जब मेहमान ने होटल पर 10,000 डॉलर का मुकदमा ठोकने की धमकी दी... क्योंकि उसने पासपोर्ट खुद भूल दिया!
होटल की रिसेप्शन डेस्क पर रोज़ाना न जाने कितने ही किस्से बनते-बिगड़ते हैं। कोई मेहमान चाय-नाश्ते में कम शक्कर की शिकायत करता है, तो कोई तौलिया न मिलने पर आसमान सर पर उठा लेता है। लेकिन, आज की कहानी कुछ ज़्यादा ही फिल्मी है! सोचिए, अगर कोई मेहमान अपना पासपोर्ट होटल के कमरे में भूल जाए और फिर होटल पर 10,000 डॉलर (यानी लगभग 8 लाख रुपये!) का मुकदमा करने की धमकी दे दे, तो?
जी हाँ, बिल्कुल ऐसा ही हुआ अमेरिका के एक समुद्र किनारे बने होटल में। और कहानी में ट्विस्ट तो तब आया, जब पता चला कि वह मेहमान असल में होटल की रजिस्टर्ड गेस्ट भी नहीं थी! पढ़िए, इस पूरे घटनाक्रम में होटल वालों ने कैसे अपनी बुद्धिमानी दिखाई और इंटरनेट पर लोगों ने क्या मज़ेदार प्रतिक्रियाएँ दीं।
होटल की रोज़मर्रा की चुनौतियाँ और मेहमान का दबदबा
अमेरिका के एक महँगे, लेकिन थोड़े पुराने होटल में रिसेप्शन पर काम करने वाले कर्मचारी ने Reddit पर अपना अनुभव साझा किया। होटल में स्टाफ़ कम था, कमरे महँगे थे, ऊपर से अक्सर ओवरबुकिंग हो जाती थी—यानी सबकी शामत आई हुई थी। ऐसे में दोपहर के ढाई बजे के आसपास एक महिला का फोन आता है, "मैं अपना आईडी होटल के कमरे में भूल गई हूँ, जल्दी से निकालिए वरना मेरी फ्लाइट छूट जाएगी। अगर मदद नहीं मिली, तो कानूनी कार्रवाई होगी!"
अब भला बताइए, गलती खुद की, और इल्ज़ाम होटल वालों पर! घर की मुर्गी दाल बराबर, लेकिन यहाँ तो दाल भी 5 स्टार होटल वाली कीमत पर बिक रही थी।
भारतीय नजरिए से: "कागज पर कुछ भी लिखा जा सकता है"
यह सुनते ही Reddit पर एक कमेंट आया, "कागज ऐसा नहीं बना, जिस पर स्याही न चढ़े!" (अंग्रेज़ी में कहें तो—‘Well, paper ain't been made that won't take ink’)। हमारे यहाँ भी कुछ ऐसा ही चलता है—कोई भी किसी पर मुकदमा कर सकता है, लेकिन जीतना अलग बात है। एक और यूज़र ने मज़ाक में कहा, "आप कोर्ट में जाकर कहिए कि होटल ने आपका पासपोर्ट नहीं दिया, जज साहब पहले तो हँसेंगे, फिर केस खारिज कर देंगे।"
हमारे यहाँ छोटे-मोटे विवादों में ‘थाने में रिपोर्ट लिखवा देंगे’ कहना आम है, लेकिन हकीकत में लोग बहुत कम ही कोर्ट-कचहरी तक जाते हैं। वैसे, बड़े-बड़े वकील भी ऐसी बेवजह की शिकायतों के लिए मोटी फीस मांग लेते हैं, ताकि सामने वाला खुद-ब-खुद पीछे हट जाए। एक कमेंट में लिखा था, "अगर कोई वाकई केस करना चाहे, तो वकील बोलेगा—20,000 डॉलर एडवांस दो, तभी केस लूँगा!"
