दूल्हे की 'न्यूक्लियर' बदला-बारात: जब दोस्ती के नाम पर हुई अनोखी सज़ा
अगर आपको लगता है कि शादी से पहले सिर्फ दूल्हा ही टेंशन में रहता है, तो ज़रा एक बार इस कहानी को पढ़िए! यह सिर्फ़ एक मज़ेदार 'बक पार्टी' की बात नहीं है, बल्कि दोस्ती, बदले, और हद से ज़्यादा 'क्रिएटिविटी' की मिसाल है। आइए जानते हैं कैसे एक घमंडी दूल्हे को उसकी ही मंडली ने ऐसा सबक सिखाया, जिसे वो ज़िंदगी भर नहीं भूल पाया।
जब 'दोस्ती' की आड़ में पल रहा था बदला
ये किस्सा है एक ऐसे लड़के का, जो दिखने में बड़ा चार्मिंग था, लेकिन उसके स्वभाव में छुपा था बेरुखी और चालाकी। कहते हैं, "चौड़े कंधे, बड़ा दिल...लेकिन छोटी सोच!" दोस्ती के नाम पर उसने कई बार अपने दोस्तों के साथ धोखा किया, यहाँ तक कि उनके रिलेशनशिप्स में भी दखल दिया।
अब हुआ यूँ कि उसकी शादी तय हो गई और जमाना था 'बक पार्टी' का – यानी शादी से ठीक एक रात पहले दोस्तों के साथ जमकर मस्ती। लेकिन इस बार दोस्ती के नाम पर कुछ और ही पक रहा था।
दूल्हे की 'शानदार' विदाई: भौहें उड़ गईं, दिमाग भी!
उस रात दोस्तों ने पहले तो उसे जमकर शराब पिलाई, जिसमें छुपाकर डाली गई थी वोडका और शायद कोई नींद की गोली भी। बेचारा दूल्हा कब बेसुध हो गया, उसे पता ही नहीं चला। फिर क्या, असली 'मिशन' शुरू हुआ!
एकदम बॉलीवुड स्टाइल में उसके दोस्तों ने उसकी दोनों भौहें साफ़ कर दीं – सोचिए, दूल्हा बिना भौहों के कैसा लगेगा! फिर उसे शहर के रेलवे स्टेशन तक पहुंचाया (जो करीब 40 मिनट दूर था), और वहाँ से 300 किलोमीटर दूर वाली ट्रेन में बैठा दिया। कुछ लोगों के अनुसार, शायद उसकी पैंट भी गायब कर दी गई थी – लेकिन ये कहानी का अगला एपिसोड हो सकता है।
जैसे-तैसे दूल्हा ट्रेन में होश में आया और बिना कुछ समझे-समझाए, चलती ट्रेन से कूद पड़ा! किसी तरह हाईवे पर पहुंचा, लिफ्ट मांगी, और भागता-दौड़ता अपनी शादी के दिन दोपहर में वापस लौटा – वो भी बिना भौहों के!
कम्युनिटी की प्रतिक्रिया: "इसकी तो भौहें ही उड़ गईं!"
रेडिट कम्युनिटी इस किस्से पर खूब हँसी – एक यूजर ने तो लिखा, "इसकी शक्ल देख सबकी भौहें उठ गईं...सिवाय इसकी!" (मतलब, उसकी अपनी भौहें तो थी ही नहीं)। एक और कमेंट आया, "यह हाई लेवल ह्यूमर है, जैसी उम्मीद थी!"
कुछ लोग बोले, "भई, बिना बताए किसी को नशा देना ठीक नहीं, चाहे बदला ही लेना हो।" लेकिन कईयों ने कहा, "कम से कम इसका यही हक था – आखिर दोस्तों की गर्लफ्रेंड्स से पंगा लेना सस्ता तो नहीं!"
एक मज़ेदार कमेंट आया, "ऐसी हरकतें तो बस न्यूजीलैंड (Kiwi) वाले ही कर सकते हैं।" इस पर किसी ने जोड़ा, "भैया, ट्रेन में 300 किलोमीटर भेजना – ये तो गज़ब का आइडिया है।"
रिश्तों की असली परख: दोस्ती, बदला और इंसानियत
अगर आप सोच रहे हैं कि शादी के बाद क्या हुआ – तो जनाब, दूल्हा-दुल्हन ने उन दोस्तों से कभी मेलजोल नहीं रखा। और शादी भी एक साल में ही टूट गई। लोगों का तो मानना है, "जिसने अपने दोस्तों के साथ ईमानदारी नहीं रखी, वो शादी में क्या निभाएगा?"
इस किस्से से एक सीख भी मिलती है – कभी-कभी हम जिन लोगों को अपना मानते हैं, वही सबसे बड़ी चोट दे जाते हैं। और जब हद हो जाती है, तो बदला भी इतना जोरदार हो सकता है कि ज़िंदगी भर याद रहे!
थोड़ी सी सोच: मज़ाक, बदला या हद से ज्यादा?
कुछ लोगों ने इस हरकत को 'न्यूक्लियर बदला' कहा, तो कुछ ने इसे हद से ज्यादा बताया – "अरे, अगर ट्रेन हादसा हो जाता तो?" समाज में ऐसे किस्से अक्सर सुनने को मिलते हैं – शादी की शाम को दूल्हे को दोस्तों ने पीट दिया, या अजीबो-गरीब शरारतें कीं। लेकिन यहाँ मामला बदले का था, और तरीका इतना अनोखा कि सब हैरान रह गए।
क्या आपके साथ भी हुआ कुछ ऐसा?
तो दोस्तों, क्या आपने भी कभी किसी दोस्त को उसकी हरकतों का ऐसा सबक सिखाया है? या कभी किसी 'बक पार्टी' में ऐसे किस्से सुने हैं? नीचे कमेंट में जरूर बताइए। और हाँ, याद रखिए – दोस्ती में मस्ती होनी चाहिए, लेकिन 'भौहें उड़ाने' का बदला तभी लें जब बात हद से बाहर चली जाए!
अगर आपको यह कहानी पसंद आई हो, तो इसे अपने दोस्तों के साथ शेयर करना मत भूलिए – क्या पता, किसी की छुपी भौहें फिर से बाहर आ जाएं!
मूल रेडिट पोस्ट: This May Qualify As Nuclear Revenge?