विंडोज़ 11 अपग्रेड का किस्सा: टेक्नोलॉजी के झोल और एक दोस्त की भूल
कंप्यूटर की दुनिया में दो बातें कभी पुरानी नहीं होतीं – एक, दोस्तों का "भैया ज़रा देख लेना" वाला फोन कॉल, और दूसरा, हर तकनीकी समस्या का वो देसी जुगाड़! हाल ही में एक दोस्त ने मुझे भी ऐसा ही बुलावा दिया: "यार, वीकेंड पर आकर वाईफाई ठीक कर देगा क्या?" मैंने भी सोचा, चलो दोस्ती निभा लेते हैं। वाईफाई तो मिनटों में दुरुस्त हो गया, पर असली मज़ा तो उसके बाद आया, जब बात आई विंडोज़ 11 अपग्रेड की!
दोस्ती, तकनीक और देसी जुगाड़ – शुरुआत का झटका
वाईफाई के बाद मैंने casually पूछ लिया, "क्यों, पीसी में विंडोज़ 11 डाल दूं, अभी तक 10 ही चला रहे हो?" दोस्त बोला – "अरे, मेरा कंप्यूटर सपोर्ट ही नहीं करता 11 को!" मुझे तो बड़ी हैरानी हुई। नया-नवेला सिस्टम, कुछ ही महीने पहले बना था – फिर भला क्यों नहीं चलेगा?
मैंने Windows का PC-Healthcheck टूल चलाया, जवाब आया: Secure Boot सपोर्ट नहीं करता। अब यहां से असली दिमागी कसरत शुरू हुई। मदरबोर्ड की स्पेसिफिकेशन देखी तो Secure Boot तो उसमें था! BIOS में गया, Secure Boot ऑन किया, सिस्टम ने बूट ही नहीं किया। वापस लेगसी मोड में लाया, फिर से बूट हुआ। सब सेटिंग्स चेक कर ली, सब कुछ सही था – पर Secure Boot स्टार्ट होते ही सिस्टम ठप!
कंप्यूटर की तकनीकी उधेड़बुन: MBR और GPT का चक्कर
करीब एक घंटा माथापच्ची करने के बाद दिमाग में घंटी बजी – कहीं बूट ड्राइव MBR टाइप की तो नहीं? चेक किया – अरे बाप रे! वाकई MBR (Master Boot Record) था! अब देसी भाषा में समझिए, पुराने जमाने में MBR चलता था, लेकिन नए कंप्यूटर और Windows 11 के लिए GPT (GUID Partition Table) जरूरी है। MBR पुराने ज़माने का नाई है – बाल काट तो देगा, मगर नए स्टाइल की कटिंग नहीं कर सकता!
यह बात सुनकर मुझे वो एक Reddit कमेंट याद आया – "भई, आजकल कौन होश में MBR पर विंडोज़ इंस्टॉल करता है?" और एक मज़ेदार टिप्पणी थी – "लगता है कोई XP वाले ज़माने का दोस्त था, जो पर्स में Devils0wn CD लेकर घूमता था!" सच कहूं, हम सबके जान-पहचान में ऐसा कोई न कोई ‘तकनीकी गुरु’ जरूर होता है, जो पुराने तरीकों से ही काम करता है – चाहे ज़माना कितना भी आगे निकल जाए।
देसी जुगाड़: mbr2gpt – कमाल की सरकारी घोड़ी
अब आया असली जुगाड़ – Windows में एक कमांड है mbr2gpt। इससे बिना डेटा खोए MBR को GPT में बदल सकते हैं। मैंने PowerShell में जाकर कमांड चलाई, BIOS में Secure Boot सेट किया, और फिर मज़े से विंडोज़ 11 अपग्रेड हो गया।
एक कमेंट में किसी ने बड़े हैरानी से लिखा था, "भई, विंडोज़ में इतना आसान टूल है, ये तो आज ही पता चला!" और सच में, कई लोग तो आज भी पुराने MBR से परेशान हैं, जबकि हल एक लाइन के कमांड में ही है। Reddit पर एक और भाई ने लिखा, "मेरे बॉस को टेस्ट सर्वर पर सब कुछ सेफ रखना था, mbr2gpt ने जान बचा ली।"
सीख और देसी टेक सलाह: विश्वास पर शक करें!
इस कहानी से एक बड़ी सीख मिलती है – कभी भी पिछले ‘तकनीकी गुरु’ की समझ को लेकर अंधा विश्वास मत करो! दोस्त का दोस्त, जो खुद को बड़ा टेक सेववी मानता था, असल में पुराने तरीकों का आदी था। उसने हर बार क्रैक्ड विंडोज़ इंस्टॉल करने की आदत में MBR ही सेट कर दिया – भले ही इस बार ओरिजिनल विंडोज़ की चाबी थी!
Reddit के चर्चाओं में भी यही देखा – कई लोगों ने पुराने सिस्टम्स में MBR का झंझट झेला, किसी ने मज़ाक में लिखा, "MBR से ही तो मैंने विंडोज़ 11 की अपग्रेड को रोके रखा है!" वहीं कुछ लोग बोले, "अब तो GPT और Secure Boot की बातें सुनकर खुद को बूढ़ा महसूस करता हूं!" किसी ने ये भी कहा – "कितना कुछ बदल गया और हम पुराने तरीके छोड़ ही नहीं पा रहे!"
निष्कर्ष: तकनीक में देसी तड़का और आपकी राय!
तो भाइयों और बहनों, टेक्नोलॉजी में भी वही पुरानी बात सच है – "देखा-देखी और सुनी-सुनाई पर मत चलो, खुद जांचो-परखो!" कंप्यूटर अपग्रेड हो या ज़िंदगी, हर बार नया तरीका सीखने को तैयार रहना चाहिए। और हां, अगली बार कोई दोस्त बोले – "यार, कंप्यूटर नहीं चल रहा", तो BIOS में Secure Boot और बूट पार्टिशन ज़रूर चेक कर लेना, नहीं तो कहीं आप भी MBR के झोल में न फंस जाओ!
आपका कोई ऐसा किस्सा है? या कभी टेक्नोलॉजी के नाम पर किसी दोस्त ने आपको भी उलझा दिया? कमेंट में जरूर लिखिए, देसी टेक जगत की मजेदार कहानियां मिलकर शेयर करते हैं!
मूल रेडिट पोस्ट: The Windows 11 upgrade