मेरे एक्स-हसबैंड ‘केविन’ की महान आइडियाज – हंसी के फव्वारे और सिर पकड़ने वाली बातें!
क्या आपने कभी किसी ऐसे इंसान को देखा है, जिसके हर काम में एक नई नादानी झलकती हो? हमारे देश में तो अक्सर लोग कहते हैं, “समझदारी उम्र के साथ आती है”, लेकिन कुछ लोग उम्र के साथ बस वही बचपना साथ लेकर चलते हैं। आज आपको मिलवाते हैं अमेरिकी ‘केविन’ से, जिनकी हरकतें पढ़कर आपको लगेगा – “भला ऐसा भी कोई करता है!” यह कहानी उनकी एक्स-वाइफ ने Reddit पर शेयर की है, और इसे पढ़कर आप अपनी हंसी रोक नहीं पाएंगे।
जब कुत्ते की ट्रेनिंग बनी तमाशा
अपने पालतू कुत्ते को बिना पट्टा (leash) के बाहर सैर कराना, भारतीय मोहल्लों में तो वैसे भी सपना ही है। लेकिन केविन का दिमाग़ कुछ ज़्यादा ही तेज़ चला! Invisible Fence (एक तरह की इलेक्ट्रॉनिक घेराबंदी) तो महंगी थी, इसलिए केविन साहब ने कबाड़ी मार्केट से एक पुराना Shock Collar खरीद लाया – सोचिए, सेकंड हैंड बिजली वाला पट्टा! एक्स-वाइफ मना करती रहीं, लेकिन केविन ने खुद पर ट्रायल कर लिया – “अरे, बस हल्का सा झटका है, कुछ नहीं होगा!”
पर जब पहली बार उसने कुत्ते पर इस्तेमाल किया, तो कुत्ता ऐसे भागा जैसे पटाखा फट रहा हो, और केविन उसके पीछे-पीछे एक मील तक भागते रहे – वो भी रात में! ऊपर से साहब दो पैकेट सिगरेट रोज़ पीते थे, तो समझिए उनकी हालत क्या हुई होगी। मोहल्ले में तो लोग कहते, “अरे भाई साहब, कुत्ते को पकड़ने निकले थे या ओलंपिक रेस लगाने?” एक कमेंट में किसी ने हँसी में लिखा – “लगता है धुएँ ने उनकी स्वाद की तरह समझदारी भी जला दी!”
बंदूकें, गैरकानूनी शौक और ‘स्पेशल डिनर’ का झमेला
अब आते हैं केविन के अगले शौक पर – बंदूकें! कम उम्र में ही केविन को कानून का सामना करना पड़ा, जिससे असली बंदूकें रखना मना था। लेकिन जनाब को तो ‘जुगाड़’ करना था – जो भी कानूनन रख सकते थे, खरीद लाए, और अपने पुराने, जर्जर गैराज में टारगेट प्रैक्टिस चालू कर दी। सोचिए, दिल्ली या मुंबई में कोई मोहल्ले के गैराज में गोली चलाने लगे – पुलिस तो लाइन से खड़ी हो जाएगी!
एक कमेंट में किसी ने ताना मारा – “लगता है मैडम, आपको गोलियों से बचना वहीं से सीखना पड़ा!” सच में, केविन की हरकतें सुनकर लगता है जैसे बॉलीवुड का कोई हास्य किरदार हो, जो हर बार नई समस्या खड़ी कर देता है।
फैशन के नाम पर ‘राइनोसिरोलॉजी’ हुडी – और स्वाद के नाम पर आफत!
