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जब ५० की उम्र ताना बन गई: एक्स वाइफ को मिला मीठा जवाब

एक आदमी के अतीत के रिश्ते पर विचार करते हुए कार्टून-3डी चित्रण, आत्म-विश्लेषण और विकास का प्रतीक।
यह जीवंत कार्टून-3डी चित्र जीवन के पाठों पर नज़र डालने की भावना को पकड़ता है, खासकर रिश्तों के संदर्भ में। जब हम प्यार और आत्म-खोज की जटिलताओं को समझते हैं, तो अक्सर अपने अतीत के अनुभवों में हमें स्पष्टता मिलती है।

क्या आपने कभी सोचा है कि जन्मदिन पर भी किसी को बधाई देने से झगड़ा हो सकता है? जी हां, कुछ रिश्तों में तो हर छोटी चीज़ “बवाल” का कारण बन जाती है। आज हम आपको एक ऐसे पति का किस्सा सुनाने जा रहे हैं, जिसने अपनी एक्स वाइफ की नार्सिसिस्म का सामना किया और आखिर में एक ऐसा जवाब दिया कि पूरी इंटरनेट की जनता ठहाके लगाने लगी।

नार्सिसिस्ट एक्स वाइफ और जन्मदिन का झमेला

इस कहानी के हीरो हैं Reddit यूज़र ‘u/Yodabrew1’, जो अपने जवानी के दिनों में अपनी भावनाओं के जाल में फँसकर एक ऐसी महिला से शादी कर बैठे, जो खुद को ही सर्वश्रेष्ठ समझती थीं — जिसे अंग्रेज़ी में ‘नार्सिसिस्ट’ कहा जाता है। हमारे यहाँ ऐसे लोगों को “मैं ही मैं” वाली सोच का कहते हैं।

अब भई, उनकी वाइफ का जन्मदिन आता, तो पति महाशय चाहे जितने भी तोहफे, फूल या केक ले आएं, हर बार यही सुनने को मिलता — “मेरी उम्र बढ़ रही है, ये तुम्हारी गलती है!” अरे बहन, इसमें बेचारे पति का क्या दोष? लेकिन नार्सिसिस्ट को अपनी दुनिया ही अलग होती है।

शादी टूटी, लेकिन ताने नहीं!

कुछ वर्षों बाद, समझदारी आई, और साहब ने रिश्ते से निकलने में ही भलाई समझी। अब ये मोहतरमा कभी-कभी तानों भरे मैसेज भेज देतीं कि “तुम कितने खराब इंसान हो।” मज़ेदार बात ये रही कि पिछले कुछ सालों से ये मैसेज खासतौर पर उनके जन्मदिन के दिन ही आने लगे — जैसे कोई “शगुन” हो।

एक दिन, एक्स वाइफ ने अपनी सेल्फी भेजी, जिसमें लिखा था — “यही है जीत की तस्वीर।” जवाब में सज्जन ने लिखा — “५० की हो चली हो, फिर भी ठीक लग रही हो।” बस, क्या था! तुरंत इतना गुस्से भरा जवाब आया कि साहब को उन्हें ब्लॉक ही करना पड़ा।

इस किस्से को Reddit पर साझा करते ही लोगों की प्रतिक्रियाओं का तांता लग गया।

जनता की प्रतिक्रिया: एक वाक्य, सीधा वार

Reddit कम्युनिटी में तो जैसे लोटपोट होने की होड़ लग गई। एक यूज़र ने लिखा, “एकदम साधारण, लेकिन जानलेवा वार!” एक और ने तो कहा, “नार्सिसिस्ट के लिए यही सबसे बड़ा झटका है।”

एक मज़ेदार कमेंट था — “आप चाहें तो कह सकते थे, ‘बाकी सब जो भी कहें, आप ५० के पास पहुंचकर भी शानदार लगती हैं।’” इस कमेंट को पढ़कर कई लोगों ने ताली बजाई और इमोजी से भर दिया।

एक साहसी पाठक ने अपने एक्स का किस्सा सुनाते हुए लिखा — “मेरे एक्स का ५०वां जन्मदिन था। मैंने उनके जाने वाले पाँच अलग-अलग जगहों पर बोल दिया कि ‘६० की उम्र में भी बुरा नहीं लग रहे हो।’ एक्स घर आकर आगबबूला हो गया!” इस कमेंट को पढ़कर भारतीय पाठकों को बॉलीवुड के मसालेदार डायलॉग्स याद आ जाएंगे।

रिश्तों में ‘पेटी रिवेंज’ का असली स्वाद

कहानी का असली मज़ा तो इस बात में है कि कभी-कभी ज़िंदगी में “छोटी बदला” यानी ‘पेटी रिवेंज’ ही सबसे बड़ा सुकून देता है। हमारे यहाँ भी कहा जाता है — “नहले पर दहला!”

एक और पाठक ने कहा — “आपकी बात सुनकर तो लगता है कि दोनों एक-दूसरे को अभी भी भूले नहीं हैं।” वहीं कोई बोला — “अगर मैं होता तो उनकी ५०वीं सालगिरह पर बड़े-बड़े ‘५’ और ‘०’ वाले गुब्बारे ऑफिस भेज देता!” सोचिए, अगर ये भारत में होता तो ऑफिस के कलीग्स कितनी चाय की चुस्कियों के साथ गपशप करते!

कुछ पाठकों ने तो हँसी में यह भी जोड़ दिया, “आपने कह दिया ५० की हो, और वो भड़क गईं — यानि वार सीधा निशाने पर लगा।”

निष्कर्ष: रिश्तों में हँसी-ठिठोली, और उम्र का ताना

हर रिश्ते में थोड़ी बहुत ‘पेटी रिवेंज’ चलती रहती है, लेकिन जब बात नार्सिसिस्ट की हो तो हल्की सी चुटकी भी उनके लिए बवाल बन जाती है। इस कहानी में पति ने कोई गाली नहीं दी, न अपमान किया — बस एक साधारण सा वाक्य: “५० की होने पर भी ठीक लग रही हो।” और यही बात उनके ‘एगो’ पर तीर की तरह चुभ गई।

सोचिए, आपके साथ कभी ऐसा हुआ हो तो आप क्या जवाब देते? या अगर आपके किसी दोस्त ने कभी ऐसे किसी ताने का सामना किया हो, तो उस पर आपका क्या रिएक्शन रहा?

अब आपकी बारी है — नीचे कमेंट में बताइए, आपके जीवन में ऐसा कोई मजेदार ‘पेटी रिवेंज’ का किस्सा है या नहीं। और हाँ, उम्र को लेकर कभी किसी को हल्की-फुल्की छेड़छाड़ करने में कोई बुराई नहीं, बस हद पार न हो!

तो दोस्तों, हँसते रहिए, तानों का जवाब मुस्कान से दीजिए — और याद रखिए, ‘उम्र तो बस एक नंबर है!’


मूल रेडिट पोस्ट: Not bad for being almost 50