होटल के कमरे में ‘नास्तिक आत्माएँ’: जब मेहमानों की बातें सुनकर रिसेप्शनिस्ट भी चौंक गए!
कहते हैं, ‘अतिथि देवो भवः’, लेकिन कभी-कभी कुछ मेहमान ऐसी-ऐसी बातें कह जाते हैं कि भगवान भी माथा पकड़ लें! होटल की रिसेप्शन पर काम करना वैसे भी आसान काम नहीं है, ऊपर से अगर कोई मेहमान सुबह-सुबह आत्माओं की शिकायत लेकर आ जाए, तो बताइए रिसेप्शनिस्ट की हालत क्या होगी?
आज हम आपको एक ऐसी सच्ची घटना सुनाने जा रहे हैं, जिसमें एक होटल की नई-नवेली रिसेप्शनिस्ट को न केवल अजीब मेहमानों से जूझना पड़ा, बल्कि आत्माओं के किस्से सुनकर उसकी ट्रेनिंग भी यादगार बन गई!
आत्माएँ भी अब होटल में रहने लगीं?
बहुत से लोग मानते हैं कि होटल के कमरे थोड़े रहस्यमयी होते हैं—कभी कोई देर रात दरवाजा खटखटाता है, कभी किसी को खिड़की के बाहर साया दिख जाता है। लेकिन इस कहानी में तो बात ही अलग थी! अमेरिका के एक होटल में एक महिला मेहमान करीब हफ़्ते भर से रुकी थी। जब वह चेक-आउट करने लगी, तो उसकी घबराई-घबराई आवाज़ में रिसेप्शनिस्ट से बोली, “उस कमरे में कुछ नास्तिक आत्माएँ हैं, जो मुझे अजीब-अजीब बातें कह रही हैं!”
सोचिए, सुबह-सुबह चाय की चुस्की लेते हुए आपको कोई कहे, “मुझे आत्माएँ परेशान कर रही हैं,” तो आप क्या करेंगे? नया स्टाफ था, लेकिन उसने भी बड़े ही धैर्य से जवाब दिया, “आप उन आत्माओं की बातों पर ध्यान मत दीजिए।”
होटल कर्मचारियों की दुनिया: कभी हँसी, कभी सिरदर्द
होटल में काम करने वालों के लिए ऐसे वाकये रोज़ की बात हैं। एक कमेंट में एक व्यक्ति ने लिखा—“ड्रग्स भी क्या चीज़ है! एक महिला ने मुझे टूटा हुआ क्रेडिट कार्ड दिया और बोली, ‘मेरी दादी की आत्मा ने कहा था बैंक पर भरोसा मत करो, इसलिए मैंने कार्ड काट दिया, लेकिन नंबर तो फिर भी काम करेगा।’”
होटल रिसेप्शनिस्ट के लिए यह आम बात है कि कभी कोई मेहमान खिड़की के बाहर छायाएँ देखने लगता है, तो कोई भगवान से झगड़ने की योजना बना रहा होता है। एक और कमेंट ने तो हद ही कर दी—“रात 1 बजे एक महिला ने फोन किया और धीरे से बोली, ‘छायाएँ गुजर रही हैं, लेकिन आपको चिंता करने की ज़रूरत नहीं, वे मेरे लिए हैं।’ ऐसी घटनाएँ कभी-कभी कर्मचारियों को इतना डरा देती हैं कि वे नौकरी ही छोड़ देते हैं!”
आत्माओं से ज्यादा डरावना क्या है? ‘नास्तिक’ शराब!
इस पोस्ट पर चर्चा करते हुए कई लोगों ने ‘नास्तिक आत्माओं’ की तुलना ‘नास्तिक शराब’ से कर डाली। कोई बोला—“हमारे होटल में एक महिला आत्मा है, जो मेहमानों के बिस्तर में घुस जाती है, लेकिन कम से कम वह बात नहीं करती!” एक और साहब बोले—“मैं और मेरी पत्नी बीयर के संग्रहालय गए थे, वहाँ सबसे खराब बीयर कौन-सी है, इसी पर बहस हो गई। फिर पता चला, ‘Bugweiser Light और Clamato’ सबसे बदनाम ड्रिंक है!”
होटल में शराब की बिक्री करने वाले एक कमेंटकर्ता ने हँसते हुए कहा, “भाई, आपको हैरानी होगी कि इतनी खराब शराब भी लोग खरीदते हैं!”
मानसिक स्वास्थ्य और अंधविश्वास: कहाँ खींचें लकीर?
ऐसी घटनाओं को देखकर कई लोग सोचने लगते हैं कि यह सब मानसिक बीमारी का नतीजा है या फिर अंधविश्वास? एक कमेंट में लिखा था—“अफसोस की बात यह है कि बहुत से लोग बिना किसी मानसिक बीमारी के भी इस तरह की बातों पर विश्वास कर लेते हैं।”
हमारे देश में भी कभी-कभी लोग होटल में पूजा-पाठ करवाने की मांग कर देते हैं, या ‘वास्तु दोष’ का हवाला देकर कमरा बदलने की जिद पर अड़ जाते हैं। लेकिन पश्चिमी देशों में ‘स्पिरिट्स’ यानी आत्माएँ, शरारती भूत-प्रेत और ‘malört’ जैसी खराब शराब—इन सबकी बातें आम हैं!
होटल वालों की सलाह: ‘धैर्य और मुस्कान ही सबसे बड़ी दवा’
कहानी चाहे जितनी अजीब हो, होटल कर्मचारियों की ट्रेनिंग यही कहती है—‘कभी भी ग्राहक की बात को हल्के में मत लो, और मुस्कराते रहो।’ आखिरकार, अतिथि चाहे कैसा भी हो, उसकी शिकायत का समाधान करना ही असली चुनौती है।
इस घटना में भी रिसेप्शनिस्ट ने बड़े धैर्य से न केवल मेहमान को सुना, बल्कि उसकी चिंता को गंभीरता से लिया। भले ही होटल के जीएम ने बाद में कमरे की सफाई करवाई या नहीं, लेकिन एक बात तय है—इस तरह की कहानियाँ होटल कर्मचारियों के लिए रोज़मर्रा की जिन्दगी का हिस्सा हैं, और इन्हीं से काम में मज़ा भी आता है!
निष्कर्ष: आपके होटल के अनुभव कैसे रहे?
आपने कभी किसी होटल में कोई अजीब या डरावनी घटना देखी है? या आपके परिवार में कोई ऐसा किस्सा हुआ हो जो आज तक याद हो? अपने अनुभव नीचे कमेंट में जरूर शेयर करें!
और हाँ, अगली बार जब होटल में रुकें, तो कमरे में आत्माओं से ज्यादा, वहाँ के कर्मचारियों की मुस्कान और धैर्य को सलाम करना न भूलें!
मूल रेडिट पोस्ट: Nasty Spirits