जब होटल रिसेप्शन पर मेहमान ने कहा – 'अटलांटिक महासागर छोटा है!
होटल की रिसेप्शन डेस्क पर काम करना, वैसे तो आम तौर पर शांति से बीतता है, लेकिन कभी-कभी ऐसे मेहमान आ जाते हैं कि आपकी हंसी नहीं रुकती। सोचिए, आप किसी सुंदर समुद्र किनारे वाले होटल में रिसेप्शनिस्ट हैं, सामने अटलांटिक महासागर की लहरें, और अचानक एक मेहमान आकर कह दे – "ये महासागर तो छोटा सा है!" ऐसा सुनकर कोई भी चौंक जाएगा, है न?
अटलांटिक महासागर छोटा! भैया, और कुछ रह गया था?
यह कहानी है वर्जीनिया बीच के एक शानदार होटल की, जहां से समुद्र, बोर्डवॉक और अटलांटिक महासागर का नज़ारा साफ दिखता है। होटल पहले प्राइवेट था, अब चेन का हिस्सा बन चुका है। एक दिन न्यूयॉर्क से आए एक साहब तीन दिनों तक शिकायत करते रहे कि "ये अटलांटिक महासागर तो फिल्मों जैसा बड़ा नहीं दिख रहा, बहुत छोटा है!" अब बताइए, समुद्र को छोटा-बड़ा बताने का क्या पैमाना है?
हमारे देश में भी ऐसे मेहमान खूब मिल जाते हैं – कभी किसी को चाय फीकी लगती है, तो किसी को मौसम गरम या ठंडा। लेकिन महासागर को छोटा बताना, ये तो गज़ब ही है!
रेस्पशनिस्ट का जुगाड़ – नक्शा खोल कर दिखा दिया!
तीन दिन तक ये "समुद्र छोटा है" वाली तकरार चलती रही। आखिरकार, रिसेप्शनिस्ट साहब ने 2000 का वर्ल्ड मैप निकाल लिया और उस मेहमान को अटलांटिक और पैसिफिक महासागर का फर्क दिखा दिया। अब जरा सोचिए, हमारे यहां कोई अगर गंगा या यमुना को "छोटी" बता दे, तो शायद लोग कहें – "साहब, आप नाव पकड़ के हरिद्वार चले जाइए!"
लेकिन, मेहमान को बात हज़म नहीं हुई। उल्टा, रिसेप्शनिस्ट पर "ताने मारने" का इल्ज़ाम लगा दिया। भैया, ऐसे मेहमानों के सामने तो भगवान भी हार मान जाए!
मेहमानों की अजीब फरमाइशें – बारिश रुकवा दीजिए, समुद्र बड़ा कर दीजिए!
इस किस्से पर Reddit पर कमेंट्स की बाढ़ आ गई। एक साहब ने लिखा, "एक महिला ने चेकआउट पर शिकायत की कि पूरे प्रवास में बारिश होती रही, अब डिस्काउंट देना पड़ेगा!" दूसरे ने तंज कसते हुए कहा, "क्या उन्होंने पहले आकर हमारा बारिश वाला स्विच बंद करने को नहीं कहा?"
हमारे भारत में भी बरसात के मौसम में लोग होटल वालों से पूछते हैं – "आज बारिश कब रुकेगी?" जैसे मौसम का रिमोट रिसेप्शनिस्ट के पास हो! एक और किस्सा शेयर किया गया कि एक आदमी कैलिफोर्निया में गोल्फ खेलने आया था, बारिश हो गई तो रिसेप्शन पर गुस्से में बोला – "मुझे तो लगा था यहां हमेशा धूप रहती है!" इस पर किसी ने मज़ाक में कहा – "लिस्ट बनवा लो, पास के मंदिर-गुरुद्वारे घूम लो, मौसम भगवान के हाथ में है!"
ऑस्ट्रेलिया की बात आई तो एक कमेंट में बताया गया – "कुछ साल पहले जंगल में आग लगी थी, होटल में धुआं-धुआं था। एक कपल ने चेकआउट पर पूरा रिफंड मांगा – 'हर जगह धुएं की बदबू है, और फायरफाइटर्स की वजह से होटल में मर्दों की गंध है!'"
होटल रिसेप्शन – कहानियों का समंदर
होटल रिसेप्शन पर ऐसे किस्से रोज़ होते हैं। कभी कोई ग्राहक कहता है – "समुद्र छोटा है", तो कोई कहता है – "एसी बहुत ठंडा है, बाहर धूप क्यों नहीं है?" Reddit पर किसी ने कमेंट किया, "अगर साहब को समुद्र छोटा लग रहा है, तो नाव पर बैठ कर देख लें, कितना बड़ा है!" एक और ने सुझाया – "उन्हें तैरने भेज दो, दो-तीन किलोमीटर बाद खुद ही समझ जाएंगे महासागर की लंबाई-चौड़ाई!"
यह अनुभव केवल वर्जीनिया बीच या विदेशों तक ही सीमित नहीं। हमारे देश के किसी भी होटल, गेस्ट हाउस या धर्मशाला में चले जाइए, हर रिसेप्शनिस्ट के पास ऐसी दर्जनों कहानियां मिल जाएंगी – कभी लिफ्ट में फंसी दादी, कभी आधी रात को कमरे में सांप निकल आया, तो कभी कोई मेहमान कहेगा – "खिड़की से बाहर का नज़ारा फिल्म जैसा क्यों नहीं है!"
निष्कर्ष – होटल रिसेप्शनिस्ट का धैर्य कोई आम बात नहीं
अंत में यही कहना चाहूंगा – होटल रिसेप्शनिस्ट होना आसान नहीं। उनके धैर्य और जुगाड़ की दाद देनी पड़ेगी। चाहे मौसम बदल जाए, मेहमान की फरमाइश आसमान छू ले, या फिर कोई अटलांटिक महासागर को छोटा बता दे – रिसेप्शनिस्ट मुस्कुरा कर हर सवाल का जवाब ढूंढ ही लेते हैं।
अगर आपके पास भी ऐसे मज़ेदार या अजीबोगरीब होटल अनुभव हैं, तो कमेंट में ज़रूर शेयर कीजिए। कौन जाने, अगली कहानी आपकी हो!
मूल रेडिट पोस्ट: OMG I have a million stories...