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टेलीफोन सिस्टम में छुपा भूत: जब ऑफिस की लाइनों ने सबको चौंका दिया

एक डेस्क पर ऑफिस फोन सिस्टम, भूतिया धुंध में लिपटा, अप्रत्याशित संचार समस्याओं का प्रतीक।
इस फोटोरियलिस्टिक छवि में, एक साधारण ऑफिस फोन सिस्टम एक रहस्यमय धुंध में ढका हुआ है, जो हमारे अलग-थलग काम के माहौल में कभी-कभी होने वाले संचार टूटने को दर्शाता है।

कामकाजी जिंदगी में कभी-कभी ऐसी घटनाएं घट जाती हैं, जो ऑफिस की रोजमर्रा की बोरियत को अचानक जासूसी उपन्यास जैसा रोमांचक बना देती हैं। सोचिए, आप एक ऐसी कंपनी में काम करते हैं जो खुद फोन सिस्टम बेचती है, और उसी कंपनी के अपने फोन सिस्टम में कोई अनदेखी ताकत बार-बार सबको हैरान कर दे—कुछ वैसे ही जैसे हिंदी फिल्मों में कोई अदृश्य भूत बार-बार लाइट बंद कर देता है!

फोन लाइनों में गड़बड़ी, और सबकी बेचैनी

एक सुबह ऑफिस पहुंचते ही सबका चेहरा ऐसे लटक गया जैसे टी-ब्रेक के टाइम चाय खत्म हो गई हो। अचानक किसी को फोन पर कॉल नहीं आ रही थी। वैसे तो ऐसी छुटपुट समस्याएं आती रहती थीं—कभी कोई टेस्टिंग के नाम पर सिस्टम में कुछ छेड़ देता, तो कभी किसी का एक्सटेंशन गड़बड़ा जाता। लेकिन इस बार तो बात कुछ और ही थी!

जांच शुरू हुई, तो पता चला "Independence Day" नाम की छुट्टी मैन्युअली ऑन कर दी गई है। अब भैया, 4 जुलाई तो अमेरिका की छुट्टी होती है, भारत में तो कोई मतलब ही नहीं! लेकिन सिस्टम में ये ऑप्शन था कि आप जब चाहें, किसी भी दिन इस छुट्टी को एक्टिवेट कर सकते हैं। आमतौर पर इसे लोग लंच ब्रेक या ऑफिस पार्टी के टाइम यूज़ करते हैं—मगर यहां तो किसी ने यूं ही एक्टिवेट कर दिया था!

जैसे-तैसे किसी ने छुट्टी का स्विच वापस ऑफ किया और सब ठीक हो गया। लेकिन असली समस्या ये थी कि अब ये पता ही नहीं चल पा रहा था कि ये हरकत किसने की। लॉग्स भी ऐसे गायब जैसे घर की छोटी चाबी हमेशा गायब रहती है!

बार-बार वही गलती: क्या सच में कोई भूत है?

समस्या यहीं खत्म नहीं हुई। कुछ महीनों बाद फिर वही कहानी—फोन लाइनों ने काम करना बंद कर दिया। सपोर्ट मैनेजर का पारा सातवें आसमान पर! उन्होंने तो कसम खा ली थी कि इस ‘भूत’ को पकड़कर ही चैन लेंगे, वरना उनकी आत्मा को शांति नहीं मिलेगी।

लेकिन, अफसोस! लॉग्स फिर से गायब, और डेटाबेस में आखिरी एडिट महीनों पहले की दिखाई दे रही थी। किसी-किसी कमेंट में तो ये तक लिखा गया कि, "जिसने ये किया, वो तो जरूर अब कहीं बैठकर मजे ले रहा होगा—आखिर मालिक ने उसी को निकाल दिया था जो सिस्टम की बारीकियों को जानता था!"

आखिरकार सच्चाई सामने आई: टेलीमार्केटर या ऑफिस का पुराना बदमाश?

