विषय पर बढ़ें

होटल की रिसेप्शन पर एकदम नंगा मेहमान! ऐसी घटना, जिसे सुनकर आप हँसी रोक नहीं पाएँगे

भाई साहब, होटल में रिसेप्शनिस्ट की नौकरी वैसे भी आसान नहीं होती, लेकिन कभी-कभी ऐसी घटनाएँ हो जाती हैं जिनकी कोई कल्पना भी नहीं कर सकता! सोचिए, आप शांत रात में ऑफिस में बैठे हैं, और अचानक सामने एक मेहमान एकदम नंगा आकर खड़ा हो जाए – न शरम, न लिहाज, बस सीधा ‘प्राकृतिक’ रूप में! ऐसी स्थिति में क्या करें, कहाँ देखें, किससे कहें? चलिए आज आपको एक ऐसी ही सच्ची घटना सुनाते हैं, जिसे जानकर आप भी कहेंगे – “ये तो फिल्मों में भी नहीं दिखता!”

जब ‘नैतिक संकट’ रिसेप्शन पर पहुँच गया

यह किस्सा है एक होटल के नाइट शिफ्ट रिसेप्शनिस्ट का, जिनका नाम हम यहाँ ‘राजेश’ मान लेते हैं। राजेश, रात के समय कागज़ी काम में मशगूल थे कि अचानक कदमों की आवाज़ आई। सोचा कोई मेहमान होगा, लेकिन जैसे ही बाहर निकले, सामने एक आदमी... एकदम नंगा! न कोई तौलिया, न कपड़ा, न चप्पल – बस शर्मिंदगी से लाल चेहरा और हाथ से थोड़ी इज्ज़त बचाने की कोशिश।

राजेश की हालत सोचिए – न तो आईडी माँग सकते, न और कुछ पूछ सकते। और ऊपर से उस साहब का कमरा सीधा छठवीं मंज़िल पर! बेचारे को ऐसे ही लिफ्ट से नीचे आना पड़ा, दुआ करते हुए कि कोई देख न ले। होटल की फिल्मों में तो ऐसे सीन कॉमेडी का हिस्सा होते हैं, लेकिन जब असल ज़िंदगी में हो, तो रिसेप्शनिस्ट के पसीने छूट जाते हैं!

कम्युनिटी के अनुभव: ‘तौलिया हमेशा पास रखो!’

जब यह कहानी Reddit पर शेयर हुई, तो होटल इंडस्ट्री के कई अनुभवी लोगों ने अपने-अपने किस्से और सलाहें शेयर कीं। एक अनुभवी कमेंटेटर ‘टोनी’ ने लिखा, “भैया, मैं तो हमेशा काउंटर के नीचे एक बाथरोब (स्नानवस्त्र) रखता हूँ! न जाने कब कौन किस हाल में आ जाए, कम से कम कुछ तो ढंक ले!” कई लोग बोले, ऐसी घटनाएँ आम हैं – कभी कोई नशे में, कभी कोई नींद में चलकर, तो कोई बर्फ लेने के चक्कर में, कपड़े और चाबी दोनों कमरे में छोड़ आता है।

एक बहन जी ने तो मज़ेदार बात कही – “मेरे पति को देखो, इमरजेंसी में सबसे पहले पानी लाकर देते हैं – चाहे कुत्ते को स्कंक ने काटा हो, या बर्ड विंडो से टकरा गई हो! अब ऐसा आदमी अगर होटल में होता, तो शायद नंगे मेहमान पर भी पानी डाल देता!”

शर्मिंदगी, हँसी और जुगाड़ – ‘जैसे-तैसे निपटाओ, जल्दी!’

राजेश ने किसी तरह अंदाज़ा लगाकर सही कमरे की चाबी दी – गलत चाबी मिलने पर सोचिए, अगर यह साहब किसी और के कमरे में ऐसे ही घुस जाते! खुदा का शुक्र, लिफ्ट बंद होते ही कोई और पीछे से नहीं आ गया, वरना पूरे होटल में बवाल मच जाता।

राजेश की बीवी ने बाद में तसल्ली से पूछा, “तुमने उसे ढकने के लिए कुछ दिया?” बेचारे ने सिर पकड़ लिया – “सोच ही नहीं पाया! बस दिमाग में था, इसको जितनी जल्दी हो सके ऊपर भेजो।” बीवी बोली – “अगर औरत होती तो?” राजेश बोले – “तब शायद दिमाग काम करता, पर उस टाइम बस जल्दी-जल्दी सब निपटाने की पड़ी थी।”

होटल वालों की सलाह: ‘होटल में कभी भी नंगे मत घूमो!’

कमेंट्स में कई लोगों ने सलाह दी – “भैया, होटल के कमरे में हूँ तो भी थोड़े कपड़े पहनकर सोओ! नींद में उठकर कभी बर्फ लेने निकलोगे, कभी गलत दरवाज़ा खोल दोगे, और फिर रिसेप्शनिस्ट की जान आफत में डाल दोगे!” एक और कमेंट में बताया गया कि ऐसे नंगे मेहमानों को देख होटल स्टाफ ने जल्दी से तौलिया थमा दिया और फिर CCTV में देखकर हँसी रोक नहीं पाए।

कुछ ने तो यह भी कहा कि ऐसे मेहमानों की वजह से होटल स्टाफ के पास तौलिया या बाथरोब हमेशा स्टॉक में रहता है। “कौन जाने, अगला ‘न्यूड’ कौन निकले!”

निष्कर्ष: ऐसी कहानियाँ क्यों जरूरी हैं?

अब सोचिए, ऐसी घटनाएँ भारतीय होटलों में भी हो सकती हैं – बस हमारे यहाँ लोग थोड़े संकोची हैं, या फिर ‘चादर लपेट’ कर ही रिसेप्शन तक पहुँचते हैं! लेकिन सीख यह है कि इमरजेंसी में दिमाग ठंडा रखो, रिसेप्शनिस्ट हो या मेहमान – दोनों की इज्ज़त बराबर अहम है!

और हाँ, अगर कभी किसी होटल में ऐसी घटना हो जाए, तो रिसेप्शनिस्ट को दोष मत दीजिए – बेचारे की रात खराब हो चुकी होती है! और अगली बार अगर आप होटल में ठहरें, तो बिस्तर के पास एक तौलिया या कोई कपड़ा ज़रूर रखिए – कौन जाने, कब किस्मत पलट जाए!

क्या आपके साथ भी कभी ऐसा कुछ हुआ है? या कोई मजेदार होटल किस्सा है? हमें कमेंट में जरूर बताइए!

अगली बार ऐसी और मसालेदार कहानियों के लिए जुड़े रहिए – क्योंकि होटल की दुनिया में हर रात कुछ नया होता है!


मूल रेडिट पोस्ट: Yeah, I can't make this up!