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सही प्रक्रिया अपनाओ' – ऑफिस की राजनीति में एक अनोखा पलटवार!

सहयोगी एक समय-संवेदनशील परीक्षण के लिए जरूरी भागों के ऑर्डर पर चर्चा कर रहे हैं।
इस फोटो यथार्थवादी छवि में, दो सहयोगी अपने प्रोजेक्ट में देरी से बचने के लिए आवश्यक भागों की तात्कालिकता पर गहन चर्चा कर रहे हैं। उनकी टीमवर्क पेशेवर संचार में उचित चैनलों के उपयोग के महत्व को उजागर करती है।

कभी-कभी हमारे ऑफिस का माहौल किसी हिंदी सीरियल से कम नहीं होता – थोड़ी सी चालाकी, थोड़ा सा ताना-बाना और कभी-कभी ऐसी पलटवार कि देखने वालों की हँसी छूट जाए। आज की कहानी एक ऐसे ही दफ्तर की है, जहाँ ‘सही प्रक्रिया’ के नाम पर एक सहकर्मी ने अपने ही पैर पर कुल्हाड़ी मार ली – और देखने वालों को मज़ा भी आ गया!

जब ‘जुगाड़’ नहीं चलता, तो ‘प्रक्रिया’ की दुहाई!

सोचिए, आपके ऑफिस में कोई आपके पास आकर कहे, “भाई, एक जरूरी काम है, जल्दी करना है, हमारे पास सामान नहीं है, ऑर्डर देंगे तो देर हो जाएगी। क्या आपके पास कुछ एक्स्ट्रा सामान है?”

कुछ-कुछ वैसा ही हुआ Reddit यूज़र Dumbleskunk Postlethwaite the 7th (अब हिंदी में 'धीरज बाबू') के साथ। उनके पास उनके साथी Big Jim (यानी 'बबलू जी') आए और बोले, “भाई, Bobbybatterbottom (यानी 'बॉबी बाबू') का टेस्ट है, सामान चाहिए, जल्दी है, वरना सारा काम अटक जाएगा।”

धीरज बाबू ने कहा – “ठीक है, देखता हूँ, अगर मेरे पास एक्स्ट्रा है तो दे दूँगा। वैसे, बॉबी बाबू ने खुद सामान ऑर्डर किया है?”

बबलू जी बोले – “हाँ, मगर वो लेट आएगा।”

प्रक्रिया की आड़, और खुद की फजीहत

अगले दिन धीरज बाबू को ऑफिस की मेल चेन में जोड़ लिया गया। उन्होंने बॉबी बाबू को मेल लिखी – “दो पार्ट्स मेरे पास हैं, बबलू जी को देता हूँ, जब आपके पार्ट्स आ जाएँगे, तब ये मुझे लौटा देना क्योंकि मेरे वाले आपके टेस्ट के बाद बेकार हो जाएँगे।”

अब यहाँ कहानी में ट्विस्ट! बॉबी बाबू ने जवाब दिया – “शुक्रिया, मगर नए पार्ट्स के लिए मैं जिम्मेदार नहीं हूँ, कृपया सही माध्यम से मांगिए।”

अब यहाँ हर किसी के दिमाग में वही सवाल – ‘क्या बॉबी बाबू ने खुद अपने लिए भी कभी प्रक्रिया फॉलो की थी?’ Reddit पर एक कमेंट आया – “लगता है बॉबी बाबू के दफ्तर में कोई उनका दोस्त नहीं है।” धीरज बाबू ने भी माना, “सच, ये पूरा मामला बबलू जी की अच्छी छवि पर टिका था।”

जब पलटवार हो जाए ‘सही प्रक्रिया’ के नाम पर

अब धीरज बाबू ने भी वही घुमा-फिराकर जवाब दिया – “बॉबी बाबू, बबलू जी ने बताया कि आपको दो पार्ट्स चाहिए, अफसोस मैं आपके डिपार्टमेंट के लिए ऑर्डर करने का जिम्मेदार नहीं हूँ, कृपया सही प्रक्रिया अपनाएं। शुभकामनाएँ!”

यानी, जो बात बॉबी बाबू ने कही, वही उन्हीं को लौटा दी – हिंदी मुहावरे में कहें तो “जैसी करनी वैसी भरनी।” इस पर कम्युनिटी का रिएक्शन भी शानदार था। एक ने लिखा – “लोग कभी-कभी अपनी नाक काटकर खुद को ही नुकसान पहुँचा लेते हैं।” किसी ने मज़े लेते हुए कहा, “अब देखना है बॉबी बाबू कैसे अपनी गलती खुद संभालते हैं।”

दफ्तर की राजनीति: पुराना किस्सा, नया ट्विस्ट

हमारे यहाँ भी तो ऐसा होता है – कोई पेन-डायरी माँग लेता है, फिर लौटाता नहीं, ऊपर से कहता है, “भई, रजिस्टर में लिख के लीजिए!” Reddit पर एक यूज़र ने अपने पुराने ऑफिस का किस्सा सुनाया, कैसे एक सुपरवाइज़र महीनों तक दूसरे डिपार्टमेंट से सामान उधार लेता रहा, फिर खुद को ‘कॉस्ट सेविंग’ का हीरो बताता रहा। जब पोल खुली, तब भी बहाना बना दिया कि ‘जिम्मेदारियों का बोझ था।’

एक और कमेंट में पूछा गया – “अरे, सामान सेंट्रल स्टोर में क्यों नहीं रखते?” जवाब में बताया गया – “हर डिपार्टमेंट अपनी जेब से खर्च बचाने के चक्कर में अलग-अलग स्टॉक रखता है, जिससे मैनेजर का बजट तो बच जाता है, मगर बाकी सबकी टेंशन बढ़ जाती है!”

‘सही चैनल’ का असली अर्थ – सीख क्या है?

इस पूरी घटना से हमें क्या सीख मिलती है? दफ्तर में ‘जुगाड़’ और ‘सिस्टम’ की लड़ाई हमेशा चलती रहती है। अगर आप दूसरों की मदद से अपना काम निकालते हैं, तो उनका भी ख्याल रखना जरूरी है। लेकिन अगर आप सिर्फ़ नियमों की आड़ लेकर दूसरों को फँसाते हैं, तो कभी-न-कभी वही नियम आपके खिलाफ भी पलट सकते हैं।

धीरज बाबू ने अपने पार्ट्स बचा लिए, बॉबी बाबू को नियमों का स्वाद चखाया – और बाकी तमाशबीनों ने सीख ली कि भाई, कभी-कभी ‘प्रक्रिया’ का डंडा अपने ही सिर पड़ सकता है!

क्या आपके भी ऑफिस में ऐसा हुआ है?

तो दोस्तों, क्या आपके ऑफिस में भी ऐसा कोई ‘प्रक्रिया प्रेमी’ है जो सिर्फ नियमों की दुहाई देता है? या आप भी कभी किसी की मदद करके इसी तरह उल्टा जवाब सुन चुके हैं? अपने अनुभव कमेंट में जरूर बताइए! क्या आपको लगता है, दफ्तर में जुगाड़ ज्यादा चलता है या नियम-कायदे?

आइए, मिलकर इस ‘ऑफिस ड्रामा’ पर हँसें और सीख भी लें – क्योंकि आखिरकार, “जैसी करनी वैसी भरनी” हमेशा सच साबित होती है!


मूल रेडिट पोस्ट: 'Please use the proper channels' alright bet 👍🏻