एक दिन, एक कस्टमर का मेल आया—"भैया, फोन नहीं लग रहा!" सबने फिर से जांच शुरू की। इस बार ऑपरेशन्स टीम ने तुरंत लॉग्स निकाले। पता चला कि "Independence Day" छुट्टी एक एक्सटेंशन के जरिए एक्टिवेट हुई थी। और मजेदार बात—वो एक्सटेंशन किसी बाहरी, अनजान फोन नंबर से जुड़ी थी!

जैसे ही उस नंबर को ट्रेस किया—सामने आया एक रैंडम टेलीमार्केटर! अब तो सबकी समझ में आ गया कि ये कोई आम गड़बड़ी नहीं थी। बल्कि किसी ने बड़े ही चालाकी से एक्सटेंशन को ऐसे सेट कर दिया था कि जब भी कोई उस नंबर से कॉल करता, फोन लाइन अपने आप "छुट्टी" मोड में चली जाती।

ऑपरेशन्स टीम ने जब और गहराई से देखा, तो पाया कि ये जाल खुद सपोर्ट टीम के एक सदस्य ने बिछाया था—वो भी निकालने से ठीक पहले! कमाल की बात ये थी कि एक्सटेंशन के जरिए जो ट्रिगर होता था, उसकी कोई पहचान डेटाबेस में सेव ही नहीं होती थी। यानी, काम हो जाता था और सबूत गायब—हिंदुस्तानी फिल्मों के विलेन भी शरमा जाएं!

कम्युनिटी की प्रतिक्रिया: "वाह, क्या दिमाग लगाया!"

Reddit कम्युनिटी की प्रतिक्रियाएं भी कम मजेदार नहीं थीं। एक यूज़र ने बड़े ही देसी अंदाज़ में लिखा, "भाई, जिसने ये किया, उसकी तो दिमागी दाद देनी पड़ेगी! बोरियत में पुराने ऑफिस वालों की ऐसी छुट्टी कर दी, जैसे बॉस की मीटिंग में चायवाला गायब हो जाए!"

दूसरे ने चुटकी ली, "मालिक ने उसी को निकाला, जिसने सब कुछ सेट किया था और पूरा सिस्टम अपने पीछे छुपा गया। अब वो कहीं बैठकर इस पर जरूर हंसता होगा!"

एक और कमेंट में कहा गया, "कंपनी खुद फोन सिस्टम बेचती है, और अपने ही सिस्टम में इतनी बड़ी सुराख! ऊपर से मैनेजमेंट का वही घिसा-पिटा जवाब—‘हां-हां, कुछ करना चाहिए’… लेकिन कोई करता नहीं।"

सीख क्या मिली? ऑफिस पॉलिटिक्स और टेक्नोलॉजी का अनोखा संगम

इस पूरी कहानी में मजा भी है, मसाला भी और सीख भी। सबसे बड़ी बात—किसी भी सिस्टम को हल्के में मत लो, खासकर तब जब आप खुद वही बेच रहे हों! और ऑफिस की पॉलिटिक्स भी गजब होती है—कभी-कभी पुराने कर्मचारी अपनी छाप छोड़ जाते हैं, वो भी ऐसे कि बाकी सबकी हवा टाइट हो जाए।

तो अगली बार जब आपके ऑफिस के फोन या कंप्यूटर में कोई अनदेखी गड़बड़ी हो, तो ध्यान से देखिए—कहीं कोई ‘भूत’ तो नहीं घूम रहा? और हां, लॉग्स का ध्यान रखना मत भूलिए—वरना अगला नंबर आपका भी हो सकता है!

समापन: आपकी राय क्या है?

क्या आपके साथ भी ऐसी कोई घटना हुई है, जिसमें किसी पुराने कर्मचारी ने ऑफिस को छका दिया हो? या कोई भूतिया टेक्नोलॉजी की कहानी आपके पास है? कमेंट में जरूर बताइए—क्योंकि ऐसी कहानियां तो हर ऑफिस में होती हैं, बस कोई सुनाने वाला चाहिए!


मूल रेडिट पोस्ट: Ghost In The Phones