बदबूदार टीचर को पेन से मिली छोटी-सी लेकिन मजेदार सजा!
कई बार हमारे स्कूल या कॉलेज के दिनों में ऐसी घटनाएँ हो जाती हैं जिनकी यादें ताउम्र साथ रहती हैं। ज़रा सोचिए, आपके क्लास में कोई ऐसा टीचर हो जिसकी स्मोकिंग की बदबू से आप परेशान रहते हों! अब बताइए, ऐसे में आप क्या करेंगे? आज की हमारी कहानी भी कुछ ऐसी ही है, जहाँ एक छात्र ने छोटी-सी लेकिन कमाल की बदला लेने की तरकीब अपनाई – और वो भी केवल एक पेन के सहारे!
स्कूल की यादें और बदबूदार टीचर
हमारे देश में भी अक्सर ऐसे अध्यापकों की चर्चा होती है जो क्लास में आते ही अपने साथ पान-तंबाकू या सिगरेट की गंध ले आते हैं। क्लासरूम में बैठे बच्चों को ना सिर्फ पढ़ाई में ध्यान लगाने में दिक्कत होती है, बल्कि कई बार सांस लेना भी मुश्किल हो जाता है। Reddit के एक पोस्ट में कुछ ऐसा ही वाकया शेयर किया गया, जहाँ 'Fiempre_sin_tabla' नाम के यूज़र ने बताया कि उनकी लैंग्वेज डिपार्टमेंट की हेड टीचर बहुत भारी स्मोकर (धूम्रपान करने वाली) थीं। जिस दिन वो क्लास में निगरानी करने आईं, उनके पास बैठना जैसे सजा था – चारों ओर वही सिगरेट की तेज़ बदबू!
छोटी सी बदला लेने की चालाक तरकीब
अब, अगर आप सोच रहे हैं कि छात्र ने कोई बड़ा हंगामा किया होगा, तो ज़रा ठहरिए! असली मज़ा तो इसी में है कि उसने बिना शोर-शराबे के, बड़ी मासूमियत से बदला लिया। उसने अपने बैग से एक सफेद, गोल BiC पेन निकाला (बिल्कुल वही जो हमारे यहाँ भी खूब चलते हैं), और उसे इस तरह से पकड़कर, ज़रा-ज़रा मुंह में लगाकर, कभी उँगली से घुमाकर, टीचर के सामने ऐसे दिखाया जैसे वो खुद सिगरेट पी रहा हो! न कोई बड़ा ड्रामा, न कोई खुली बदतमीज़ी – बस इतनी सफ़ाई से कि टीचर देखे बिना रह न सके।
जैसे-जैसे क्लास आगे बढ़ी, टीचर की बेचैनी बढ़ती गई। एक कमेंट में किसी ने लिखा, “छोटी-छोटी ऐसी हरकतें सामने वाले का दिमाग महीनों तक परेशान कर देती हैं, जबकि करने में कोई मशक्कत भी नहीं लगती!” सच ही है, हमारे यहाँ भी कहते हैं – “जहाँ सुई से काम चल जाए, वहाँ तलवार क्यों निकालना!”
कम्युनिटी की प्रतिक्रिया: हँसी, तारीफ और किस्से
इस पोस्ट पर Reddit समुदाय की प्रतिक्रियाएँ भी कम गज़ब की नहीं थीं। एक यूज़र ने लिखा, “वाह! नशेड़ी की लत को उसी के खिलाफ इस्तेमाल करना, दिमाग़दार चाल है। ये आइडिया तो याद रखना पड़ेगा।” किसी और ने जोड़ा, “भाई, ये तो ठेठ देसी बदला है – बिना बोले, बिना झगड़े, सामने वाले को उनकी ही गलती का एहसास करा देना।”
एक मज़ेदार कमेंट में किसी ने बचपन के पेन से जुड़ी यादें ताज़ा कर दीं – “हमारे स्कूल में तो BiC पेन को लड़के बिजली के बोर्ड में डालकर फोड़ देते थे, फिर सारा इंक कपड़े पर! माँ को क्या जवाब देते थे, पता नहीं!” एक और पाठक ने लिखा, “मुझे भी अपने पति को धूम्रपान छोड़ने के लिए कोई ऐसी तरकीब आज़मानी पड़ेगी, क्योंकि अब वो सिगरेट छोड़कर वेपिंग भी शुरू कर चुके हैं!”
मनोवैज्ञानिक असर और देसी जुड़ाव
कई बार हमारे आस-पास की छोटी-छोटी चीज़ें, जैसे पेन या रबर, भी बड़े काम आ सकती हैं – बस दिमाग़ में थोड़ा तड़का चाहिए। यहाँ छात्र ने न तो सीधे-सीधे टीचर को कुछ कहा, न ही कोई बड़ा विवाद किया। उसने सिर्फ टीचर को उनकी लत और उसकी बदबू का अहसास दिला दिया। देसी मुहावरे में कहें, तो “घर का जोगी जोगड़ा, बाहर का सिद्ध” – मतलब, जो आदत रोज़मर्रा में है, वही जब सामने से दिखे तो खटक जाती है।
इस किस्से में एक और सीख छुपी है – कई बार बड़े-बड़े बदलाव छोटे-छोटे इशारों से ही आ सकते हैं। Reddit के एक कमेंट में ये भी कहा गया कि अगर टीचर शिकायत भी करतीं, तो छात्र के पास साफ जवाब था – “मैं तो बस पेन से खेल रहा था, ध्यान से आपकी बात सुन रहा था!” यानी, पकड़ने पर भी दोष साबित न हो!
अंत में – आपकी भी कोई ऐसी कहानी?
हम सबके स्कूल-कॉलेज में कोई ना कोई “खास सुगंध” वाला टीचर या क्लासमेट ज़रूर रहा होगा! कभी-कभी ऐसे लोगों को सबक सिखाने के लिए झगड़ा करने की ज़रूरत नहीं पड़ती, बस एक छोटी-सी चालाकी ही काफी होती है। अगर आपके पास भी कोई ऐसी मजेदार या देसी जुगाड़ वाली कहानी है, तो नीचे कमेंट में जरूर साझा करें।
क्योंकि कहते हैं – “जहाँ बातों से बात न बने, वहाँ पेन भी कमाल कर सकता है!” तो अगली बार जब कोई बदबूदार सहकर्मी या टीचर परेशान करे, तो इस किस्से को याद कीजिएगा!
मूल रेडिट पोस्ट: Petty revenge on a smelly teacher