पियरोगी क्वीन और पाँच साल पुराने पकवान की अनोखी वापसी!
रिटेल की दुनिया में हर दिन कुछ नया देखने को मिलता है। कभी कोई ग्राहक मिठास से दिल जीत लेता है, तो कभी कोई अपने रवैये से दुकान का माहौल ऐसा बना देता है कि हँसी भी आती है और सिर भी पकड़ना पड़ता है। आज मैं आपको सुनाने जा रहा हूँ एक ऐसी ही घटना, जहाँ एक बुज़ुर्ग महिला अपने पाँच साल पुराने पियरोगी (एक तरह का यूरोपियन पकवान) को लौटाने चली आई – और कैसे पूरे स्टाफ की हवा टाइट कर दी!
दुकान का माहौल और किरदार
ये किस्सा 2020 या 2021 के आसपास का है, जब लॉकडाउन के बाद लोग खुद भी थोड़े चिड़चिड़े से थे। कहानी की शुरुआत एक छोटे से फ्रीज़र फूड स्टोर से होती है, जहाँ ग्राहक कम ही आते थे और स्टाफ भी बस दो-तीन ही होते थे। वैसे तो यहाँ का माहौल शांति से भरा रहता था, मगर जिस दिन ‘पियरोगी क्वीन’ आईं, उस दिन सब बदल गया।
पियरोगी क्वीन – गुस्से में तमतमाती दादी!
एक दिन दुकान का दरवाजा ज़ोर से खुला और एक छोटी कद-काठी की, लगभग साठ-सत्तर साल की महिला अंदर आईं। उनके हाथ में एक पॉलिथीन की थैली थी, जो शायद रबर बैंड से बंधी थी – और चेहरा ऐसा जैसे मानो आज किसी को सबक सिखा कर ही मानेंगी। सीधा काउंटर पर आईं और थैली को ऐसे पटका जैसे कोई सबूत पेश कर रही हों।
“मुझे इस पियरोगी के पैसे वापस चाहिए! मैंने ये अपने परिवार के लिए बनाई थी, पर ये तो पत्थर जैसी सख्त और बेस्वाद निकली!”
स्टाफ थोड़ा घबरा गया, पर प्रोफेशनल अंदाज में बोला – “माफ़ कीजिए, मैम, मुझे इसका कोड देखना होगा, तभी रिफंड कर पाऊँगा।”
अब थैली तो वैसे ही पुरानी और पसीने से भीगी हुई थी, कोड कहीं मिल ही नहीं रहा था। स्टाफ ने सिस्टम से ढूँढने की कोशिश की, लेकिन कंप्यूटर भी मानो उसी दिन रूठ गया था। पीछे-पीछे और ग्राहक लाइन में लगने लगे, और दादी का गुस्सा और बढ़ता जा रहा था। स्टाफ बेचारा इधर-उधर भाग रहा था कि कहीं फ्रीज़र में यही आइटम मिल जाए, पर नतीजा सिफर।
यहाँ हिंदुस्तानी दुकानों की याद आ गई – जहाँ कई बार ग्राहक पुराने बिल या खाली डिब्बे लेकर भी ऐसे हंगामा कर देते हैं कि पूरा स्टाफ परेशान हो जाता है। एक कमेंट में किसी ने लिखा, “लगता है दादी अपने सबूत लेकर हेड ऑफिस तक जाएँगी, क्योंकि जब पूरी दुनिया गलत हो, तो बस आप ही सही होते हैं!” (क्या बात है, ऐसी जिद हमारी दादी-नानी में भी देखी है!)
पाँच साल पुराने पियरोगी का खुलासा
आखिरकार, स्टाफ ने हार मानकर अपने मैनेजर ‘रॉन’ को फोन किया। दादी जी का गुस्सा सातवें आसमान पर था – “मैनेजर को बुलाओ! फोन पर बुलाओ!” स्टाफ के पसीने छूटने लगे, लेकिन जैसे ही रॉन ने सुना कि मामला पियरोगी का है, वो चौंक गया।
“हमारी कंपनी ने पाँच साल से पियरोगी बनाना ही बंद कर दिया है!”
अब सोचिए, कोई अपने पाँच साल पुराने फ्रीज़र फूड को लौटा रहा है। एक कमेंट में किसी ने मज़ाकिया अंदाज में लिखा, “लगता है दादी ने पियरोगी पकाने से पहले उसे पिघलाया ही नहीं!” जवाब आया – “भाई, पाँच साल पुराने थे, पत्थर तो होंगे ही!”
क्लाइमैक्स: दादी, पियरोगी और दुकान का सन्नाटा
रॉन ने दादी को फोन पर समझाया, मगर दादी हिलने-डुलने को ही तैयार नहीं थी। लाइन में खड़े बाकी ग्राहक अब मज़े लेने लगे – कोई हँस रहा था, कोई मोबाइल में वीडियो बना रहा था। आखिरकार, सबने मिलकर दादी को लाइन से हटा दिया, और बाकी ग्राहकों का बिलिंग शुरू हुआ।
मज़ेदार बात ये रही कि जब सब निपट गया, और स्टाफ ने देखा कि वो पियरोगी की थैली गायब है। सहकर्मी से पूछा – “अरे, वो पुरानी पियरोगी की थैली कहाँ गई?” जवाब मिला – “मुझे लगता है दादी खुद ही ले गईं।”
मतलब, इतनी बहस के बाद भी दादी अपनी ‘सबूत’ की थैली वापस ले गईं – और काउंटर पर बस एक छोटा सा पानी का गड्ढा रह गया।
रिटेल की दुनिया – सीख और हँसी
इस कहानी में जितना गुस्सा था, उतनी ही हँसी भी। भारत में भी कई बार दुकानदारों को ऐसे ही हालात का सामना करना पड़ता है, खासकर जब कोई ग्राहक ज़िद पर अड़ जाता है या रिटर्न की शर्तें उन्हें समझ नहीं आतीं।
एक यूज़र ने लिखा – “मुझे तो सब कुछ ‘बॉब्स बर्गर्स’ वाले कार्टून की तरह दिख रहा था।” और सच मानिए, इस पूरी घटना पर कोई मजेदार वेबसीरीज़ बन सकती है!
निष्कर्ष: आपकी भी कोई ऐसी कहानी है?
तो दोस्तों, ये थी पियरोगी क्वीन की कहानी – जिसमें ग्राहक भी कमाल की थी और रिटेल स्टाफ ने भी गज़ब धैर्य दिखाया। अगर आपने भी कभी किसी दुकान में या खुद स्टाफ के तौर पर ऐसी कोई मजेदार, अजीब या झल्ला देने वाली घटना झेली है, तो नीचे कमेंट में जरूर बताइए।
आखिर, रिटेल की दुनिया में हर दिन एक नई कहानी जन्म लेती है – और हँसी के साथ-साथ बहुत कुछ सिखा भी जाती है!
मूल रेडिट पोस्ट: My encounter with the Pierogi Queen