इतना बेशर्म कौन होता है!” एक और मज़ेदार सुझाव आया – “अगर वो वॉशरूम जाता, तो सैंडविच उठाकर एयर होस्टेस को दे देते कि ये तो किसी पुराने यात्री का बचा-खुचा सैंडविच है, फेंक दो!”

कुछ लोगों ने ‘सीट पॉकेट’ को लेकर भी अपना डर बताया – “किसी भी पॉकेट में हाथ डालने से पहले सोच लिया करो, पता नहीं पिछले यात्री ने क्या-क्या डाल रखा हो – इस्तेमाल किया हुआ रूमाल, डायपर वगैरह!” सोचिए, अगर भारतीय बसों में भी ऐसा होता तो क्या हाल होता?

यहाँ तक कि किसी ने मज़ाक में कहा, “सीधे कह देना था कि तुम्हारा सामान प्लेन से बाहर फेंक दिया!” और एक सज्जन बोले, “तुम तो असली ‘सीट योद्धा’ हो, चैंपियन!”

भारतीय नज़रिए से: सीट की लड़ाई हर जगह है!

अब ये कहानी भले ही अमेरिकी फ्लाइट की हो, लेकिन इसमें छुपी ‘सीट की राजनीति’ तो हर भारतीय के दिल के बहुत करीब है। रेलवे का RAC, बस में ‘पैसेंजर सीट’ की होड़, या मंदिर में आरती के समय सबसे आगे बैठने की जुगत – हम सबने कभी न कभी सीट के लिए ‘जुगाड़’ किया है।

यहाँ तक कि ऑफिस में भी मीटिंग रूम में सबसे बढ़िया कुर्सी हथियाने की होड़ होती है। और जब कोई आपके हिस्से की जगह, पॉकेट या टेबल पर अपना सामान रख दे – तो गुस्सा आना लाजमी है!

निष्कर्ष: आप क्या करते?

तो भाइयों-बहनों, इस कहानी से दो बातें सीखने को मिलती हैं – एक तो, सीट की लड़ाई कभी खत्म नहीं होती। और दूसरा, अगर कोई आपके हक की जगह हथियाए, तो कभी-कभी थोड़ी सी ‘पैसिव एग्रेसिव’ हरकत में भी अलग ही मज़ा है!

अब आप ही बताइए – अगर आपके साथ ऐसा होता, तो आप क्या करते? क्या आप भी सैंडविच कुचलते, सामान फेंक देते, या सीधा बोल देते? नीचे कमेंट में अपनी राय ज़रूर साझा करें, और हाँ – अगली बार फ्लाइट में सीट चुनते समय अपने सैंडविच का खास ख्याल रखें!


मूल रेडिट पोस्ट: Man in exit row seat without seat pockets used mine, so I squished his sandwich