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शादी की रात या होटल का मेला? जब दूल्हा-दुल्हन के कमरे में पहुंचे 45 मेहमान!

रात में होटल के बाहर एक शोरगुल भरे शादी के जश्न का कार्टून 3D चित्रण।
यह मनमोहक कार्टून-3D चित्रण होटल में एक यादगार शादी की रात को जीवंत करता है, जहाँ जश्न का उत्साह और हलचल एक साथ मिलती है।

शादी-ब्याह का सीज़न आते ही होटल वालों के सिर में दर्द होने लगता है। एक तरफ जहाँ मेहमानों को खुलकर जश्न मनाने का मन करता है, वहीं होटल स्टाफ को नियम-कायदे का पालन कराना पड़ता है। लेकिन कुछ बारातें इतनी हटके होती हैं कि होटल का बढ़िया-खासा कमरा भी 'ससुराल सिमर का' के सेट जैसा लगने लगता है—हर कोने से लोग ही लोग!

आज हम आपको सुनाने जा रहे हैं एक ऐसी होटल फ्रंट डेस्क की कहानी, जहाँ शादी की पार्टी ने होटल का चैन-ओ-अमन ही छीन लिया। तो चलिए, शुरू करते हैं ये किस्सा, जिसमें होटल के नियम बन गए मज़ाक और दूल्हा-दुल्हन का कमरा बन गया भीड़-भाड़ का बाजार!

जब शादी की पार्टी ने होटल को बनाया 'मेला'

कुछ महीने पहले की बात है—एक होटल में शादी की पार्टी आई। रात के करीब 12 बजे कुछ मेहमान बाहर खड़े होकर जोर-जोर से हँस-गपशप कर रहे थे। किसी ने शिकायत कर दी, तो रिसेप्शन वाले ने politely जाकर कहा, "भैया, ज़रा आवाज़ कम कर लीजिए।"

अच्छा, हमारे यहाँ भी अक्सर बारातियों से 'थोड़ा धीरे' बोलना पड़ता है, लेकिन यहाँ जवाब आया—"हम तो अब पास के बार में जा रहे हैं, चिंता मत करो!" दो घंटे बाद सब वापिस आ गए और सीधा दूल्हा-दुल्हन के multi-level suite में घुस गए। फिर से शिकायत आई—इस बार कमरे में 6 से ज्यादा लोग नजर आए। होटल वाले ने जा कर समझाया, "अरे भाई, फायर कोड के हिसाब से कमरे में 6 से ज्यादा नहीं रह सकते।" दरवाजा खोलने वाले ने 'हाँ' कर दी, लेकिन आधा घंटा बीत गया, कोई बाहर नहीं निकला।

फिर से रिसेप्शनिस्ट गया—इस बार आखिरी चेतावनी दी। मगर सुनवाई नहीं हुई। तंग आकर होटल वाले ने साफ बोल दिया, "अब सबको होटल से बाहर जाना होगा।"

पुलिसवालों का तर्क—'हम पर तो नियम लागू नहीं!'

अब कमाल देखिए—दरवाजा दूल्हा खोलता है, गुस्से में तमतमाया हुआ! कहता है, "मुझे तो किसी ने बताया ही नहीं!" होटल कर्मचारी बोला, "भैया, आपके कमरे में दो बार जाकर समझाया, और चेक-इन पर भी नियम साइन करवाए थे।"

यहाँ दूल्हा और उसके दोस्त, जो खुद पुलिस और फायरमैन थे, बोले—"हम पर फायर कोड लागू नहीं होता!" अरे भई, जैसे बारातियों पर 'खाना खत्म हो गया' कभी लागू नहीं होता!

होटल वाले ने मोबाइल निकाला और पुलिस को फोन लगा दिया। कमरे में 18 लोग निकले—सभी को बाहर जाना पड़ा।

एक कमेंट में एक पाठक ने लिखा, "इनका सुपरवाइज़र सुन लेगा तो मज़ा आ जाएगा—पुलिसवाले खुद फायर कोड तोड़ रहे थे!" होटल वाले ने भी जवाब दिया, "हमने रिपोर्ट करने की सोच ही ली थी!"

