शादीशुदा जिंदगी का छोटा-मोटा बदला: जब मम्मी-पापा बने Petty Revenge के उस्ताद
कहते हैं, शादी का असली मज़ा उन्हीं को आता है जो एक-दूसरे को छेड़ने और हल्की-फुल्की नोकझोंक में भी प्यार ढूँढ लेते हैं। आज की कहानी एक ऐसे मम्मी-पापा की है, जिनकी शादी को 50 से भी ज़्यादा साल हो गए, लेकिन आज भी उनकी शरारतें और छोटे-छोटे "बदले" एकदम ताज़ा हैं। Reddit पर इस कहानी को पढ़कर मुझे अपने घर की खट्टी-मीठी यादें भी ताज़ा हो गईं। तो चलिए, सुनते हैं "Petty Revenge" यानी छोटे-छोटे बदले लेने के उस्ताद इन माता-पिता की कहानी।
जब एक्सरसाइज बाइक बनी जंग का मैदान
कहानी की शुरुआत होती है लेखक के अपने मम्मी-पापा के घर वापस लौटने से। पढ़ाई खत्म करनी थी, नौकरी ढूँढनी थी, तो माता-पिता के साथ रहना पड़ रहा था। एक दिन वो अपने पापा-मम्मी के कमरे में टीवी देख रहे थे, कमरे के आखिर में एक्सरसाइज बाइक रखी थी। तभी पापा हाथ में कपड़ों का ढेर लिए आए। मम्मी ने ऊपर से चिल्लाकर कहा, "सारे कपड़े मेरी एक्सरसाइज बाइक पर मत डाल देना!"
अब पापा तो पापा हैं! उन्होंने चुपचाप अपने कपड़े अलमारी में रखे और किसी और अलमारी से नए कपड़े निकालकर बड़े स्टाइल से एक्सरसाइज बाइक पर फैला दिए। फिर शांति से निकल गए, जैसे कुछ हुआ ही न हो।
कुछ देर बाद मम्मी कमरे में आईं, बाइक पर कपड़े देखकर लंबी साँस ली। लेखक ने मम्मी से कहा, "आपको पता है, पापा ये सब आपको चिढ़ाने के लिए करते हैं!"
मम्मी ने मुस्कुराते हुए जवाब दिया, "मुझे सब पता है। इसलिए तो मैं अपने कपड़े बाथरूम के बाहर छोड़ देती हूँ, ताकि जब भी पापा आएं-जाएं, उन पर पैर पड़ जाए। यही हमारा खेल है!"
प्यार की असली मिठास – नोकझोंक और हँसी-ठिठोली
आजकल लोग रिश्तों में excitement की कमी की शिकायत करते हैं। लेकिन इन मम्मी-पापा की कहानी पढ़कर लगता है कि असली मज़ा तो उन्हीं में है, जिनमें प्यार के साथ थोड़ी शरारत भी हो। Reddit पर एक पाठक ने लिखा, "यही तो रिश्ता है जिसकी मुझे हमेशा से तलाश थी! आपनें शेयर किया, शुक्रिया।"
एक और पाठक ने मज़ाकिया अंदाज़ में कहा, "लगता है, उम्र के साथ-साथ शरारतें बढ़ती जाती हैं, गंभीरता नहीं!" किसी ने तो ये भी कहा, "अगर घर में हल्का-फुल्का बदला चलता रहे, तो ज़िंदगी मज़ेदार बनी रहती है।"
हमारे यहाँ भी तो अक्सर पति-पत्नी दूध में पानी मिलाने, चाय में चीनी कम-ज्यादा डालने, या मोबाइल की रिंगटोन बदल देने जैसी छोटी-छोटी शरारतें करते हैं। ये सब रिश्ते में ताज़गी लाती हैं।
छोटे-छोटे बदले या प्यार की नई परिभाषा?
कितनी बार हमारे घरों में भी ऐसा होता है—मम्मी जानबूझकर पापा के पसंदीदा गिलास को छुपा देती हैं, तो पापा रिमोट को ऐसी जगह रख देते हैं कि मम्मी को ढूँढना पड़े! और जब पकड़े जाते हैं, तो वही मासूम-सी मुस्कान—"क्या करूँ, आदत है!"
Reddit के एक और पाठक ने कमेंट किया, "मेरे पति बार-बार मेरी चीज़ें उठा लेते हैं, तो मैंने भी उनका Batman वाला कैप गायब कर दिया!" किसी ने बड़े ही गहरे अंदाज़ में लिखा, "असली प्यार वही है, जिसमें थोड़ी-बहुत नोकझोंक हो।"
यहाँ तक कि कई पाठकों ने तो ये तक लिखा कि घर की छोटी-छोटी तकरारें, कपड़ों या चीज़ों को इधर-उधर रखना, असल में प्यार ही है। जैसे हमारे यहाँ 'नाराजगी में भी अपनापन' वाली कहावत है, वैसा ही।
खुशहाल शादी का मसाला – हल्की-फुल्की बदमाशी
एक पाठक ने बड़े मज़ेदार ढंग से कमेंट किया, "खुशहाल पत्नी = खुशहाल जीवन से भी मज़ेदार है, हल्की-सी परेशान पत्नी = मज़ेदार जीवन!" और किसी ने लिखा, "ऐसी मस्ती के बिना शादी बोरिंग हो जाती है।"
यहाँ तक कि एक पाठक ने तो ये भी कहा, "क्या मैं आपके माता-पिता को गोद ले सकता हूँ? इतनी हँसमुख जोड़ी बहुत कम मिलती है!"
हमारे समाज में जहाँ कई बार पति-पत्नी की नोकझोंक को गलत समझा जाता है, वहीं असल में यही छोटी-छोटी बातें रिश्तों को मज़बूत बनाती हैं। ज़रा सोचिए, 50 साल से ऊपर की शादी, और अब भी हर रोज़ एक नया 'छोटा बदला'! यही तो असली #RelationshipGoals हैं।
आपकी कहानी क्या है?
शायद आपके घर में भी ऐसा कुछ चलता हो—मम्मी-पापा, दादी-नानी या खुद आपके और आपके जीवनसाथी के बीच। आप भी अपनी कहानी हमारे साथ शेयर करें। क्या आपने कभी अपने किसी करीबी के साथ ऐसा प्यारा बदला लिया है? या आपके घर में भी 'Textile Wars' यानी कपड़ों की जंग चलती है?
कहते हैं, "बचपन जरूरी नहीं उम्र से मिट जाए, कभी-कभी तो बुजुर्गों का बचपना सबसे प्यारा होता है।"
तो अगली बार जब घर में कोई छोटी-सी शरारत दिखे, मुस्कुरा दीजिए, हो सकता है वो प्यार की सबसे खूबसूरत भाषा हो!
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मूल रेडिट पोस्ट: My parents are petty revenge experts