हमारे देश में तो लोग शादी में भी नए कपड़े पहनने को मजबूर हैं, लेकिन केविन ने 20 साल तक एक ही हुडी (hoodie) पहन ली – वो भी ऐसी जो उसके दोस्त ने तक नहीं पहनी! एक्स-वाइफ बताती हैं, “हर सर्दी वही हुडी, शायद आज भी वही पहनता होगा।” इस पर एक पाठक ने बढ़िया लिखा – “हम भी हर साल वही गर्म कपड़े पहनते हैं, लेकिन भाई, 20 साल! ये तो वाक़ई फैशन का झंडा गाड़ दिया।”
और अब बात केविन के कुकिंग के हुनर की – जो कभी-कभी आफत भी बन जाती थी! एक बार तो जनाब ने खाने में इतना Horse Radish (एक तरह की तीखी मूली, जैसे भारत में सरसों या मूली का अचार) डाल दिया कि सबकी आँखों से आँसू आ गए। एक्स-वाइफ और बच्चे बोले – “पापा, इसमें तो मिर्च ही मिर्च है!” लेकिन केविन को कोई फर्क नहीं पड़ा – “तुम लोगों की जीभ खराब है!” एक पाठक ने फब्ती कसी – “दो पैकेट सिगरेट रोज़ पीते हो, स्वाद की बत्तीसी कब की जल चुकी होगी!”
स्पेशल डिनर या ‘पकवानों का कचरा’?
केविन का ‘स्पेशल डिनर’ – अब आप सोचेंगे, क्या खास होगा? मैकरोनी और चीज़, उसमें कीमा, मशरूम का सूप, और ऊपर से मटर – सब मिलाकर एक ही पतीले में! एक्स-वाइफ ने लिखा, “ऐसा लगता था जैसे किसी ने उल्टी कर दी हो, और स्वाद भी वैसा ही था।”
दिलचस्प बात – कुछ पाठकों ने कहा, “हमारे घर में भी ऐसा बनता है, सर्दी में या तबियत खराब हो तो ये कंफर्ट फूड है।” एक और ने लिखा, “अगर मशरूम सूप हटा दो और ताज़ा टमाटर डाल दो तो स्वादिष्ट हो सकता है।” वैसे, हमारे यहाँ भी कई बार घर की बची-खुची सब्ज़ी में चावल या रोटी मिलाकर ‘जुगाड़ डिनर’ बन जाता है, पर केविन का ‘स्पेशल डिनर’ तो वाकई ‘स्पेशल’ था – स्वाद में भी और दिखने में भी!
पाठकों की राय – हंसी, हैरानी और थोड़ी हमदर्दी
कमेंट्स में कई पाठकों ने खूब मज़ाक उड़ाया – “भई, ऐसी नादानी देखकर तो सिर पकड़ लो!” एक ने तो यहाँ तक कह दिया – “अरे, आपने ऐसे आदमी से शादी ही क्यों की?” तो कोई बोला, “20 साल तक एक ही हुडी पहनना – भाई, ये फैशन का त्याग है या आलस्य का कमाल?”
वहीं, कुछ लोगों ने कहा – “हर किसी का स्वाद अलग होता है, और कभी-कभी दिखने में बुरा खाना भी दिल को सुकून देता है।” जैसे हमारे यहाँ दादी की हाथ की बनी खिचड़ी, दिखने में चाहे जैसी हो, पर खाने में सुकून!
निष्कर्ष – क्या आपके आस-पास भी कोई ‘केविन’ है?
केविन की कहानी पढ़कर एक बात तो साफ है – हर परिवार या मोहल्ले में एक ‘केविन’ ज़रूर होता है, जो अजीब-अजीब आइडिया लाता है, और कभी-कभी सभी का मनोरंजन भी कर देता है। तो अगली बार जब आपके घर में कोई बेमतलब का जुगाड़ करे, या अजीब खाना पकाए, तो मुस्कुरा कर याद करिए – “चलो, हमारे पास भी अपना छोटा-मोटा केविन है!”
आपके आस-पास भी ऐसा कोई है? या कभी खुद कोई ऐसी गलती कर बैठे हों? कमेंट में जरूर शेयर करें – हंसी बाँटने से बढ़ती है!
मूल रेडिट पोस्ट: Great ideas from my ex-husband, a Kevin