जब होटल की घंटी ने नींद उड़ा दी: 'होल्ड' पर ना मानने वाले मेहमान की कहानी
हमारे देश में तो शादी-ब्याह, त्योहार या किसी सरकारी दफ्तर की लाइन, हर जगह इंतज़ार करना एक आम बात है। मगर सोचिए, अगर कोई बार-बार लाइन तोड़ने की कोशिश करे, वो भी फोन के ज़रिए? आज की कहानी एक ऐसे मेहमान की है, जिसने होटल के रिसेप्शनिस्ट की नींद तक उड़ा दी—वो भी सिर्फ़ एक 'होल्ड' पर!
होटल की घंटी और रिसेप्शनिस्ट की परेशानियाँ
गर्मी के दिनों में, जब होटल में बुकिंग की बारिश हो रही थी, रिसेप्शन की घंटी इतनी तेज़ बजती थी कि कर्मचारी सपनों में भी उसी की आवाज़ सुनते थे। मैनेजमेंट ने डर के मारे रिंग की आवाज़ फुल कर दी थी, ताकि कोई भी कॉल मिस न हो। अब इसी बीच, हमारे नायक—होटल रिसेप्शनिस्ट—एक मेहमान का चेक-इन कर रहे थे, तभी जोरदार घंटी बजती है।
"Hotel X, एक क्षण..." कहकर फोन होल्ड पर डाल देते हैं। अब यहीं से असली नाटक शुरू होता है।
फोन करने वाला बार-बार कॉल करता है—एक बार, दो बार, तीन बार... सात बार! हर बार रिसेप्शनिस्ट होल्ड पर डालते हैं, और वो साहब फिर कॉल कर लेते हैं। आखिरकार रिसेप्शनिस्ट को भी गुस्सा आ जाता है, और वो सख्त आवाज़ में कहते हैं, "हम व्यस्त हैं, आपको इंतज़ार करना पड़ेगा।" तब जाकर सामने वाले को समझ आता है—"ओह, मुझे समझ ही नहीं आया कि आप मुझे होल्ड पर डाल रहे थे!"
क्या 'होल्ड' पर रहना इतना मुश्किल है?
अब सोचिए, हमारे यहाँ तो रेलवे बुकिंग काउंटर पर 'प्लीज़ वेट फॉर योर टर्न' की लाइन हर कोई सुनता है। मगर ये मेहमान तो 'होल्ड' शब्द का मतलब ही नहीं समझ पाया। Reddit के कमेंट्स में एक मज़ेदार प्रतिक्रिया आई—"भैया, ये लोग लाइन में दोबारा खड़े हो जाएंगे, मगर फोन पर होल्ड सहन नहीं!" किसी ने तो यहाँ तक कह दिया, "कई बार तो मैंने फोन का तार ही खींच दिया है, इतनी बार कॉल करने वालों के कारण!"
एक और कमेंट में लिखा था, "अगर आप बार-बार फोन करेंगे, तो भी हम जल्दी फ्री नहीं होंगे।" एक अनुभव साझा करते हुए किसी ने बताया, "एक बार तो एक आदमी होटल आकर बोला—'मेरी पत्नी पूरी रात फोन करती रही, और आप बार-बार होल्ड पर डालते रहे! अगर आप मेरे कर्मचारी होते, तो निकाल देता!'"
भारतीय संदर्भ: लाइन तोड़ना और सब्र की परीक्षा
हमारे यहाँ भी लाइन तोड़ने वाले लोग खूब मिलते हैं। चाहे राशन की दुकान हो या बैंक, कोई ना कोई 'जुगाड़' लगाकर आगे निकलने की कोशिश करता है। मगर होटल के रिसेप्शन पर, फोन की लाइन में ऐसा करना और भी मज़ेदार हो जाता है।
एक कमेंट में लिखा था, "लोग सोचते हैं, बार-बार फोन करने से लाइन में आगे आ जाएंगे। मगर हकीकत में हर बार उनका नंबर पीछे ही चला जाता है!" क्या आपने कभी सरकारी दफ्तर में देखा है, कोई बार-बार फार्म लेकर खिड़की पर आ रहा है, मगर क्लर्क वही पुरानी फाइल देख रहा है? बस, होटल रिसेप्शनिस्ट की हालत भी कुछ ऐसी ही थी।
समाधान क्या है? संवाद और धैर्य!
कई लोगों ने सलाह दी—"भैया, 'एक क्षण' बोलने से काम नहीं चलेगा। साफ़-साफ़ कहिए—'कृपया होल्ड पर रहिए'।" एक कमेंट में मज़ेदार अंदाज़ में कहा गया, "अगर सामने वाले ने होल्ड म्यूजिक नहीं सुना, तो अब उसकी किस्मत ही खराब है!" कहीं-कहीं तो लोग कहते हैं, "इतना सीधा बोलो कि अगला कभी भूल न पाए—'आप होल्ड पर हैं, कृपया प्रतीक्षा करें।'"
अंत में, रिसेप्शनिस्ट ने भी मेहमान को सिखा ही दिया—"अगर हम आपको होल्ड पर डाल रहे हैं, तो समझिए हम व्यस्त हैं। सात बार फोन करने से हम कम व्यस्त नहीं हो जाएंगे।"
निष्कर्ष: धैर्य रखिए, होटल वाले भी इंसान हैं!
इस कहानी से एक बात तो साफ़ है—चाहे फोन लाइन हो या होटल की काउंटर, धैर्य सबसे बड़ा हथियार है। अगली बार जब आप किसी होटल में कॉल करें और होल्ड पर डाल दिए जाएं, तो थोड़ा इंतज़ार करिए। क्या पता, आपकी बुकिंग के साथ-साथ रिसेप्शनिस्ट का मूड भी अच्छा हो जाए!
आपका क्या अनुभव रहा है ऐसे मेहमानों या होल्ड पर इंतज़ार करने में? नीचे कमेंट में ज़रूर बताइए—क्योंकि हर कहानी में थोड़ी बहुत आपकी भी झलक होती है!
मूल रेडिट पोस्ट: 'I didn't understand you were putting me on hold'