होटल में एक रात: जब मेहमानों की शरारतों ने सबको हिला कर रख दिया
होटल में काम करने वाले लोग अक्सर अजीबोगरीब घटनाओं के गवाह बनते हैं, लेकिन कभी-कभी रात इतनी तूफानी हो जाती है कि यादगार बन जाती है। सोचिए, रात के दो बजे जब आप उम्मीद करते हैं कि सब सो रहे होंगे, तभी किसी कमरे से तेज़ नब्बे के दशक का संगीत और झगड़े की आवाज़ें आनी शुरू हो जाएं! कुछ मेहमान ऐसे होते हैं, जो होटल को शादी-ब्याह की बारात समझ लेते हैं।
यही हुआ एक होटल में, जहां "बॉब" नाम के व्यक्ति ने रात को होटल के स्टाफ की नींद उड़ा दी। इस घटना में न सिर्फ होटल का स्टाफ परेशान हुआ, बल्कि पड़ोसी मेहमान भी सिर पकड़ कर बैठ गए। आइए, जानते हैं उस रात का पूरा किस्सा, जिसमें पुलिस, होटल मालिक और तेज़ संगीत – सबने अपनी-अपनी भूमिका निभाई।
होटल का कमरा नंबर 122 – शांति का दुश्मन
शाम को ड्यूटी संभालते ही रिसेप्शनिस्ट को पता चला कि कमरा 122 में बॉब और उनकी पत्नी के बीच झगड़ा चल रहा है। बॉब ने गुस्से में पत्नी को कमरे से बाहर कर दिया और दरवाजा बंद कर लिया। लगभग 11 बजे यह मामला सामने आया, लेकिन असली तमाशा तो अभी बाकी था।
रात के करीब 2:15 बजे, बगल वाले कमरे से 'जेक' नाम के मेहमान ने रिसेप्शन पर फोन किया – "भैया, 122 वाले तो डीजे चला रहे हैं, कुछ कर सकते हैं?" रिसेप्शनिस्ट कमरे तक पहुंचे, दरवाजा खटखटाया, लेकिन जवाब नहीं मिला – सिर्फ तेज़ संगीत की गूंज। दोबारा खटखटाया, फिर भी कोई असर नहीं।
नाटक का अगला पड़ाव – पुलिस की एंट्री
रिसेप्शन पर लौटकर बार-बार फोन किया गया, लेकिन 122 वाले या तो फोन काट देते, या उठाते ही "क्या चाहिए?" कहकर झल्ला जाते। आखिरकार, जब कोई हल नहीं निकला तो पुलिस को बुलाना पड़ा। मज़ेदार बात ये थी कि कमरे की बुकिंग 'बॉब' के नाम थी, लेकिन फोन उठाया उनकी पत्नी ने। पूछने पर बोली, "मुझे लगा मेरा पति है, इसलिए दरवाजा नहीं खोला।"
जब बताया गया कि पुलिस को बुला लिया गया है और चूंकि वह बुकिंग में दर्ज नहीं थी, उन्हें बाहर जाना पड़ेगा, तो वो नशे में बड़बड़ाने लगीं। होटल मालिक को भी जगाना पड़ा – उम्र 70 के करीब, लेकिन जोश में बोले, "अब तो हैक्सॉ लाना पड़ेगा!"
स्विंग लॉक की कहानी और मेहमानों की जिद
पुलिस आई, मालिक ने हैक्सॉ से दरवाजा खोलवाया, और आखिरकार पत्नी को बाहर निकाला गया। कमरे की चेन कटने का 100 डॉलर जुर्माना भी लगा। तभी बॉब और 106 नंबर कमरे के 'फ्रेंकी' भी आ पहुंचे – दोनों को समझाया गया कि शोर-शराबा माफ नहीं है। बॉब का फोकस, आश्चर्यजनक रूप से, अपनी नींद और फास्ट फूड पर था – पत्नी की गिरफ्तारी से ज्यादा चिंता उन्हें खाने-पीने की लगी थी!
यहां एक कमेंट करने वाले ने बड़े मज़ेदार अंदाज़ में लिखा, "कुछ मेहमान सोचते हैं, पैसे दे दिए तो होटल उनका घर हो गया – जो मन आए करेंगे!" सच में, भारतीय शादी-ब्याह में भी कुछ ऐसे मेहमान मिल ही जाते हैं, जो खुद को मालिक समझ बैठते हैं।
होटल स्टाफ की जुगाड़ और मेहमानों की चालाकी
कई अनुभवी होटल कर्मियों ने कमेंट में अपने किस्से बांटे। एक ने सलाह दी – "अगर मेहमान दरवाजा नहीं खोल रहे, तो उनके कमरे की बिजली काट दो, देखना कैसे बाहर आते हैं!" किसी और ने कहा, "कभी-कभी 'डू नॉट डिस्टर्ब' बोर्ड से भी लॉक खोल सकते हैं, लेकिन इसमें अभ्यास चाहिए।"
एक अन्य ने लिखा, "मेहमान को बार-बार चेतावनी देना जरूरी है, लेकिन जब सब फेल हो जाए तो पुलिस ही आखिरी रास्ता है।" कई लोगों ने होटल मालिक की तारीफ की – इतनी उम्र में भी इतने एक्टिव और मददगार! हमारे यहां भी ऐसे मालिक मिल जाएं, तो समझो किस्मत चमक गई।
होटल की रातें – रोमांच, हंसी और थोड़ी परेशानी
होटल में काम करना वाकई कभी-कभी मूवी जैसा लगता है – यहां हर रोज़ एक नई कहानी, नए किरदार और नए ट्विस्ट मिलते हैं। एक कमेंट में किसी ने लिखा, "होटल का स्टाफ तो जैसे रियलिटी शो का होस्ट है, जो शरारती मेहमानों को 'स्टूपिड गेम्स' जितवाता है और फिर 'स्टूपिड प्राइज़' देता है!"
यह घटना इस बात का उदाहरण है कि होटल में काम करना सिर्फ चाय-पानी देना नहीं, बल्कि कभी-कभी जासूसी, पंचायत और पुलिस का रोल भी निभाना पड़ता है। चाहे भारत हो या विदेश, मेहमानों की करतूतें हर जगह एक जैसी हैं – बस किस्से और कहानियां बदल जाती हैं।
आपकी राय क्या है?
क्या आपके साथ भी कभी होटल या गेस्टहाउस में ऐसा कोई मजेदार या सिरदर्द वाला अनुभव हुआ है? क्या आपको भी ऐसे मेहमान मिले हैं, जो होटल को घर समझ बैठे हों? नीचे कमेंट में अपने किस्से जरूर साझा करें।
इसी तरह की और मजेदार होटल कहानियों के लिए जुड़े रहिए, क्योंकि असली जिंदगी के ये किस्से फिल्मी मसाला से कम नहीं!
मूल रेडिट पोस्ट: Wild night here!