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होटल बुकिंग में ठगी: 'सीधे होटल से' का झांसा, जेब कट गई!

एक कार्टून 3D छवि जिसमें एक मेहमान एक नकली होटल बुकिंग वेबसाइट धोखे से भ्रमित है।
यह जीवंत कार्टून-3D चित्र एक होटल मेहमान की दुविधा को दर्शाता है, जिसे एक धोखाधड़ी बुकिंग वेबसाइट ने गुमराह किया। जानें कि इन धोखों से कैसे बचें हमारे नवीनतम ब्लॉग पोस्ट में!

सोचिए, आप अपने परिवार के साथ छुट्टियों की प्लानिंग कर रहे हैं। नया शहर, नया होटल—और इंटरनेट पर ढूंढते-ढूंढते एक वेबसाइट पर पहुंच जाते हैं जो बिल्कुल असली होटल जैसी लगती है। नंबर भी दिख रहा है, कॉल किया, बात हुई, और रिज़र्वेशन भी हो गया। लेकिन जब होटल पहुंचे, तो न तो वादा किया गया कमरा मिला, न झूले, न जकूज़ी, और न वो शाही खाना, जिसकी बात फोन पर बड़े जोश में हुई थी। ऊपर से क्रेडिट कार्ड में भी $15 की अलग से कटौती! अब आपका मन करे तो सिर पकड़ कर बैठ जाइए या होटल वाले को कोसिए—मगर ठग तो अपना काम कर गए।

कैसे चलता है ये होटल बुकिंग का "जुगाड़"?

दरअसल, आजकल इंटरनेट पर जालसाजों की भरमार है। होटल का नाम सर्च कीजिए, ऊपर-ऊपर "Sponsored" लिंक दिखेगा, जिसमें होटल जैसी वेबसाइट खुलती है, मगर असल में वो किसी 'धूर्त' एजेंसी की साइट होती है। आप जैसे ही उस पर दिए गए नंबर पर कॉल करते हैं, उधर से कोई "होटल कर्मचारी" बनकर बात करता है—कभी-कभी तो हिंदी भी टूटी-फूटी ही बोलेगा, ताकि यकीन और गहरा हो जाए।

ये लोग आपको होटल की असल वेबसाइट को छोड़, अपने ही नेटवर्क से बुकिंग करवाते हैं। साथ में वादों की झड़ी—"जनाब, आपको मिलेगा फायरप्लेस वाला किंग रूम! शहर घूमने के लिए गोल्फ कार्ट भी... और खाना-पानी सब शामिल!" अब असली होटल में तो न गोल्फ कार्ट है, न ही जकूज़ी, और खाना? वो तो आस-पड़ोस के ढाबे या रेस्टोरेंट में मिलेगा; होटल में तो रसोई तक नहीं!

एक Reddit यूज़र ने तो बताया कि उनके यहां एक कपल आया, जिन्हें यकीन था कि होटल के कर्मचारी से ही बात हुई है। मगर वहां तो न कोई लैटिन-अमेरिकन कर्मचारी था, न होटल में टेक्स्ट मैसेज करने की कोई सुविधा! बेचारे कपल के पास मैसेज में कन्फर्मेशन था, मगर होटल वाले बोले—"भैया, ये तो हमारा सिस्टम ही नहीं है!"

धोखा कैसे पकड़ा जाए? जानें, बचें, और दूसरों को भी बताएं

अब सवाल ये कि आखिर इस जाल में फंसने से कैसे बचा जाए?

