जब मिलिट्री पुलिस ने मेरे पापा को फँसाना चाहा, लेकिन पापा ने उन्हें जिंदगी का सबक सिखा दिया
हमारे देश में अक्सर कहते हैं – "जैसा करोगे, वैसा भरोगे!" ये कहावत तो आपने सुनी होगी, लेकिन सच में जब किसी ने किसी को उसकी ही चाल में फंसा दिया, तो मज़ा ही आ जाता है। आज की कहानी भी कुछ ऐसी ही है – जहाँ मिलिट्री पुलिस के एक जवान ने Marine कोच को फंसाने की कोशिश की, लेकिन आखिर में खुद ऐसी उलझन में फँस गया कि उसकी हालत देखने लायक थी।
बात है 1980 के दशक की, जब Reddit यूज़र के पापा Marine Corps में थे। उन्होंने अपने बेटे को ये किस्सा सुनाया, जो अब इंटरनेट पर वायरल हो चुका है। तो चलिए, जानते हैं कैसी रही ये ‘पेटी रिवेंज’ की जबरदस्त कहानी!
रात का सफर और मिलिट्री पुलिस की चालाकी
ज़रा सोचिए, आप रात के समय बेस के अंदर अपनी गाड़ी चला रहे हैं, और अचानक कोई सफेद ट्रक आपकी गाड़ी के पीछे चिपक कर अपनी तेज़ हेडलाइट्स मारने लगता है। ऐसे में तो हमारे यहाँ भी लोग बोल उठते – “भैया, आगे निकल जा या दूर रह, आँखें चुंधिया रही हैं!” Reddit यूज़र के पापा भी परेशान हो गए। उन्होंने थोड़ासा एक्सीलेरेटर दबाया ताकि ट्रक से थोड़ी दूरी बना लें, लेकिन ट्रक वाला (जो बाद में मिलिट्री पुलिस का Lance Corporal निकला) भी पीछे-पीछे तेज़ी से आया और फिर अचानक सायरन बजाकर उन्हें रोक लिया।
अब Lance MP का इरादा था कि Marine कोच को स्पीडिंग टिकट पकड़ा दे। लेकिन किस्मत देखिए, कुछ ही देर में एक और MP, जो रैंक में उससे बड़ा था (Corporal), वहाँ आ गया। Reddit यूज़र के पापा ने पूरी बात साफ-साफ बता दी – कि उन्होंने सिर्फ उस ट्रक से बचने के लिए गाड़ी थोड़ी तेज़ की थी। Corporal MP ने सारी बात समझी और टिकट काटने से मना कर दिया। लेकिन Lance MP तो जैसे जिद पर अड़ा था – “नहीं, टिकट तो कटेगा!” दोनों के बीच बहस हो गई। आखिरकार बड़े अफसर ने कहा – “कोई टिकट नहीं, जाने दो।” और पापा वहाँ से निकल गए।
करमा का खेल – जब मौके की बारी आई
अब असली मज़ा तो कहानी के अगले भाग में है! कुछ महीने बाद, हमारे Marine कोच साहब अपनी ड्यूटी पर शूटिंग रेंज में थे – जहाँ हर साल फायरिंग क्वालिफिकेशन पास करना ज़रूरी होता है, वरना सस्पेंड हो सकते हैं। वहाँ कोच का काम होता है – सबकी सेफ्टी देखना और किसी की भी छोटी-सी गलती पर उसे रेंज से बाहर निकाल देना।
एक दिन पापा रेंज पर थे, तभी उनकी नजर सामने वाले शूटिंग ब्लॉक पर पड़ी – और देखिए, वही Lance MP, जो कभी उन्हें टिकट देने पर अड़ा था, आज खुद फायरिंग क्वालिफिकेशन देने आया है! पापा ने उसके कोच से कहा – “भैया, आज उसकी कोचिंग मुझे देनी है, बाद में सब समझा दूँगा।” Lance MP ने पहले उन्हें पहचाना नहीं, लेकिन जैसे ही पापा ने पूछा – “पहचाना मुझे?” तो Lance MP का चेहरा उतर गया।
पापा ने साफ कह दिया – “भाई, एक भी छोटी-सी गलती हुई, तो रेंज से बाहर!”
सेफ्टी नियम का उल्लंघन और पलटवार
Lance MP ने शूटिंग में कोई गलती नहीं की, लेकिन क्वालिफिकेशन खत्म होने पर जब सबको अपने हथियार खाली दिखाने होते हैं, Lance MP ने बिना कोच की पुष्टि के अपना हथियार बंद कर दिया और चलता बना। यहाँ पापा को वही मौका मिल गया – सेफ्टी नियम का उल्लंघन! पापा ने तुरंत कहा – “बस, यही चाहिए था! रेंज से बाहर निकलो!” Lance MP रोता-झींकता रहा, लेकिन Marine Corps के नियमों में कोच की बात पत्थर की लकीर होती है। Lance MP क्वालिफाई नहीं कर पाया – और उसके लिए ये बहुत बड़ी सजा थी।
कम्युनिटी के मजेदार तंज और सीख
इस Reddit पोस्ट पर लोगों ने खूब मजेदार कमेंट्स किए। एक यूज़र ने लिखा, “Lance MP तो लगता है क्रेयॉन खाने वालों की कैटेगरी में था!” (अमेरिकी मिलिट्री कल्चर में ऐसे मजाक आम हैं)। किसी ने Marine Corps के नाम को मज़ेदार अंदाज में ‘Muscles Are Required, Intelligence Not Essential’ यानी ‘मसल्स चाहिए, दिमाग ज़रूरी नहीं’ भी कहा!
एक और कमेंट में कहा गया, “अगर पापा को वो गलत टिकट मिल जाता, तो उनकी नौकरी भी खतरे में पड़ जाती, लेकिन Lance MP को अपने ही झूठे घमंड का फल मिला।”
कई लोगों को ये कहानी अपने ऑफिस या सरकारी विभागों की याद दिला गई, जहाँ छोटे ओहदे वाले कभी-कभी अपनी पॉवर का गलत इस्तेमाल करते हैं, लेकिन जब असली जिम्मेदारी आती है, तो वही लोग फंस जाते हैं। बिल्कुल हमारे यहाँ की कहावत – “जैसी करनी, वैसी भरनी!”
निष्कर्ष – बदला या सीख?
कहानी से ये तो साफ हो गया कि कभी-कभी छोटी-छोटी ‘पेटी रिवेंज’ भी बहुत बड़ी सीख बन जाती है। Reddit यूज़र के पापा कोई ‘बदले’ वाले इंसान नहीं थे, लेकिन उन्होंने Lance MP को ये साफ जता दिया – Marine Corps में भाईचारा और ईमानदारी सबसे ऊपर है, और पावर का गलत इस्तेमाल करने वाले खुद अपने जाल में फँस जाते हैं।
तो अगली बार अगर कोई आपको बेवजह परेशान करे, तो धैर्य रखिए – वक्त आने पर करमा अपना काम जरूर करता है।
आपको क्या लगता है, क्या इस तरह की ‘पेटी रिवेंज’ सही है? आपके साथ भी ऐसा कुछ हुआ हो, तो नीचे कमेंट में जरूर बताइए! Marine Corps की ये कहानी आपको कैसी लगी, शेयर करना न भूलें।
मूल रेडिट पोस्ट: A Marine military police tried to wrongfully give my dad a speeding ticket, but my dad got his revenge.