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मुर्गों के लिए बना 'चिकन पैलेस': जब पड़ोसी ने मुर्गियों का नाइटक्लब खोल डाला!

केविन नेबर का आलीशान
केविन नेबर के "चिकन पैलेस" की मजेदार दुनिया में प्रवेश करें, एक जीवंत 3D कार्टून जो इस अनोखे मुर्गे के नाइटक्लब की खासियत को दर्शाता है, जहां पंखों वाले दोस्त शाही जीवन का आनंद लेते हैं!

गांव-शहर में वैसे तो मुर्गीपालन आम बात है, लेकिन सोचिए अगर कोई अपने घर के आँगन में मुर्गों के लिए ऐसा महल बना दे, जिसमें रंग-बिरंगी लाइटें, DJ और डांस फ्लोर हो! जी हाँ, सही सुना आपने—ये कोई फिल्मी सीन नहीं, बल्कि Reddit पर वायरल हुई एक सच्ची कहानी है, जिसमें एक पड़ोसी ने मुर्गों के लिए 'चिकन पैलेस' नाम का नाइटक्लब ही बना डाला।

अब सोचिए, जहाँ हमारे यहाँ मुर्गे सुबह-सुबह बांग देते हैं और गाँव वाले उनकी बांग से दिन की शुरुआत करते हैं, वहाँ अगर आपके पड़ोस से रात भर DJ की धुन और मुर्गों की बैंड बजती आवाज़ें आएं, तो क्या हाल होगा? चलिए, इस दिलचस्प और मजेदार कहानी को विस्तार से जानते हैं।

पड़ोसी की 'केविनगिरी': मुर्गों की खातिर महल!

Reddit यूजर u/mattmade94 की मानें तो उनके पड़ोसी 'केविन' (जिसे हम यहाँ 'केविन जी' कह सकते हैं) ने अपने घर के पिछवाड़े में मुर्गों के लिए ऐसा आलीशान चिकन पैलेस बना दिया, जिसमें हर वो चीज़ है जो एक इंसानी नाइटक्लब में होती है—डिस्को लाइट, तेज़ म्यूज़िक और नाचते-गाते मुर्गे!

हमें तो अपने बचपन के गाँव की याद आ गई, जहाँ मुर्गे बस भूसा और दाना खाते थे, और सर्दियों में बस थोड़ा सा धूप के लिए जगह चाहिए होती थी। पर यहाँ तो मामला उल्टा है; केविन जी ने मुर्गों की ज़िंदगी ही बदल डाली!

DJ वाले बाबू, मेरा मुर्गा चला दो!

अब ज़रा Reddit कम्युनिटी की प्रतिक्रियाएँ देखें, तो वहाँ भी सबका हँसी से बुरा हाल है। एक कमेंट था—"मुर्गों को क्या अब स्टिमुलेशन की ज़रूरत है?" यानी, क्या अब मुर्गों को भी नाच-गाना चाहिए ताकि वो बोर न हों? इस पर एक और यूज़र ने लिखा, "अगर स्टिमुलेशन चाहिए तो झुनझुना या घंटी टांग दो, 24 घंटे का रेव पार्टी क्यों?"

सोचिए, अपने यहाँ तो कुत्ते-बिल्ली के लिए भी खिलौने कम ही आते हैं, और यहाँ मुर्गे डीजे की बीट पर थिरक रहे हैं! अगर कभी हमारे मोहल्ले का कोई मुर्गा DJ वाले बाबू पर ठुमका लगा दे, तो गली के बच्चे तो पागल ही हो जाएँगे।

एक और मज़ेदार कमेंट में किसी ने कहा, "अगर पड़ोसी ने सफाई नहीं की, तो खिड़की खोलना मुश्किल हो जाएगा!" यानी, चिकन पैलेस की बदबू मोहल्लेवालों की नाक में दम कर सकती है। वैसे भी, मुर्गियों की बदबू तो हमारे यहाँ भी किसी सज़ा से कम नहीं मानी जाती—फ्रांस में तो कभी इसे टॉर्चर के लिए भी इस्तेमाल किया गया था!

केविन जी की अतरंगी सोच: सपनों का चिकन क्लब

अब आप सोच रहे होंगे, आखिर केविन जी को ये आइडिया आया कहाँ से? Reddit के एक यूज़र ने तो मजाक में लिखा, "मुझे तो लगा जैसे स्पॉन्जबॉब के जेलीफिश रेव पार्टी का सीन चल रहा है!" वहीं, एक और ने कहा, "कुछ भी हो जाए, केविन जी को कोई रोक नहीं सकता कि वो स्पीकर पर शेर की दहाड़ बजा दें!"

हमारे यहाँ भी कई ऐसे 'जुगाड़ू' लोग होते हैं, जो घर के पालतू जानवरों के लिए कुछ न कुछ नया करने की कोशिश में लगे रहते हैं। कोई कुत्ते के लिए AC लगा देता है, कोई तोते के लिए रंगीन पिंजरा बनवाता है। लेकिन मुर्गों के लिए नाइटक्लब, ये तो वाकई 'केविनगिरी' की हद है!

मुर्गों के लिए नाइटलाइफ़: मोहल्ले वालों का क्या हाल?

अब सोचिए, आपके पड़ोस में रात भर तेज़ म्यूज़िक बजे, लाइटें चमकें और मुर्गे अपनी बांग छोड़कर डांस में मगन हों! मोहल्लेवालों का तो जीना हराम हो जाए। Reddit पर एक कमेंट ने तो साफ लिखा—"ऐसे में खिड़की खोलना मुश्किल, और चैन की नींद तो भूल ही जाओ।"

हमारे यहाँ तो कोई शादी-ब्याह में डीजे रात 10 बजे के बाद बजे, तो पुलिस बुला ली जाती है। अब मुर्गों के नाइटक्लब पर कौन सा कानून लगेगा? ऊपर से बदबू और शोर—ना नींद पूरी, ना चैन!

लेकिन, इसमें एक सीख भी छुपी है—अगर पालतू जानवरों को खुश रखना है, तो प्यार-दुलार और थोड़ी सी देखभाल काफी है। नाइटक्लब की ज़रूरत नहीं!

निष्कर्ष: आपके मोहल्ले में मुर्गा क्लब खुला तो क्या करेंगे?

तो भैया, केविन जी की ये अनोखी हरकत देखकर हँसी भी आती है और हैरानी भी। एक तरफ पालतू जानवरों के लिए इतनी फिक्र, दूसरी तरफ पड़ोसियों की नींद और नाक का सत्यानाश!

अब आप ही बताइए—अगर आपके मोहल्ले में ऐसा चिकन पैलेस खुले, तो आप क्या करेंगे? कमेंट में अपनी राय जरूर बताइए, और ऐसी ही मजेदार कहानियों के लिए जुड़े रहिए!


मूल रेडिट पोस्ट: Kevin Neighbor is building a “chicken palace” that’s basically a nightclub for roosters