बॉस की सख्ती का जवाब: हर बार डेस्क छोड़ने पर मैसेज भेजकर दिया करारा जवाब!
ऑफिस की राजनीति और बॉस की टेढ़ी नज़रें—ये कहानी तो हर नौकरीपेशा इंसान की ज़िंदगी में कहीं न कहीं जरूर देखने-सुनने को मिलती है। लेकिन सोचिए, अगर आपका बॉस हर बार पूछे कि आप कहां जा रहे हैं, और आप भी उसकी हिदायतों का ऐसा पालन करें कि खुद बॉस ही परेशान हो जाए—तो? आज हम आपको एक ऐसे ही मज़ेदार किस्से के बारे में बताएंगे, जो सोशल मीडिया पर भी खूब वायरल हुआ है।
जब "प्रोफेशनलिज़्म" बना सिरदर्द
कहानी Reddit के r/MaliciousCompliance नामक फोरम से आई है, जहां एक यूज़र (u/Far_Turn9771) ने बताया कि उनके बॉस ने एक टीम मीटिंग में कहा—"लोग बिना बताए डेस्क से गायब हो जाते हैं, ये बहुत ही गैर-पेशेवर (unprofessional) है।" अब भारतीय दफ्तरों में भी ऐसा अक्सर सुनने को मिलता है—"कम से कम बता कर जाओ, कहां जा रहे हो?"
हमारे नायक ने बॉस के इस आदेश का ऐसा पालन किया कि खुद बॉस ही सर पकड़ कर बैठ गए। अब जब भी उन्हें वॉशरूम जाना हो, कॉफी लेनी हो या प्रिंटर तक जाना हो—हर बार Teams पर बॉस को मैसेज भेजने लगे:
- "रेस्टरूम के लिए जा रहा हूँ।"
- "कॉफी लेने जा रहा हूँ।"
- "प्रिंटर तक जा रहा हूँ।"
यह सिलसिला इतना बढ़ गया कि एक दिन में नौ-नौ मैसेज बॉस को भेज दिए। न बॉस ने कोई जवाब दिया, न कर्मचारी ने जवाब का इंतज़ार किया। शुक्रवार को तो बॉस ने तंग आकर कह ही दिया—"हर बार बताने की जरूरत नहीं है।" कर्मचारी का जवाब—"सिर्फ आपकी professionalism की सीख पर अमल कर रहा हूँ, सर।" बस, उसके बाद बॉस ने ये मुद्दा फिर कभी नहीं उठाया!
माइक्रोमैनेजमेंट: ऑफिस के “हिट्लर” बॉस
यह किस्सा सुनकर कई भारतीय पाठक मुस्कुराए बिना नहीं रहेंगे। हमारे ऑफिसों में भी ऐसे बॉस होते हैं जो हर छोटी बात पर निगरानी रखते हैं—जैसे वॉशरूम का टाइम, चाय break, या कोई सहकर्मी 2 मिनट के लिए सीट से उठ गया तो तुरंत सवाल—"कहां चले गए थे?"
Reddit पर एक कमेंट में किसी ने लिखा, "मेरे बॉस ने भी मुझे bathroom, दवाई लेने या गाड़ी से कुछ लाने पर हर बार बताने के लिए कहा, आख़िरकार तंग आकर बोली, बस लंबे समय के लिए जाओ तो बता देना!"
एक और कमेंट ने कहा, "जब बॉस ऑफिस में खाली कुर्सी देख लेते हैं, तो सोच लेते हैं कि कर्मचारी बहुत देर से गायब है—यही सबसे बड़ी समस्या है।"
दरअसल, माइक्रोमैनेजमेंट का जड़ यही है—विश्वास की कमी। कई बार, पूरी टीम को बच्चा समझकर सब पर सख्ती कर दी जाती है, जबकि दिक्कत सिर्फ एक इंसान से होती है। एक कमेंट में किसी ने सही लिखा—"कभी-कभी एक ही कर्मचारी की वजह से पूरी टीम को नई पॉलिसी झेलनी पड़ती है, और असली दोषी तो फिर भी अपनी हरकतें जारी रखता है।"
प्रतिशोध का स्वाद: बॉस को उन्हीं की भाषा में जवाब
ऐसा सिर्फ विदेशी दफ्तरों में नहीं, भारत में भी कई लोग बॉस की सख्ती का जवाब उसी की भाषा में देते हैं। हमारे यहां तो कहावत है—"जैसी करनी वैसी भरनी।"
एक कमेंट में किसी ने लिखा, "मेरे बॉस ने हर बार फोन फॉरवर्ड करने को कहा, तो मैंने उसका फोन खुद बॉस के नंबर पर फॉरवर्ड कर दिया!"
एक और मज़ेदार कमेंट—"जब बॉस bathroom टाइम पर सवाल करने लगे, तो मैंने बता दिया कि आज खाने में क्या खाया था और अनुमान लगाया कि कितनी देर लग सकती है। ऑफिशियल अपडेट के लिए फोटो भी भेजने को तैयार था—बॉस ने एक हफ्ते में ही ये नियम हटा दिया।"
दूसरी तरफ, कुछ महिलाएं ऑफिस में बार-बार bathroom जाने पर बॉस की टोकाटाकी का शिकार होती हैं। एक कमेंट में किसी महिला ने लिखा—"मैंने बॉस को साफ कह दिया कि अगर आपको दिक्कत है तो मैं छुट्टी ले लूं, लेकिन बार-बार शरीर की जरूरतों पर सवाल मत करें।"
आधुनिक ऑफिस और ‘विश्वास’ की चुनौती
सोचिए, अगर हर भारतीय कर्मचारी हर बार बॉस को "मैं 2 मिनट के लिए पानी पीने जा रहा हूँ" या "आंख दुख रही है, डॉक्टर के पास जाना है" जैसे मैसेज भेजने लगे, तो बॉस बेचारे Teams/WhatsApp में ही डूब जाएंगे!
एक कमेंट में किसी ने लिखा—"हमारे भारतीय सहयोगी हर छोटी बात पर ईमेल भेज देते हैं, पूछो क्यों? क्योंकि पुराने बॉसों ने इतनी सख्ती की कि अब आदत बन गई है।"
असल में, ऑफिस की संस्कृति ही ऐसी बन गई है कि हर छोटी बात के लिए हिदायतें, नोटिफिकेशन और पॉलिसी बनाई जाती हैं। जबकि सच्चाई ये है कि अगर आप अपने कर्मचारियों पर भरोसा करेंगे, तो वे खुद ही जिम्मेदारी समझेंगे।
निष्कर्ष: क्या ऐसा व्यवहार सही है?
यह कहानी हमें एक अहम बात सिखाती है—विश्वास और संवाद ऑफिस की नींव हैं। बॉस अगर टीम को बच्चे समझेगा तो कर्मचारी भी मज़ाक उड़ाने से पीछे नहीं हटेंगे। और हां, कभी-कभी "मालिशियस कंप्लायंस" यानी आदेशों का अतिशय पालन, बॉस को अपनी गलतियों का एहसास भी कराता है।
तो अगली बार जब आपका बॉस बिना मतलब की सख्ती करे, तो सोचिए—क्या आप भी ऐसा ही कोई "मास्टरस्ट्रोक" आज़मा सकते हैं?
आपका क्या अनुभव रहा है ऐसे बॉसों के साथ? नीचे कमेंट में जरूर बताएं—शायद आपकी कहानी भी किसी को मुस्कराने की वजह दे दे!
मूल रेडिट पोस्ट: Boss said I cant just disappear from my desk so now I send him a message every time I leave