होटल का सबसे बड़ा रहस्य: वो सोफ़े के नीचे क्या छुपा था?
क्या आपने कभी सोचा है कि छोटे शहरों के होटल्स में असल में क्या-क्या गड़बड़ चलता है? हम अक्सर बॉलीवुड फिल्मों में होटल की कहानियाँ देखते हैं, लेकिन असल जिंदगी में जो होता है, वो कई बार उससे भी ज़्यादा फिल्मी और मज़ेदार निकलता है। आज मैं आपको एक ऐसी ही घटना सुनाने जा रहा हूँ, जिसे पढ़कर आप हँसी भी रोक नहीं पाएंगे और सोच में भी पड़ जाएंगे – "क्या सच में ऐसा होता है?"
होटल की दुनिया: बाहर से सजा, अंदर से सड़ा
यह किस्सा है वॉशिंगटन स्टेट के एक छोटे, बदनाम होटल का, जो कनाडा की सीमा के पास था। होटल का नाम तो गुप्त रहेगा, लेकिन आप समझ सकते हैं – जहाँ मालिकों का ऑफिस हर वक्त प्याज़, करी और गैस की बदबू से भरा हो, वहाँ काम करना अपने आप में एक एडवेंचर है। मालिक दो भाई थे – और उनका ऑफिस इतना महकता था कि अगर कोई फ्रंट डेस्क पर खड़ा हो, तो उसकी नाक अपने आप बंद हो जाए!
अब आते हैं उस होटल की जीएम पर – लाल बाल, लाल लिपस्टिक (जो अक्सर दाँतों पर ही रह जाती थी), और हर वक्त ऐसे घूमती जैसे टीवी सीरियल की कोई खलनायिका। एक दिन मैंने सिरदर्द की शिकायत की, तो मैडम ने Oxycontin की गोली ही थमा दी! मतलब, "दर्द है? लो, नशा कर लो।" ऑफिस के माहौल में जितना मसाला चाहिए था, यहाँ उससे कहीं ज़्यादा था।
जेल से सीधे होटल की नौकरी: "भरोसा है, बस थोड़ासा रिस्क है!"
होटल का हाउसकीपर (houseman) अचानक नौकरी छोड़ गया। जीएम बोलीं – "कोई बात नहीं, मेरा एक दोस्त है, बिलकुल भरोसेमंद। बस...वो अभी जेल में है, पर वर्क रिलीज़ पर बाहर आएगा।" ज़रा सोचिए, हमारे देश में अगर किसी ऑफिस में ऐसा हो तो लोग घर बैठ जाएँ! लेकिन यहाँ तो सब चलता है।
शुरू-शुरू में सब ठीक-ठाक चला, लेकिन धीरे-धीरे मामला गड़बड़ाने लगा। नया हाउसकीपर हमेशा अजीब सा रहता, रेडियो का जवाब नहीं देता। मैंने सोचा – भाई को शायद थोड़ी आज़ादी चाहिए, आखिर जेल से निकला है।
कमरे के अंदर की अजीब हरकतें: "कुशन के नीचे क्या है?"
एक दिन जब सारे मेहमान चेकआउट कर चुके थे, मैं रूटीन इन्स्पेक्शन कर रहा था। एक खाली सुइट के पास से गुज़रा तो अंदर से आवाज़ें और अजीब सी गंध आई। दरवाज़ा बंद था, अंदर से बोल्ट लगा हुआ। मैंने "हाउसकीपिंग!" बोलकर दो-तीन बार खटखटाया, कोई जवाब नहीं। जब तक फ्रंट डेस्क से डेडबोल्ट खोलने की 'चाबी' लाया, कमरा खाली! मगर बिस्तर, सोफ़ा सब अस्त-व्यस्त, टॉयलेट खुला पड़ा।
इतने में होटल के बाहर से किसी गाड़ी के तेजी से निकलने की आवाज़ आई – जैसे फिल्म में 'चोर भाग गया' वाला सीन! हाउसकीपर गायब, रेडियो साइलेंट! जीएम को फोन किया – उन्होंने बोला, "पुलिस बुलाओ।"
पुलिस आई, कमरे में झांक के निकल गई – "कुछ नहीं मिला, आपकी बात बनाम उसकी बात।" वाह! अब मैं अकेले एक संदिग्ध के साथ ड्यूटी भी करूँ?
असली खोज: पुलिस का काम, होटल स्टाफ ने किया!
पुलिस के जाने के बाद मुझे लगा – "कुछ तो गड़बड़ है दय्या!" मैंने जीएम को समझाया कि दोबारा कमरे में चलते हैं। अंदर घुसते ही सोचा – अगर मुझे जल्दी में कुछ छुपाना हो, तो कहाँ रखूँगा? सीधा सोफ़े के कुशन उठाया – और वहाँ टिशू में लिपटा हुआ क्रैक पाइप! मतलब, इतना 'ऑब्वियस' जगह, पुलिस ने देखना ही ज़रूरी नहीं समझा।
जीएम बोलीं – "पुलिस को फिर बुलाओ!" आए, पाइप उठाया और बोले – "अब तो वो गया।" मैंने पूछा, "यहाँ देखा नहीं था?" बोले – "अब चिंता मत करो, अब उससे छुटकारा मिल गया।" वाह पुलिसिया कामदारी!
पाठकों की प्रतिक्रियाएँ: "जहाँ खाते हो, वहीं मत..."
इस घटना के बाद ऑनलाइन कम्युनिटी में भी चर्चा हुई। एक पाठक ने लिखा – "अरे भैया, जो अपराधी है, उसे तो ये समझना चाहिए कि जहाँ खाते हो, वहीं गंदगी मत फैलाओ। आखिर पकड़े तो जाओगे ही!" (कुछ-कुछ हमारी 'अपना घर साफ़ रखो' वाली कहावत की तरह)। एक और ने चुटकी ली – "कोई भी पुलिसवाला अगर हमारी भारतीय पुलिस की तरह हर जगह झांकता, तो शायद पहले ही मामला पकड़ में आ जाता!"
एक स्थानीय पाठक ने लिखा – "हमारे शहर में भी एक होटल था, जिसे ड्रग्स की वजह से गिरा दिया गया। सौभाग्य से आप सही-सलामत बाहर आ गए।" ऐसे अनुभव भारत के छोटे शहरों में भी कम नहीं मिलते। कभी-कभी तो लगता है – होटल कम, क्राइम सीरियल का सेट ज़्यादा है!
नतीजा: होटल की नौकरी – आसान नहीं, पर मज़ेदार ज़रूर!
इस कहानी से ये तो साफ़ है कि होटल में काम करना मतलब सिर्फ़ 'स्वागत' और 'साफ़-सफाई' नहीं, कभी-कभी जासूसी और पुलिस का काम भी करना पड़ सकता है। आप चाहे किसी बड़े ब्रांड में हों या छोटे 'इन' में, हर जगह अपनी-अपनी चुनौतियाँ हैं। और हाँ, अगली बार जब आप किसी होटल में जाएँ, तो ज़रा सोफ़े के नीचे भी देख लें – क्या पता कोई और 'रहस्य' छुपा हो!
क्या आपके साथ भी कभी किसी होटल में अजीब अनुभव हुआ है? नीचे कमेंट में ज़रूर बताइए, और अगर आपको ये किस्सा पसंद आया हो, तो शेयर करना मत भूलिए – वरना अगली बार आपके होटल के सोफ़े के नीचे भी कुछ निकल सकता है!
मूल रेडिट पोस्ट: Found It!