जब सास ने बरतन बिगाड़े, तो बहू ने आलू से लिया बदला!
घर-परिवार की कहानियां तो आपने बहुत सुनी होंगी, लेकिन आज जो किस्सा सुनाने जा रही हूँ, वो न सिर्फ मज़ेदार है, बल्कि ये सिखाता है कि कभी-कभी छोटा सा बदला भी बहुत बड़ा असर छोड़ सकता है। सोचिए, अगर आपकी सबसे प्यारी कढ़ाई या बेकिंग ट्रे कोई बिना धोए, उसमें खाना छोड़कर रख दे और महीनों बाद आपको घिनौना, सड़ा-सड़ा पैन मिले – फिर क्या करेंगे आप? बस, इसी सवाल का जवाब एक अनोखे अंदाज में दिया Reddit यूज़र u/jearu573 ने, और उनका तरीका तो वाकई लाजवाब है!
आलू का कमाल – सास-बहू के झगड़े में नया ट्विस्ट
कहानी कुछ यूँ है – दशकों पहले, एक महिला (हमारे Redditer) अपने बॉयफ्रेंड के साथ उसकी माँ के घर रहने चली गईं। हमारे यहाँ जैसे "सास के साथ बहू की पहली परीक्षा" होती है, वैसा ही कुछ माहौल वहाँ भी था। घर में रहने का अनुभव नया था, लेकिन सबसे खास थी उनकी अपनी पसंदीदा रोस्टिंग पैन – वही जिनमें वो खास मौके पर लज़ीज़ लज़ान्या या रोस्ट बनाती थीं।
थैंक्सगिविंग पर उन्होंने पूरा खाना बनाया, लेकिन ड्यूटी पर जाना पड़ा। सास ने कहा – "तुम जाओ, मैं सफाई कर दूँगी।" अब भारत में भी विश्वास तो करना ही पड़ता है, खासकर जब सास खुद बोले!
अगले दिन जब लौटीं, सबकुछ सलीके से रखा था। लेकिन क्रिसमस के मौके पर जब अपनी पैन निकालकर देखीं तो दिल दहल गया – पैन में अब भी पुराना टर्की, सड़ा हुआ, बदबूदार और पैन तो पूरी तरह बेकार!
बदले की चिंगारी – आलू बना हथियार
अब बताइए, कोई आपकी प्यारी चीज़ यूं बिगाड़ दे, तो क्या करें? Reddit पर एक कमेंट करने वाले ने पूछा, "आखिर सास ने ऐसा क्यों किया?" खुद OP ने जवाब दिया – "उसे मैं पसंद नहीं थी, उसे लगता था मैंने उसके बेटे को बिगाड़ दिया।"
यहाँ कुछ लोग सोच सकते हैं, "छोड़ो ना, जाने दो!" लेकिन बहू ने भी कमाल कर दिया – जाने से पहले रसोई के सबसे कम इस्तेमाल होने वाले दराज के पीछे एक आलू डक्ट टेप से चिपका आईं। जी हाँ, आपने सही पढ़ा – एक आलू!
अब जो लोग नहीं जानते, उनके लिए बता दूँ – सड़ा हुआ आलू ऐसी बदबू छोड़ता है कि अच्छे-अच्छे, साफ-सुथरे घरों में भी लोग सिर पकड़ लें। एक कमेंट करने वाले ने खूब कहा, "अगर आपने कभी सड़ा आलू नहीं सूंघा, तो उसकी ताकत को कम मत आँकिए।"
आलू की बदबू – कमेंट्स में बवाल
Reddit पर इस कहानी ने धूम मचा दी। एक यूज़र ने लिखा, "आलू वाला बदला तो शैतानी बुद्धि की मिसाल है!" कोई बोला, "सोचो, जब महीनों बाद किसी काम से वो दराज खुलेगा और घर में छुपी बदबू का राज़ खुलेगा – सासू माँ की हालत सोचकर ही हँसी आ रही है।"
एक और ने अपने अनुभव शेयर किए – उनके घर में आलू गल गया था और सफाई में घंटों लगे, बदबू तो ऐसी कि लगता था कोई जानवर ही मर गया हो! भारतीय घरों में भी आलू-प्याज के थैलों के पीछे गल जाने का किस्सा आम है, और जो बदबू आती है – वाह! पूरा मोहल्ला पूछने लगे, "कहीं कुछ मर तो नहीं गया?"
एक यूज़र ने तो सलाह दी – "अगर और भी बड़ा बदला चाहिए तो मछली के टुकड़े छुपा दो!" लेकिन हमारी Redditer ने बताया, "समय कम था, इसलिए सबसे आसान उपाय – आलू – ही दिमाग में आया।"
रिश्तों में नोकझोंक और बदले की मिठास
सास-बहू की लड़ाइयाँ हमारे यहाँ भी खूब होती हैं। कभी नमक कम डाल दिया, कभी सब्ज़ी में मिर्च ज़्यादा, कभी चाय में दूध कम – और कभी-कभी तो सालों तक चलने वाली खटपट! लेकिन इस बहू ने सीधे-साधे तरीके से ऐसा बदला लिया कि सास को शायद ज़िंदगीभर याद रहेगा।
यहाँ एक कमेंट बड़ा प्यारा था – "लोग आलू को कम आँकते हैं, लेकिन ये जैविक हथियार है!" सच है, आलू सिर्फ सब्ज़ी नहीं, बदला लेने का भी ज़बरदस्त जरिया हो सकता है।
आपकी राय – क्या आप भी ऐसा कर सकते हैं?
कहानी पढ़कर क्या आपके मन में भी कोई पुरानी याद ताज़ा हो गई? या आप भी कभी ऐसे किसी बदले का हिस्सा रहे हैं? चलिए, बताइए – अगर आपके प्यारे बर्तन यूँ बर्बाद कर दिए जाएँ तो आप क्या करते?
कई बार रिश्तों में छोटी-छोटी नोकझोंक से ही असली मज़ा आता है। लेकिन ध्यान रहे, बदला हमेशा ऐसे ही हो – जिसमें मज़ा भी आए और किसी को असली नुकसान भी न पहुँचे। आखिरकार, रिश्ते निभाना भी एक कला है और हल्के-फुल्के मज़ाक में ही ज़िंदगी का असली स्वाद छुपा है।
तो अगली बार जब सास-बहू की लड़ाई की कहानी सुनें, तो याद रखिए – एक आलू भी बहुत कुछ कर सकता है!
आपकी राय का इंतज़ार रहेगा – क्या कभी आपके साथ भी ऐसा कुछ हुआ है? कमेंट में ज़रूर बताइए!
मूल रेडिट पोस्ट: Got even in my own way.