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होटल की रिसेप्शन पर लाइव तलाक: जब रूम बुकिंग से ज़्यादा ड्रामा मिल गया

एक आदमी होटल में चेक इन कर रहा है, हाथ में बीयर लिए हुए, रिसेप्शन पर तलाक की तनावपूर्ण स्थिति के बीच।
एक सिनेमाई लम्हा, जिसमें एक आदमी होटल में चेक इन करता है, हाथ में बीयर लिए, हाल ही में हुए तलाक की अराजकता को उजागर करता है।

अगर आपको लगता है कि होटल के रिसेप्शन पर सबसे ज्यादा सिरदर्दी सिर्फ चेक-इन और चेक-आउट में होती है, तो ज़रा ठहर जाइए! असली ड्रामा तो वहां शुरू होता है, जहां ‘रूम सर्विस’ की जगह ‘रिश्तों का सर्विस’ चल रहा हो। आज मैं आपको सुनाने जा रहा हूँ एक ऐसी घटना, जिसे पढ़कर आपको लगेगा जैसे किसी बॉलीवुड फिल्म का क्लाइमेक्स आपके सामने घट रहा है – और वो भी होटल की लॉबी में, सबके सामने!

होटल की लॉबी बना ‘रिश्तों का रंगमंच’

सोचिए, आप होटल के रिसेप्शन पर खड़े हैं, सामने एक अधेड़ उम्र का आदमी चेक-इन कर रहा है। आते ही पहला डायलॉग मारता है – "भैया, ये दो दिन में तीसरा होटल है, पिछले दोनों ने मुझे झगड़े की वजह से निकाल दिया।" उसके हाथ में बियर की केन, चेहरे पर बेफिक्री। पेमेंट करते-करते पत्नी को पागल बताने लगता है – "छुट्टियों पे आए थे, लेकिन अब अलग-अलग घूम रहे हैं।"

अभी दस मिनट भी नहीं बीते कि उसकी पत्नी गुस्से में आग-बबूला होकर रिसेप्शन पर पहुँचती है। चीख-पुकार, गालियाँ, और फिर शुरू होता है असली तमाशा! पत्नी उसके सारे कच्चे-चिट्ठे खोलने लगती है – "तूने हर दिन नई औरत को घर बुलाया, हमारे बेड पर, हमारे सोफे पर... देख, ये रहा सबूत!" और मोबाइल निकालकर वीडियो चलाने लगी, जिसमें बकौल सुनने वालों के, ‘ओह-आह’ की आवाज़ें साफ़ सुनाई दे रही थीं।

सभ्यता की हदें पार, होटल स्टाफ का सब्र का इम्तहान

अब आप सोचिए होटल के कर्मचारी की हालत! एक कमेंट में किसी ने लिखा – "भैया, ऐसे आदमी को तो होटल में घुसने ही नहीं देना चाहिए था।" लेकिन ज़मीन पर हकीकत कुछ और ही होती है। असली कर्मचारी (जिन्होंने Reddit पर ये कहानी सुनाई) बताते हैं कि बॉस का ऑर्डर है – "पैसा आए, चाहे कैसा भी गेस्ट हो, मना मत करना, वरना रिजर्वेशन के पैसे तुझसे कटेंगे!" यानी ग्राहक राजा, चाहे वो राजा रवि वर्मा की पेंटिंग हो या रावण के अवतार में होटल में घुसा हो!

अक्सर हम सोचते हैं कि होटल वाले मनमर्जी से किसी को भी रोक सकते हैं, लेकिन यहाँ तो हालत ऐसी है कि कर्मचारी बोले – "अब तो बस गेस्ट आए, चाबी दो, और ऊपरवाले से दुआ करो कि कमरे की हालत ठीक रहे।" एक कमेंट में कुछ यूं भी कहा गया – "अगर होटल वाले ऐसे लोगों को जगह दे रहे हैं, तो फिर कमरे के साथ-साथ लॉबी में भी फ्री शो मिलता है!"

रिश्तों का खुलासा और ‘गैसलाइटिंग’ का खेल

पत्नी ने सारे सबूत गिना दिए, मगर पति का रटा-रटाया जवाब – "तुम पागल हो, तुम्हें डॉक्टर की ज़रूरत है, ये सब टीवी की आवाज़ है।" यानि सामने वीडियो चल रहा है, फिर भी वही बहाना – "कुछ नहीं हुआ, तुम्हारी गलतफहमी है।" हिंदी फिल्मों के ‘शरद’ या ‘प्रेम’ भी इतने बड़े गैसलाइटर नहीं होते जितना ये महाशय निकले!

यहाँ Reddit के एक मजेदार कमेंट की याद आती है – "भैया, ये ‘शगी’ वाला डिफेंस है – वो मैं नहीं था!" (शगी, Scooby Doo वाला किरदार, जो हमेशा बहाने बनाता है)। मज़ाक अपनी जगह, लेकिन इस तरह की बातें सुनकर हर कोई हैरान था कि आखिर इतनी बेइज्जती और सबूत के बावजूद आदमी क्यों अपनी गलती मानने को तैयार नहीं?

होटल की ताजगी या रिश्तों की बदबू?

होटल में रहना, घूमना-फिरना किसे पसंद नहीं? मगर जब रिश्तों की खिचड़ी होटल की लॉबी में पकने लगे, तो न आसपास के मेहमान चैन से रह पाते हैं, न स्टाफ। एक और कमेंट ने तो सीधा कह दिया – "अब तो होटल वालों को लिख देना चाहिए – हमारे यहाँ कमरे के साथ मुफ्त ड्रामा भी मिलता है!"

सोचिए, अगर यही सीन किसी दिल्ली, मुंबई या लखनऊ के होटल में होता, तो तुरंत स्टाफ, सिक्योरिटी, पुलिस – सबकी एंट्री हो जाती। मगर यहाँ, मैनेजर बेचारा बस तमाशा देखता रह गया। एक और कमेंट में किसी ने व्यंग्य में लिखा – "अब समझ आया, होटल मैनेजर की नौकरी में सबसे जरूरी स्किल है – खुद को ड्रामे का हिस्सा न बनने देना।"

निष्कर्ष: होटल है या ‘कुटुम्ब’ का सेट?

इस किस्से से एक बात साफ है – ‘जहाँ लोग, वहाँ कहानी।’ होटल की दीवारों के पीछे न जाने कितने राज़, कितनी कहानियाँ छुपी होती हैं। रिसेप्शन पर बैठा कर्मचारी कई बार न चाहते हुए भी रिश्तों की जंग का गवाह बन जाता है। और हम-आप, जो बाहर से सिर्फ चेक-इन और चेक-आउट देखते हैं, हमें अंदाजा भी नहीं कि कभी-कभी होटल की लॉबी ही सबसे बड़ा रंगमंच बन जाती है!

आपका क्या ख्याल है, अगर आप होटल स्टाफ होते तो ऐसे ड्रामे में क्या करते? क्या आपको भी कभी ऐसा तमाशा देखना पड़ा है? कमेंट में जरूर बताइए – कौन जाने, आपके पास भी कोई दिलचस्प किस्सा हो जिसे हम सब पढ़ना चाहें!


मूल रेडिट पोस्ट: Just witnessed a divorce right in front of me at the front desk