विकिपीडिया बनाम कोर्ट: जब छुपाने की कोशिश में हर कोई जान गया सीज़र देपासो को!
कभी-कभी इंसान जितना कुछ छुपाना चाहता है, वो उतना ही ज़्यादा सबके सामने आ जाता है। हमारा देश भी ऐसी कहावतों से भरा पड़ा है – “जिस चीज़ को बांधो, वही ज़्यादा उछलती है।” आज हम एक ऐसी ही अंतरराष्ट्रीय घटना की बात करेंगे, जिसमें 'विकिपीडिया', 'कोर्ट', और 'सीज़र देपासो' नाम का व्यक्ति चर्चा में है।
सोचिए, आप दुनिया की सबसे बड़ी ज्ञानकोष साइट विकिपीडिया से अपनी पुरानी बातें, पुराने पाप छुपवाना चाहते हैं। कोर्ट में केस डालते हैं, और कोर्ट आदेश भी दे देता है कि भाई, ये जानकारी हटाओ। विकिपीडिया ने आदेश मान भी लिया। लेकिन हुआ क्या? उल्टा सब जान गए कि आप छुपा क्या रहे थे!
विकिपीडिया और कोर्ट का अनोखा रस्साकशी
हाल ही में पुर्तगाल की एक अदालत ने विकिपीडिया को आदेश दिया कि सीज़र देपासो नामक एक व्यापारी से जुड़ी कुछ जानकारी हटा दी जाए। ये जानकारी थी – 1989 में एक गर्लफ्रेंड के साथ मारपीट और चोरी के आरोप, एक संगठन की कथित स्थापना, और एक सरकारी पोस्ट से निकाले जाने का कारण (जो एक कट्टरपंथी पार्टी को फंड करने से जुड़ा था)।
विकिपीडिया ने कोर्ट का आदेश मानते हुए पेज से वो हिस्से हटा दिए। लेकिन सीज़र साहब की उम्मीद के ठीक उल्टा, अब उनके विकिपीडिया पेज पर एक बड़ा सा बैनर लगा दिया गया – “इस पेज से कोर्ट आदेश के तहत सामग्री हटाई गई है, इसलिए ये पेज अब न तो निष्पक्ष है, न ही संपूर्ण। हटाई गई सामग्री में शामिल थे:...” और फिर तीनों मुद्दे साफ-साफ लिख दिए।
अब क्या हुआ? जिसने कभी उनका नाम नहीं सुना, वो भी गूगल करने लगा – “आखिर इस सीज़र देपासो ने क्या किया है?” जनता की जिज्ञासा बढ़ती गई।
‘Streisand Effect’ – जितना छुपाओ, उतना फैलाओ!
हमारे यहाँ एक कहावत है – “छुपाने से चोरी नहीं रुकती, उल्टा डुगडुगी बज जाती है।” पश्चिमी देशों में इसे ‘Streisand Effect’ कहते हैं, जो बारबरा स्ट्राइसंड नाम की गायिका की कहानी से जुड़ा है। उन्होंने अपने बंगले की एक फोटो इंटरनेट से हटवाने के लिए केस किया था, लेकिन उसके बाद लाखों लोगों ने उस फोटो को देख डाला!
रेडिट पर एक यूज़र ने भी बड़ा मजेदार कमेंट किया, “लगता है सीज़र साहब ने Streisand Effect का नाम तक नहीं सुना।” और दूसरे ने लिखा, “मेरे पुराने बॉस हमेशा कहते थे – बुरी खबर को अनदेखा करो, खुद ही मर जाएगी।” यानी किसी बात को जितना दबाओगे, उतनी चर्चा होगी।
और यही हुआ – Reddit, ट्विटर, फेसबुक, हर जगह सीज़र देपासो का नाम छा गया। जिन लोगों ने कभी उनका नाम नहीं सुना था, वे भी अब जानना चाह रहे हैं कि आखिर इतना क्या गड़बड़ किया है?
इंटरनेट की याददाश्त और कानून की हदें
कई पाठकों ने ये भी सवाल उठाया कि विकिपीडिया तो अमेरिका में है, पुर्तगाल का कानून कैसे लागू हो गया? एक जानकार ने बताया – “जहाँ किसी व्यक्ति की मानहानि या निजता को ठेस पहुँचती है, उसी जगह का कानून लागू हो सकता है। विकिपीडिया को कभी-कभी स्थानीय कानून मानने पड़ते हैं, वरना बड़ी परेशानी हो सकती है।”
लेकिन सच बात ये है कि इंटरनेट की याददाश्त बहुत लंबी होती है। कोई भी जानकारी हटाई जाए, लोग तुरंत उसे वेब आर्काइव (Internet Archive) जैसी साइट्स से निकाल लेते हैं। एक पाठक ने तो सीधा लिंक भी डाल दिया – “अगर आपको सीज़र देपासो के बारे में असली जानकारी चाहिए तो Internet Archive खोलिए, सब कुछ मिल जाएगा।”
जनता का जवाब: “अब तो और जानना है!”
इस पूरी घटना ने सीज़र देपासो का नाम और भी बदनाम कर दिया। जैसे हमारे यहाँ अगर मोहल्ले में कोई कहे “इस बात को किसी से मत कहना”, तो अगले दिन सबको पता चल जाता है! Reddit पर एक यूज़र ने लिखा, “10 मिनट पहले तक मुझे इस आदमी के बारे में कोई फिक्र नहीं थी, लेकिन अब तो मैं जानना चाहता हूँ कि उसने क्या किया है।”
एक और कमेंट था, “कुछ छुपाने का सबसे अच्छा तरीका है – उसे न छुपाओ!” और किसी ने तो मजाक में कह दिया – “क्या अब विकिपीडिया पर विकिपीडिया वाले पेज का भी पेज बनेगा, जिसमें लिखा होगा कि कोर्ट ने क्या-क्या हटवाया?”
निष्कर्ष: जानकारी छुपाना अब आसान नहीं
आज की डिजिटल दुनिया में, चाहे आप कितने भी पैसेवाले हों या आपके कितने भी संपर्क हों – पुरानी बातों को छुपाना लगभग नामुमकिन है। उल्टा, जितना आप छुपाने की कोशिश करेंगे, उतना ही सबका ध्यान आपकी तरफ जाएगा।
सीज़र देपासो का मामला हमें यही सिखाता है – सच्चाई को छुपाओगे तो वो और तेज़ी से सबके सामने आएगी। तो अगली बार जब आपको लगे कि आपकी छवि को कोई खतरा है, तो शायद “चुप रहो, भूल जाओ” वाला तरीका ही सही है।
आपका क्या कहना है? क्या आपको भी लगता है कि Streisand Effect सच में हर जगह लागू होता है? या आपको लगता है कि कुछ बातें सच में दबी रह सकती हैं? अपने विचार नीचे कमेंट में जरूर साझा करें!
मूल रेडिट पोस्ट: Wikipedia's compliance with a court order.