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बॉस की चालाकी पर भारी पड़ी कर्मचारी की छोटी बदला कहानी

कार्यालय में एक आलोचनात्मक बॉस के साथ रिपोर्ट की समीक्षा करते हुए एक निराश कर्मचारी का कार्टून-शैली का चित्रण।
यह जीवंत कार्टून-3D चित्र कार्यालय जीवन की तनावपूर्ण स्थिति को दर्शाता है, जब नायक अपने कठोर बॉस के साथ बीते हुए निराशाओं पर विचार करता है। कार्यस्थल की चुनौतियों और सीखे गए पाठों की कहानी में शामिल हों!

ऑफिस की राजनीति और बॉस के तानों से तो हम सब कभी न कभी जूझे ही हैं। ज़रा सोचिए, अगर आपका बॉस हर काम में नुक़्स निकालता हो, चाहे आप कितनी भी मेहनत कर लें! ऐसी ही एक मज़ेदार और चुटीली कहानी Reddit पर वायरल हुई, जिसमें एक कर्मचारी ने अपने झक्की बॉस को उसी की चालाकी से मात दे दी। Boston की एक फाइनेंशियल कंपनी, State Street Bank की इस घटना में नायक हैं एक कर्मचारी और विलेन हैं—उनकी बॉस, Paula।

जब बॉस बने 'मशरूम फार्म' के मालिक

अब आप सोच रहे होंगे—'मशरूम फार्म' क्या है? दरअसल, कहानी के लेखक ने अपने ऑफिस को मज़ाकिया अंदाज़ में 'मशरूम फार्म' कहा, मतलब वहाँ कर्मचारियों को अंधेरे में रखा जाता था और ऊपर से हर वक्त उल्टी-सीधी बातें सुननी पड़ती थीं। जैसे हमारे यहाँ कहते हैं, "ऊपर से नमक-मिर्च छिड़कना।" Paula, यानी उनकी बॉस, हर रिपोर्ट, हर कवर लेटर में कोई न कोई बेवजह की गलती ढूंढ ही लेती थी—चाहे नंबर बिल्कुल सही क्यों न हों। एक Reddit कमेंट में किसी ने कहा, "हमारे यहाँ भी ऐसे बॉस होते हैं, जो काम के असली मतलब को छोड़, बस कॉमा या फुलस्टॉप पर ही अटक जाते हैं।" कितनी सटीक बात है, है न?

पुरानी चालाकी पर नया बदला

कहानी में ट्विस्ट तब आया, जब कर्मचारी को कंपनी के नेटवर्क ड्राइव में Paula की पुरानी रिपोर्ट्स मिल गईं। सोचा, "चलो, अब उन्हीं की भाषा, उन्हीं का फॉर्मेट इस्तेमाल करते हैं।" अगले हफ्ते रिपोर्ट बनाई, हूबहू Paula की स्टाइल में—हर्फ-हर्फ, लाइन-लाइन उनकी तरह। रिपोर्ट लेकर बॉस के पास पहुँचे, तो Paula ने हमेशा की तरह बवाल मचा दिया, "ये क्या बना दिया! इससे खराब रिपोर्ट कभी नहीं देखी।" अब कर्मचारी ने मुस्कुराते हुए कहा, "मैम, ये तो आपकी ही बनाई हुई रिपोर्ट का फॉर्मेट है, बस डेटा बदला है।" और सबूत के तौर पर उनकी पुरानी रिपोर्ट की कॉपी भी दिखा दी।

Paula का चेहरा देखने लायक था। बगलें झाँकने लगीं। लेकिन समय कम था, इसलिए मजबूरी में उसी रिपोर्ट को पास कर दिया। Reddit समुदाय का एक मजेदार कमेंट था, "अरे, ये तो वही बात हुई—'अपनी ही दवा से इलाज!'"

ऑफिस के 'पावर ट्रिप' बॉस और उनकी आदतें

Paula सिर्फ रिपोर्ट्स में ही नहीं, बल्कि हर छोटी-बड़ी बात में टॉर्चर करने का कोई मौका नहीं छोड़ती थीं। देर तक बिठाना, छुट्टी मांगने पर ताने मारना, निजी बातों में भी दखल देना—यहाँ तक कि कर्मचारी के परिवार के दुख-दर्द में भी सहानुभूति नहीं दिखाना। एक कमेंट ने बड़े अच्छे से कहा, "ऐसे बॉस हर जगह होते हैं—जिनका बस चले तो छुट्टी के पैसे भी कटवा दें!"

Reddit यूज़र्स ने इसे 'मशरूम थ्योरी ऑफ़ मैनेजमेंट' कहा—यानि कर्मचारियों को अंधेरे में रखो, उल्टी-सीधी सुनाओ, और उम्मीद करो कि वो चुपचाप बढ़ते रहें। हमारे देश में भी ऐसे बॉसों के लिए कहावत है—"खुद की बगल बजाओ, दूसरों को नचाओ!"

पाठक समुदाय की राय और हँसी-मज़ाक

कई पाठकों ने अपनी-अपनी कहानियाँ भी साझा कीं—किसी ने बताया कि उनका बॉस हर बार कोई एक गलती ढूँढता था, तो वो खुद ही जान-बूझकर एक छोटी सी गलती छोड़ देते थे ताकि बॉस उसी पर टिक जाए और बाकी काम जल्दी पास हो जाए! (यानी, 'लोभ का लाभ उठाना'—हाहाहा!)

एक पाठक ने लिखा, "Paula को तो अपने ही जाल में फँसा दिया! वाह, क्या बदला लिया।" किसी ने तो यहाँ तक कह दिया, "ऐसे बॉसों की वजह से ही कर्मचारी 'पेटी रिवेंज' यानी छोटी-छोटी चुटकी लेने पर मजबूर हो जाते हैं।"

अंत भला, तो सब भला!

आखिरकार, हमारे नायक ने कुछ महीने बाद नौकरी छोड़ दी, लेकिन Paula को उनकी ही चाल में हराकर ही गए। जाते-जाते सरेआम कह दिया, "आप सबसे खराब इंसान और बॉस हैं, और आपके साथ जो हुआ, वो शायद आपके कर्मों का फल है।" इस कहानी से हमें यही सीख मिलती है—कभी-कभी बॉस के तानों का जवाब सीधे शब्दों में नहीं, बल्कि थोड़ी चालाकी से देना चाहिए। और सबसे बड़ी बात—अपने आत्मसम्मान के लिए हमेशा खड़े रहिए।

आपके ऑफिस में भी कभी ऐसा बॉस रहा है, जिसने हर छोटी बात में नुक़्स निकाला हो? या आपने कभी ऐसा कोई मज़ेदार बदला लिया हो? अपनी कहानी नीचे कमेंट में जरूर शेयर करें!


मूल रेडिट पोस्ट: Boss always found an error with my monthly reports and cover letters, so I used her old ones and watched her rip them apart.