टेक्सास यूनिवर्सिटी में प्लेटो पर बैन! प्रोफेसर की चालाकी ने सबको चौंकाया
कल्पना कीजिए, आपके कॉलेज में दर्शनशास्त्र (Philosophy) की क्लास हो रही है, लेकिन प्लेटो (Plato) का नाम लेना भी मना है! जी हां, अमेरिका के टेक्सास ए एंड एम यूनिवर्सिटी में कुछ ऐसा ही हुआ, जब प्रशासन ने दर्शनशास्त्र विभाग को प्लेटो पढ़ाने से साफ मना कर दिया। अब सोचिए, जैसे भारतीय स्कूल में गणित पढ़ाना हो लेकिन शून्य (Zero) का जिक्र तक न किया जाए! ऐसे में एक प्रोफेसर ने भी वही किया, जो कोई देसी जुगाड़ू करता—चालाकी से नियमों का पालन करते हुए असली मुद्दा सबके सामने ला दिया।
बैन की कहानी: जब प्लेटो "अछूत" बन गया
पश्चिमी दुनिया में प्लेटो जहां दर्शनशास्त्र का "भीष्म पितामह" माना जाता है, वहीं टेक्सास ए एंड एम यूनिवर्सिटी ने आदेश जारी कर दिया—"प्लेटो नहीं पढ़ाया जाएगा, कम से कम अपनी मर्जी से तो कतई नहीं!" वजह? विश्वविद्यालय में नई सेंसरशिप पॉलिसी लागू हो गई थी, जिसमें जेंडर और रेस से जुड़े मुद्दों पर चर्चा प्रतिबंधित कर दी गई थी। प्लेटो की किताब 'The Symposium' में जेंडर, प्रेम और समाज पर ऐसी बातें हैं, जो आज के कुछ लोगों को चुभ जाती हैं। एक कमेंट में किसी ने लिखा कि "प्लेटो का तो नाम ही लेना मना है, जैसे भैंस के आगे बीन बजाना!"
देसी जुगाड़: प्रोफेसर की स्मार्ट चाल
अब आते हैं असली मजे की बात पर। दर्शनशास्त्र विभाग के चेयरमैन, प्रोफेसर मार्टिन पीटरसन ने प्रशासन को एक चिट्ठी लिखी, जिसमें उन्होंने लिखा, "मैंने प्लेटो वाले हिस्से को हटा कर अब छात्रों को फ्री स्पीच (अभिव्यक्ति की स्वतंत्रता) और अकादमिक फ्रीडम (शैक्षिक स्वतंत्रता) पर लेक्चर रखे हैं।" यानि, जहां सरकार ने प्लेटो को सेंसर किया, वहीं प्रोफेसर ने सेंसरशिप को ही पाठ्यक्रम बना डाला! कुछ-कुछ वैसा, जैसे कोई अध्यापक कहे—"अगर मुझे पंचतंत्र की कहानी सुनाने से मना किया है, तो मैं बच्चों को बताऊंगा कि मुझे पंचतंत्र की कहानी सुनाने से क्यों रोका गया!"
रेडिट पर एक यूजर ने मजेदार प्रतिक्रिया दी—"अगर मुझे स्टार-बेली स्निचेस (Dr. Seuss की कहानी) पढ़ाने से मना किया गया, तो मैं बच्चों को यही पढ़ाऊंगा कि मैं उन्हें वह कहानी क्यों नहीं पढ़ा सकता!" यह जुगाड़ देख कई लोगों ने दांतों तले उंगली दबा ली।
बैन का उल्टा असर: "फॉरबिडन फ्रूट" का स्वाद
हमारे देश में भी आपने देखा होगा, जो चीज़ जितनी ज्यादा छुपाई जाए, लोग उतना ही जानने को बेताब रहते हैं। रेडिट पर किसी ने शानदार कमेंट किया—"अब तो ज्यादा छात्र प्लेटो खुद पढ़ेंगे, जितना वो सिलेबस में होता, उससे भी ज्यादा!" इसे अंग्रेजी में "Forbidden Fruit Effect" कहते हैं, यानी जो चीज़ बैन हो जाती है, वो और आकर्षित करती है। जैसे पुराने जमाने में घर में छुपकर फिल्मी मैगजीन पढ़ना!
असली मुद्दा क्या है? प्लेटो से डर क्यों?
कई लोगों ने यह सवाल उठाया कि आखिर प्लेटो से डर क्यों है? एक कमेंट में बताया गया कि 'The Symposium' में इंसानी प्रेम और जेंडर की विविधता पर चर्चा है, जिससे कुछ लोगों की "संस्कृति" हिल जाती है। किसी ने लिखा, "प्लेटो की बातें तो आज के कई धार्मिक विचारों से भी पुरानी हैं, और उसने आज से हजारों साल पहले समलैंगिकता (Homosexuality) को भी सामान्य बताया था।" यानी, अगर प्लेटो पढ़ाया गया, तो बच्चे सोचने लगेंगे, सवाल करेंगे, और यही बात सिस्टम को असहज करती है।
कुछ लोगों ने ये भी कहा कि पश्चिम में भी आज वही हो रहा है, जो कई बार भारत में भी देखने को मिलता है—जो बात सत्ता को पसंद न आए, उसे सिलेबस से बाहर कर दो! कोई कमेंट में बोला, "फिर तो जैसे विज्ञान में न्यूटन या गणित में शून्य पर रोक लगा दो। दर्शनशास्त्र बिना प्लेटो के, जैसे कार बिना पहियों के!"
क्या ऐसे बदलावों से कुछ बदलता है?
रेडिट समुदाय में एक पाठक ने कहा, "आज के समय में बैन लगाने से कुछ नहीं होता, उल्टा लोग और जानना चाहते हैं।" एक और ने लिखा, "प्लेटो खुद होते तो मुस्कुराते... उन्हें पता है कि जिस विचार को दबाया जाता है, वो और मजबूत होकर लौटता है।"
दरअसल, यह कहानी हमें बताती है कि ज्ञान, विचार और सवाल पूछने की आज़ादी किसी एक देश, धर्म या सभ्यता की संपत्ति नहीं है। जब भी कोई उसे दबाने की कोशिश करता है, कहीं न कहीं से कोई जुगाड़ निकला ही आता है—चाहे वो टेक्सास का प्रोफेसर हो या दिल्ली का स्कूल टीचर!
निष्कर्ष: सवाल करना और सोचने की आज़ादी
इस पूरी घटना से एक बात तो साफ है—सवाल पूछना और सोचने की आज़ादी सबसे बड़ा हथियार है। अगर आज प्लेटो का नाम लेना भी अपराध हो गया है, तो समझिए कि असली डर उन्हीं लोगों को है, जो नहीं चाहते कि अगली पीढ़ी खुद से सोचने लगे।
तो आप क्या सोचते हैं? अगर आपके स्कूल/कॉलेज में कोई विषय बैन हो जाए, तो आप क्या करेंगे? कमेंट में जरूर बताएं, और अगर यह कहानी पसंद आई हो तो दोस्तों के साथ शेयर करें। आखिर, "जो बैन हो, वही असली ज्ञान का रास्ता खोलता है!"
मूल रेडिट पोस्ट: Texas A&M bans philosophy department from teaching Plato. Professor gets creative.