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होटल में मिला अतरंगी 'गिफ्ट': जब मेहमानों ने बढ़ा दी रिसेप्शनिस्ट की धड़कनें

एक होटल लॉबी की एनीमे चित्रण, जिसमें वयस्क खिलौनों की वेबसाइट के मेहमान हैं।
इस जीवंत एनीमे-शैली के चित्रण के साथ होटल की अनोखी घटनाओं की दुनिया में गोताखोरी करें, जब वयस्क खिलौनों की वेबसाइट से एक समूह चेक-इन करता है। क्या रात में आश्चर्य होंगे?

हमारे देश में 'अतिथि देवो भव:' की परंपरा है, और होटल इंडस्ट्री में तो हर रोज़ नए-नए मेहमानों से दो-चार होना आम बात है। लेकिन सोचिए, अगर किसी दिन आपको अपने काम की जगह पर ऐसा गिफ्ट मिल जाए, जिसे देखकर आपके होश उड़ जाएं, तो क्या होगा? आज की कहानी है एक ऐसे ही होटल रिसेप्शनिस्ट की, जिसे अपने शिफ्ट के अंत में ऐसा 'गिफ्ट' मिला कि घर पहुंचकर माँ-बाप को सफाई देनी पड़ी!

जब मेहमानों ने दी 'सावधानी' की चेतावनी

कहानी शुरू होती है एक साधारण रात से। लिखने वाले ने जैसे ही अपनी ड्यूटी जॉइन की, उनके सहयोगी ने उन्हें अलग से बुलाकर बड़े ही रहस्यमय अंदाज़ में बताया—"भैया, आज एक ग्रुप आया है, जरा ध्यान रखना। ये लोग किसी 'एडल्ट टॉय' वेबसाइट से जुड़े हैं, बाकी मेहमानों ने कुछ शिकायतें भी की हैं।"
अब हमारे देश में 'एडल्ट टॉय' का नाम सुनते ही भौहें चढ़ जाती हैं, और मन में हज़ारों सवाल उठने लगते हैं। लेकिन रिसेप्शनिस्ट ने सोचा, हो सकता है बात बढ़ा-चढ़ाकर कही जा रही हो। आखिरकार, वह भी तो रोज़ न जाने कैसे-कैसे मेहमानों से मिलते हैं!

towels और ice machine की फरमाइशें—कुछ खास नहीं, है ना?

रात बढ़ी और होटल में वही रोज़ का माहौल… बस ये ग्रुप बार-बार towels और ice machine के बारे में पूछता रहा। रिसेप्शनिस्ट ने भी मन ही मन सोचा, "अरे, ये तो आम बात है! मेरे दोस्त ने बेवजह डराया।"
लेकिन असली झटका तो सुबह होना था!

फ्री का बैग और उसमें छुपा 'सस्पेंस'

जैसे-जैसे शिफ्ट खत्म होने लगी, उसी ग्रुप के कुछ लोग रिसेप्शन पर आए और बोले, "भैया, एक बैग चाहिए?"
अब हिंदुस्तानी मन तो फ्री की चीज़ों पर वैसे ही ललचा जाता है! रिसेप्शनिस्ट ने खुशी-खुशी बैग ले लिया और घर रवाना हो गए।
घर पहुंचकर, बैग खोला तो उसमें निकला—ल्यूब (एक प्रकार का चिकनाई वाला जेल), कंडोम (उस वेबसाइट के लोगो के साथ), और एक डिल्डो (एडल्ट टॉय)!
अब घर के माहौल का अंदाज़ा लगाइए—माँ-बाप के सामने कैसे सफाई दी होगी कि "ये मेरा नहीं है!"

जब 'गिफ्ट' बन गया चर्चा का विषय

ऑनलाइन कम्युनिटी में इस किस्से पर जमकर मज़ेदार टिप्पणियाँ हुईं। एक कमेंट में किसी ने चुटकी लेते हुए लिखा, "अरे, मुझे तो पहले ही मैनेजमेंट से इतनी टेंशन मिल रही है, ये गिफ्ट क्यों चाहिए!"
एक और ने लिखा, "भई, ये तो DIY पाप-किट लग रही है!"
किसी ने मस्त हँसी उड़ाते हुए कहा, "शायद ये लोग आपको 'गुड वाइब्स' देना चाहते थे!"
एक सदस्य ने व्यावहारिक सलाह दी कि ऐसे सामान आमतौर पर सील पैकेजिंग में आते हैं ताकि पता चले नया है या नहीं।
वहीं एक और ने बताया कि विदेशों में ऐसे ग्रुप अकसर मार्केटिंग के लिए ऐसे गिफ्ट बांटते हैं, असली पार्टी-वगैरह कम ही होती है।
रिसेप्शनिस्ट ने खुद भी बताया कि उन्होंने उस डिल्डो को मज़ाक-मजाक में अपने दोस्त को 'गैग गिफ्ट' के तौर पर दे दिया, और घरवाले शायद शर्म के मारे उस टॉपिक पर चुप ही रहे।

भारतीय नजरिए से—'अतरंगी गिफ्ट' और हमारी सोच

हमारे यहाँ तो ऐसे गिफ्ट का मिलना किसी 'बॉम्ब' मिलने जैसा होता! सोचिए, अगर किसी होटल के रिसेप्शनिस्ट को ऐसा बैग दे दिया जाए, तो न सिर्फ़ उनके पसीने छूट जाएंगे, बल्कि अगले दिन चाय की दुकान से लेकर घर तक चर्चाएं होंगी—"आजकल के मेहमान भी कितने अजीब हो गए हैं!"
यह किस्सा हमें यह भी सिखाता है कि काम की जगहों पर कोई भी दिन नॉर्मल नहीं होता, और कभी-कभी ऐसी घटनाएँ हो जाती हैं कि जिनका जवाब खुद भगवान भी नहीं दे सकते!
कम्युनिटी के एक सदस्य ने सही कहा—"कभी-कभी माँ-बाप की चुप्पी ही सबसे बड़ी समझदारी होती है!"

निष्कर्ष—आपकी क्या राय है?

तो दोस्तों, यह थी होटल इंडस्ट्री की एक ऐसी मज़ेदार घटना, जिसने रिसेप्शनिस्ट की रात की नींद उड़ा दी।
आपका क्या ख्याल है—अगर आपके साथ ऐसा कुछ हो जाए, तो आप कैसे रिएक्ट करेंगे?
क्या आपको भी कभी किसी मेहमान या कलीग से ऐसा 'अतरंगी' गिफ्ट मिला है?
अपना अनुभव और राय नीचे कमेंट में ज़रूर लिखें।
शायद आपकी कहानी भी अगली बार हमारी ब्लॉग पोस्ट में आ जाए!
रहिए सतर्क, रहिए मुस्कुराते, और अगली अतरंगी कहानी तक पढ़ते रहिए हमारा ब्लॉग!


मूल रेडिट पोस्ट: Thanks for the gift..?