जब दूल्हा-दुल्हन के कमरे से निकले 45 लोग!

कुछ हफ्ते बाद एक और शादी आई—इस बार होटल कर्मचारी और भी सतर्क थे। रात 11:30 बजे कैमरे में दिखा, 8 लोग एक कमरे में घुसे। होटल वाला गया और इस बार सीधा दूल्हा-दुल्हन से बात करने को कहा। जवाब मिला, "वो तो कहीं हैं ही नहीं!"

होटल कर्मचारी ने सख्ती से बोला, "तो फिर सब बाहर जाइए।" सामने वाले ने कहा, "कमरे में तो सिर्फ पाँच लोग हैं!" लेकिन होटल वाले ने कैमरे में देख लिया था—8 लोग अंदर गए, सामने वाला मिला तो 9, दूल्हा-दुल्हन मिलाकर 11, और आवाज़ें सुनकर लगा, जैसे 'कुंभ का मेला' कमरे में सिमट आया हो।

आखिर दुल्हन आई और बोली, "हमें तो आपकी सेल्स टीम ने पार्टी की इजाज़त दी थी!" होटल वाले ने कहा, "ऐसा नहीं हो सकता—आखिरी मौका, 6 लोग कर लो, नहीं तो पुलिस बुलाऊँगा!" पुलिस का नाम सुनते ही भागम-भाग शुरू—लोग निकलने लगे। होटल वाला गिनते-गिनते थक गया—बीस के बाद गिनती छोड़ दी, फिर भी लोग निकलते रहे।

बाद में पता चला—कैमरे में 45 लोग एक ही कमरे में घुसे थे! कमेंट में किसी ने लिखा, "ये तो 'फैंटास्टिक बीस्ट्स' की तरह है, कमरा है या जादुई सूटकेस!"

शादी की पार्टी vs होटल के नियम: मज़ेदार टिप्पणियां

रेडिट पर लोगों ने खूब चुटकी ली। एक ने लिखा, "पहले शादी की रात रोमांटिक होती थी, अब 45 लोगों के बीच कौन सा हनीमून!" तो दूसरे ने जोड़ा, "एक का हनीमून, दूसरों की 'ऑर्गी'।"

किसी ने कहा, "45 लोग—इंट्रोवर्ट्स का तो बुरा हाल हो जाएगा।" भारतीय संदर्भ में सोचो—अगर किसी रिश्तेदार की शादी में बुफे काउंटर पर 45 लोग एक साथ दिख जाएँ, तो पकोड़े तो पल भर में खत्म!

एक कमेंट और था—"क्या कमरा था या जोकरों की गाड़ी, सब निकलते ही जा रहे थे!" और होटल वाले का कहना—"अगर समय पर नहीं रोका होता, बाकी मेहमानों की नींद हराम हो जाती!"

कई लोगों ने सुझाव भी दिए—"रजिस्ट्रेशन फॉर्म पर 'नो पार्टी' पॉलिसी बड़ा-बड़ा लिखवा दो, वरना हर बार यही होगा।" होटल वाले ने जवाब दिया, "हम करवाते हैं, लेकिन बाराती कहाँ मानते हैं!"

निष्कर्ष: शादी का जश्न मनाएं, लेकिन नियमों का भी रखें ध्यान

शादी की खुशी में डूबना सबको अच्छा लगता है, लेकिन होटल या किसी सार्वजनिक जगह पर नियमों की अनदेखी करना सही नहीं। सोचिए, 45 लोग एक कमरे में घुस जाएँ, तो सुरक्षा का क्या हाल होगा?

तो अगली बार जब किसी दोस्त की शादी में होटल जाएँ, तो जश्न मनाइए जरूर, लेकिन होटल स्टाफ की मेहनत और नियम-कायदों की इज्जत भी रखिए। आखिरकार, सबकी सुरक्षा और चैन भी जरूरी है।

क्या आपके साथ भी कभी शादी या पार्टी में ऐसा कुछ हुआ है? हमें कमेंट में जरूर बताइए!


मूल रेडिट पोस्ट: Weddings...