होटल इंटरव्यू का तमाशा: जब इंटरव्यू पुलिस बुलाने की नौबत आ गई!
होटल इंडस्ट्री की दुनिया बाहर से जितनी चमकदार दिखती है, अंदर से उतनी ही अजीब और रंगीन है। सोचिए, आप एक नई नौकरी की तलाश में इंटरव्यू देने जाएं और वहाँ ऐसा तमाशा हो जाए कि लगने लगे—“बस, भगवान बचाए!” कुछ ऐसा ही हुआ एक अनुभवी होटल कर्मचारी के साथ, जिसकी कहानी आज हम आपके लिए लाए हैं।
होटल इंडस्ट्री: बाहर से सजा, अंदर से तमाशा
हमारे नायक, जिनके पास होटल इंडस्ट्री का दस साल का तजुर्बा है, ने सोचा कि चलो इस बार ‘फुल सर्विस’ होटल छोड़कर ‘लिमिटेड सर्विस’ होटल में इंटरव्यू देते हैं। सोचा था—पैसे भी ठीक मिलेंगे और काम-जीवन में संतुलन भी आ जाएगा। लेकिन किस्मत ने उन्हें ऐसी जगह पहुँचा दिया, जहाँ ‘संतुलन’ तो दूर, पूरे होटल का स्टाफ ही डगमगाया हुआ था!
होटल पहुँचे, तो रिसेप्शन पर दस मिनट तक कोई नहीं दिखा। फिर एक हाउसकीपर दिखी, और एक लड़का भागता-भागता लिफ्ट की ओर दौड़ा। तभी एक बेतरतीब कपड़े पहना, घबराया-सा एजेंट आया और बोला—“इंटरव्यू के लिए आए हैं? GM अभी बिज़ी हैं, थोड़ी देर रुकिए।”
इसी बीच, हमारे नायक के दिमाग़ में वो ‘This is fine’ वाला मीम घूम गया—जैसे आग लगी हो और कुत्ता आराम से बैठा हो! अब आप ही सोचिए, ऐसी स्थिति में कौन शांत रह सकता है?
होटल में मच गया महाभारत: इंटरव्यू या ड्रामा शो?
पच्चीस मिनट इंतज़ार के बाद, किसी तरह लिफ्ट से लीड इंजीनियर को बाहर निकाला गया, और इंटरव्यू शुरू हुआ। लेकिन होटल के महाप्रबंधक (GM) का हाल ऐसा था, मानो किसी टीवी शो के बुरे विलेन हों—ऑफिस में कागजों का ढेर, डेस्क कहीं दिखाई ही नहीं दे रही। इंटरव्यू के दौरान हमारे नायक लगातार बाहर निकलने का रास्ता ढूंढते रहे।
तभी अचानक, वही घबराया हुआ लड़का भागता हुआ आया और चिल्लाया—“वो पुलिस बुलाने वाली है, मैंने उसे छुआ तक नहीं, वो पागल औरत है!” और उसके पीछे-पीछे Assistant GM, जिनके चेहरे पर टैटू और चेहरे में पियर्सिंग—बिल्कुल किसी बॉलीवुड विलेन की तरह! दोनों के बीच गाली-गलौज और लड़ाई—और ये सब होटल के मेहमानों के सामने।
अब सोचिए, इंटरव्यू लेने आए उम्मीदवार की हालत क्या होगी? एक कमेंट करने वाले ने खूब लिखा— “आपने गोली से बचने के साथ-साथ फ्री में नाटक भी देख लिया!” सच में, नाटक भी ऐसा कि रामलीला भी शर्मिंदा हो जाए।
होटल के रिव्यू: लाल झंडियाँ और कड़वे सच
कहते हैं, “जहाँ धुँआ होता है, वहाँ आग भी जरूर होती है।” हमारे नायक ने भी होटल के ऑनलाइन रिव्यू पढ़े थे, लेकिन सोचा था—“शायद कोई नाराज़ मेहमान या कर्मचारी ने लिखा होगा।” लेकिन वहाँ जाकर समझ आया कि कई बार, रिव्यू सच्चाई से भी बढ़कर होते हैं।
एक और पाठक ने अपनी कहानी साझा की—किस तरह एक छोटे होटल में सिर्फ इसलिए शिफ्ट बदल दी गई, ताकि मैनेजर के भतीजे को नौकरी मिल सके। और एक सुरक्षा गार्ड ने तो एक बेगुनाह गेस्ट पर बंदूक तान दी, सिर्फ शौचालय पूछने पर! अब बताइए, ऐसे माहौल में कौन काम करना चाहेगा?
एक और कमेंट में लिखा गया—“इतने सारे रेड फ्लैग्स थे कि जैसे सोवियत रूस भी शांत हो जाए!” यानी, होटल की स्थिति इतनी खराब कि हर दिशा में खतरे की घंटी बज रही थी।
सीख और सलाह: नौकरी बदलो, लेकिन आँखें खुली रखो
कई बार हमें लगता है कि हरी घास दूसरी तरफ ज्यादा हरी है, लेकिन असलियत कुछ और होती है। होटल इंडस्ट्री की तरह हर जगह ऐसा हो, जरूरी नहीं, लेकिन अगर रिव्यू में बार-बार एक जैसी समस्याएँ दिखें, तो समझ लीजिए, कुछ तो गड़बड़ है।
कुछ अनुभवी लोगों ने सलाह दी— “लिमिटेड सर्विस होटल्स में स्टाफ बहुत कम होता है, और काम का बोझ ज्यादा। अगर संतुलित जीवन चाहिए, तो फुल सर्विस होटल्स या किसी अच्छी जगह ही देखो।” एक ने तो यहाँ तक कहा—“भैया, इतनी अराजकता है कि आप वहाँ न रहें तो ही अच्छा!”
निष्कर्ष: होटल में इंटरव्यू हो या नई नौकरी, सतर्क रहें!
कहानी पढ़कर समझ आता है कि हर चमकती चीज़ सोना नहीं होती। इंटरव्यू के दौरान कंपनी का माहौल, स्टाफ का व्यवहार और वहाँ की कार्यसंस्कृति सब कुछ बयां कर देती है। नौकरी बदलना जरूरी है, लेकिन आँखें और कान खुले रखिए। वरना, कहीं ऐसा न हो कि इंटरव्यू देने गए और पुलिस बुलाने की नौबत आ जाए!
क्या आपके साथ भी कभी ऐसा अजीब इंटरव्यू या ऑफिस का अनुभव हुआ है? नीचे कमेंट में जरूर साझा करें—हम सबको मिलकर इस ‘नौकरी की दुनिया’ के तमाशे का मज़ा लेना चाहिए!
मूल रेडिट पोस्ट: Interview today cops almost called