होटल स्टाफ़ की दुविधा और असली जिम्मेदारी
असल समस्या यह थी कि मेहमान ने बताया उसका पासपोर्ट रूम के ‘सेफ’ में रखा था, लेकिन वह खुद रजिस्टर्ड गेस्ट नहीं थी। नाम अलग, कमरा अलग—किसी और के नाम पर बुकिंग थी। अब सिक्योरिटी वाले भी कन्फ्यूज़—क्या बिना रजिस्टर्ड गेस्ट की अनुमति के कमरे में जाना सही है? बाद में पता चला कि होटल की नीति के मुताबिक, पासपोर्ट जैसी चीज़ निकालने के लिए वे कमरे में जा सकते थे, लेकिन तब तक नई गेस्ट चेक-इन कर चुकी थी और पुरानी मेहमान की फ्लाइट जाने वाली थी।
फिर क्या, महिला आई, लाइन तोड़ी, बार-बार गुस्सा किया, हर किसी को धमकी दी, "मुकदमा कर दूँगी!" बेचारे रिसेप्शन वाले ने आखिरकार सिक्योरिटी बुलवाई। उन्होंने ढूंढा, लेकिन पासपोर्ट उस कमरे में नहीं था, बल्कि बगल वाले कमरे में निकला! दो घंटे की मशक्कत के बाद पासपोर्ट मिला, लेकिन तब तक महिला की फ्लाइट छूट चुकी थी। और फिर—फोन घनघनाया, "मैं होटल पर 10,000 डॉलर का मुकदमा करूँगी!"
इंटरनेट का मज़ाक और होटल कर्मचारियों की सलाह
सोशल मीडिया पर लोगों ने इस घटना का खूब मज़ाक उड़ाया। एक कमेंट में कहा गया—"जब कोई मुकदमे की धमकी दे, तो बस इतना कह दो—अब आगे बात सिर्फ हमारे वकील से होगी।" भारत में भी दफ्तरों में, अस्पतालों में, यहाँ तक कि मंदिरों में भी कोई अगर ‘कानूनी कार्रवाई’ कह दे, तो सब हाथ खींच लेते हैं—"अब आगे हमारा लीगल डिपार्टमेंट ही बात करेगा!"
एक और मज़ेदार कमेंट था—"जो लोग हर बात पर केस करने की धमकी देते हैं, असल में उनके पास वकील का नंबर भी नहीं होता।" किसी ने तो यहाँ तक कह दिया, "अब जब आपने मुकदमे की बात कर दी है, तो आपसे बात करना हमारी नीतियों के खिलाफ है। कृपया अपने वकील से कहलवाइए।"
ज्यादातर लोगों ने यही राय दी कि होटल वालों ने पूरी ईमानदारी से कोशिश की, मेहमान की गलती थी, और ऐसे केस कभी जीतते नहीं। भारत में भी होटल या धर्मशाला में सामान भूल जाना आम है, लेकिन जिम्मेदारी मेहमान की ही मानी जाती है। होटल अक्सर कहते हैं—"हम खोए हुए सामान के लिए ज़िम्मेदार नहीं।"
निष्कर्ष: गलती अपनी, गुस्सा दूसरों पर—ये इंसानी फितरत है!
कहानी पढ़कर एक पुरानी कहावत याद आती है—"अपने पाँव में कुल्हाड़ी मारकर दूसरों को दोष देना आसान है।" चाहे अमेरिका हो या भारत, कुछ लोग अपनी गलती कभी नहीं मानते और दूसरों पर ठीकरा फोड़ते रहते हैं। होटल स्टाफ़ की मुश्किलें तो अपनी जगह, लेकिन सोशल मीडिया ने भी दिखा दिया कि ऐसी गुस्सैल मेहमानों की फिल्में हर देश में चलती हैं।
तो अगली बार जब आप होटल में रहें, चेक-आउट से पहले अपना सामान ज़रूर देख लें—वरना कहीं आप भी किसी होटल की अगली 'Tales from the Front Desk' का हिस्सा न बन जाएँ!
क्या आपके साथ भी कभी ऐसा कोई वाकया हुआ है? या आपने अपने ऑफिस/दुकान/हॉस्पिटल में ऐसे ‘कानूनी धमकी’ वाले ग्राहक देखे हैं? कमेंट में अपना अनुभव ज़रूर साझा करें!
मूल रेडिट पोस्ट: Guest is threatening to sue for 10,000 because she forgot her passport in her room.