मैं तुम्हारे लिए जान दे दूंगा' – होटल के रिसेप्शन पर एक अजीब मेहमान की कहानी
होटल की रिसेप्शन डेस्क पर काम करना जितना आसान दिखता है, असलियत में उतना ही चौंकाने वाला हो सकता है। यहाँ हर रात नए-नए किस्से तैयार होते हैं, जिनमें कभी-कभी हँसी आती है तो कभी रोंगटे खड़े हो जाते हैं। आज मैं आपको एक ऐसे मेहमान की कहानी सुनाने जा रहा हूँ, जिसने 'अतिथि देवो भव:' की परिभाषा को ही बदल डाला।
अजीब मेहमान, अजीब रात
तो जनाब, यह किस्सा है एक बड़े होटल का जहाँ रात की शिफ्ट में रिसेप्शन पर दो लोग रहते हैं – मैं और मेरी साथी दी (नाम बदला गया है)। सबकुछ सामान्य चल रहा था, तभी हमारे होटल के पुराने मेहमान मिस्टर जी सुबह के चार बजे अपना सामान लेकर लॉबी में आए। वैसे तो मिस्टर जी पिछले कुछ दिन से होटल में थे, लेकिन हर दिन कुछ ना कुछ अजीब कर डालते थे। कभी एयरपोर्ट के अलावा कहीं भी शटल भेजने की ज़िद, कभी अपने स्कूल के किस्से सुनाना – और वो भी बिल कॉस्बी का जिक्र करके, जिसे भारतीय संदर्भ में कोई भी "विज्ञापन वाले अंकल" जैसा समझ सकता है।
इस बार तो हद ही हो गई। मिस्टर जी ने होटल का ट्रॉली लेकर तीन बैग्स लाए, जिनमें से दो रिसेप्शन डेस्क पर छोड़ दिए। बैग्स में क्या था? सनस्क्रीन, चप्पल, उपन्यास, स्विमिंग पूल का खिलौना, इलेक्ट्रिक टूथब्रश – हर वो चीज़ जो शायद आपको छुट्टी पर भी याद ना आए। ऊपर से एक गंदा सा डिस्पोज़ेबल कप और होटल का मेकअप वाइप भी।
उपहार, टिप्स और अजीबोगरीब ऑफ़र
अब आते हैं सबसे मज़ेदार हिस्से पर। मिस्टर जी ने दी को एक हार, और हमें दोनों को मेकअप किट्स गिफ्ट कर दीं। भारतीय होटल में अगर कोई मेहमान ऐसे गिफ्ट्स बाँटे, तो स्टाफ या तो कन्फ्यूज हो जाता है या फिर सोचता है – "कहीं ये कोई जादू-टोना तो नहीं!" लेकिन यहाँ कहानी यहीं नहीं रूकी।
मिस्टर जी ने बीयर के कटे-फटे डिब्बे पर अजीब-अजीब बातें लिखकर हमें 'टिप्स' दीं – कभी अपनी पसंदीदा फिल्में, कभी ऑफ़र की कि हमें उनके साथ कार शोरूम चलना है तो वो सस्ते में डील करवा देंगे। एक नोट में लिखा – "मैं तुम्हारे लिए जान दे दूंगा!" – अब बताइए, ऐसे नोट पर कौन सा रिसेप्शनिस्ट मुस्कुराएगा?
इतना ही नहीं, मिस्टर जी कभी-कभी डेस्क के पीछे भी आ जाते, जबकि भारतीय संस्कृति में ऐसे "निजी क्षेत्र" में घुसना बहुत ही असामान्य माना जाता है। एक कमेंट में किसी ने यही सवाल किया – "भाई, लोग किराना दुकान या पेट्रोल पंप में भी ऐसे घुसते हैं क्या? क्या लोगों को मैनर्स सिखाने की जरूरत है?"
कैंडी केन, गूगल, और डरावना ट्विस्ट
अब तो हद ही पार हो गई जब मिस्टर जी अपने कान में दो कैंडी केन (क्रिसमस वाली टेढ़ी मिठाई) लटकाए आए, एक दी को दे दी, और दूसरी से बोले – "सांता मुझसे बात कर रहा है!" यह सुनकर तो हमें लगा जैसे बॉलीवुड की किसी हॉरर-कॉमेडी फिल्म में आ गए हों।
साथ ही, उन्होंने दी से अपने स्कूल का मैस्कॉट गूगल करवाया। खुद को प्राइमरी स्कूल टीचर बताया, लेकिन जितना अजीब उनका बर्ताव था, उतना ही डरावना अहसास भी हो रहा था।
बड़ा खुलासा: पुलिस, बच्चा और चौंकाने वाला सच
अब कहानी में असली ट्विस्ट आता है। सुबह जब मिस्टर जी का चेकआउट टाइम गया, वो अपना सामान लेने ही नहीं आए। उल्टा, पुलिस होटल आ गई। पता चला, मिस्टर जी ने अपने 12 साल के बेटे (जो ऑटिज़्म से ग्रसित है) को मॉल में छोड़ दिया था। पुलिस हमें सख्त हिदायत देकर गई कि अगर वो दिखे तो तुरंत खबर करें।
कुछ समय बाद चाइल्ड प्रोटेक्शन सर्विसेज (CPS) भी आई, बच्चा उनके साथ था और मिस्टर जी का सारा सामान ले गई। आखिरकार, मिस्टर जी को बच्चे की उपेक्षा और अन्य मामलों में गिरफ्तार कर लिया गया।
कम्युनिटी की प्रतिक्रियाएँ और सीख
रेडिट की इस कहानी पर लोगों ने जमकर प्रतिक्रियाएँ दीं। एक यूज़र ने लिखा – "शायद उनके दिमागी तार ढीले हैं, या दवाइयाँ छूट गई होंगी।" एक और ने मज़ाकिया अंदाज़ में कहा – "अगर सच में जान देने को होते तो 'I would die 4 u' वाली असली स्पेलिंग लिखते!"
कई लोगों ने स्टाफ की बहादुरी की सराहना की, तो किसी ने चिंता जताई – "ऐसे लोग समाज में बच्चों के साथ नहीं होने चाहिए।" और एक कमेंट में तो यहाँ तक कहा गया – "मानसिक बीमारी वाकई बहुत मुश्किल चीज़ है, और बच्चों का ध्यान रखना बहुत ज़रूरी।"
निष्कर्ष: होटल में हर रात नई कहानियाँ
तो दोस्तों, होटल की रिसेप्शन डेस्क सिर्फ चेक-इन/चेक-आउट की जगह नहीं, यहाँ हर रोज़ नई कहानियाँ बनती हैं। यह किस्सा हमें सिखाता है कि सतर्क रहना, टीमवर्क और संवेदनशीलता – ये तीनों चीज़ें होटल इंडस्ट्री में सबसे ज़रूरी हैं।
क्या आपके साथ भी कभी किसी मेहमान ने ऐसी अजीब हरकतें की हैं? या कोई ऐसा किस्सा सुना है जिसने आपको हँसा भी दिया और परेशान भी कर दिया? नीचे कमेंट में ज़रूर शेयर कीजिए, और अगर आपको हमारा ये ब्लॉग पसंद आया हो तो दोस्तों के साथ शेयर करना ना भूलें।
"अतिथि देवो भव:" ज़रूर है, लेकिन कभी-कभी 'अतिथि' ही सबसे बड़ा सरप्राइज़ दे देता है!
मूल रेडिट पोस्ट: 'I would die for you'