  • सबसे पहली बात, किसी भी होटल का नंबर गूगल पर सर्च करें, तो "Sponsored" या "विज्ञापन" वाले लिंक से बचें।
  • असली होटल की वेबसाइट का एड्रेस ध्यान से देखें—अक्सर ठगों की साइट का नाम थोड़ा सा अलग या उलझाऊ होता है।
  • अगर फोन पर कोई बहुत ज़्यादा वादे करे—"जल्दी बुक करो वरना ऑफर चला जाएगा", "सीधे मुझसे बुकिंग सस्ती पड़ेगी"—तो सतर्क हो जाएं।
  • बुकिंग के बाद जो कन्फर्मेशन मिले, उसमें होटल का असली लोगो, पता और कोई आधिकारिक मेल/मैसेज हो तो ही भरोसा करें।
  • कभी भी कार्ड से भुगतान करते वक्त अनजान कंपनी या अजीब जगह का नाम दिखे (जैसे यूटा की कोई कंपनी), तो तुरंत सतर्क हो जाएं।

एक कमेंट में किसी ने लिखा, "पुराने ज़माने में जब एड्रेस बार, एड्रेस बार ही था—अब तो वही सर्च बार बन गया है, और ठगों की चांदी हो गई!" कितनी सटीक बात है। आजकल तो 'तीसरे' नहीं, 'चौथे' पार्टी वाले भी मैदान में कूद पड़े हैं। कोई 'सुपर' नाम से कंपनी बनाता है, कोई 'सेंट्रल रिजर्वेशन' के नाम पर सब्जबाग दिखाता है।

होटलवालों की भी आफत: ठगों की वजह से बदनाम

सोचिए, होटल वाले बेचारे क्या करें? असल में तो गेस्ट से झगड़ा उन्हीं बेकसूर कर्मचारियों से होता है। किसी कमेंट ने बहुत सही लिखा—"गेस्ट को सपने दिखाए ये लोग, और जब हकीकत पता चले तो गुस्सा होटल स्टाफ पर। अब न हमारे पास जिम है, न सूट, न रोलअवे बेड... मगर गेस्ट तो यही समझेगा कि होटल ने धोखा दिया!"

एक होटल कर्मचारी ने तो मजाकिया अंदाज में लिखा—"अगर मुझे हैकिंग आती, तो खुद ही इनकी साइट बंद कर देता!" किसी और ने जोड़ा—"तीसरी पार्टी साइट्स भी कम ठग नहीं, मगर ये तो कमाल ही कर गए।"

क्या इन ठगों पर कोई लगाम है?

कई लोग पूछते हैं, "ये खुलेआम झूठ बोलते हैं, तो क्या अमेरिका में नियम-कानून नहीं हैं?" जवाब थोड़ा निराशाजनक है—ये लोग इतनी चतुराई से 'कानूनी सीमा' पर रहते हैं कि पकड़ना मुश्किल होता है। आमतौर पर वेबसाइट के किसी कोने में छोटा सा डिस्क्लेमर डाल देते हैं कि "हम होटल के नहीं हैं", मगर 99% लोग उसे देखते ही नहीं। फोन पर भी, आप खुद कॉल कर रहे हैं—तो आपकी जिम्मेदारी।

एक सुझाव आया कि "स्पॉन्सर्ड लिंक" ही बंद कर दो, ताकि ठगों को ऊपर दिखने का मौका ही न मिले। कोई बोला—"ऐसे मामलों में क्रेडिट कार्ड कंपनी से शिकायत करो, या गूगल को रिपोर्ट करो, शायद कुछ असर हो जाए।"

पाठकों से सवाल: क्या आपके साथ भी ऐसा कुछ हुआ है?

अंत में, ये कहानी आपको सिर्फ डराने के लिए नहीं, बल्कि सतर्क करने के लिए है। अगली बार कहीं भी ऑनलाइन होटल, गाड़ी, या कोई भी सर्विस बुक करें, तो चार आंखें खोलकर बुकिंग करें। और हां, अपने दोस्तों-रिश्तेदारों को भी ज़रूर बताएं—क्योंकि 'अनुभव से बड़ा कोई शिक्षक नहीं' और 'दूसरे की गलती से सीखना ही समझदारी है'।

क्या आपके साथ भी कभी ऐसा धोखा हुआ है? या किसी जानने वाले के साथ? अपने अनुभव नीचे कमेंट में शेयर करें, ताकि और लोग भी सतर्क हो सकें।

सावधान रहें, मुस्कराते रहें, और अगली बार होटल बुकिंग करें तो ठगों की माया से बचें!


मूल रेडिट पोस्ट: The scamming reservation website