जब मेरी शादी 'केविन' से हुई: हास्य, बेवकूफी और कुछ करारे ताने!
कभी-कभी ज़िंदगी हमें ऐसे लोगों से मिला देती है, जिनके साथ हर दिन एक नई कहानी बन जाती है। शादी के बाद तो वैसे भी हर भारतीय परिवार में किस्सों की कमी नहीं रहती, पर अगर घर में ‘केविन’ जैसा कोई हो, तो समझिए हर दिन एक नई कॉमेडी शो! आज की यह मज़ेदार दास्तान एक ऐसी महिला की है, जिसने अपने जीवन के सबसे यादगार (या कहें, सबसे सिर पकड़ लेने वाले) पल अपने पूर्व पति 'केविन' के साथ बिताए।
सस्ती कार और सफ़ेदी का कमाल
किसे पसंद नहीं है अच्छा सौदा? हमारी नायिका को एक दिन एक गाड़ी बहुत ही सस्ते दाम में मिल गई—डीलर ने गलती से कम कीमत लिख दी थी, और नियम के अनुसार वही दाम देना पड़ा। गाड़ी थी चमचमाती सफेद, जिसे देखकर केविन ने तुरंत फरमाया, "इसे साफ रखना मुश्किल होगा।" अब ज़रा सोचिए, भारतीय घर में अगर कोई नई चीज़ आए और कोई ताना न मारे, ऐसा कैसे हो सकता है! पर मज़ा तो तब आया जब कुछ समय बाद खुद केविन ने सफेद गाड़ी खरीदी, और ससुर जी ने उनकी वही लाइन उन्हीं को सुना डाली—"इसे साफ रखना मुश्किल होगा!" कहिए, ‘जैसी करनी वैसी भरनी’ का सटीक उदाहरण!
डॉग की ट्रेनिंग—‘गॉट विंकिन ब्राउन आई?’
पशु-प्रेमी लोग अपने कुत्तों को बाहर ले जाने के लिए ‘बाहर चलो’ जैसा कुछ साधारण बोलते हैं। पर केविन भाई ने तो इसमें भी अपनी अनोखी छाप छोड़ दी! डॉग को बाहर ले जाने के लिए वो बोलते—“गॉट विंकिन ब्राउन आई?” अब सोचिए, अगर हमारे मोहल्ले में कोई ऐसे डायलॉग मारे तो आस-पास के बच्चे हँसी से लोटपोट हो जाएँ! एक पाठक की टिप्पणी बिलकुल सही थी—“कम से कम आप 'बाहर' शब्द तो बोल सकते थे बिना ये डर के कि डॉग उछलने लगे!” सच में, कभी-कभी सादगी में ही भलाई है।
देसी जुगाड़ और विदेशी बेवकूफी
भारत में तो "जुगाड़ू" लोग बहुत मिल जाते हैं, पर केविन का जुगाड़ तो कानून भी तोड़ता था। साहब बेकयदा अपने पिछवाड़े गैर-कानूनी फायरप्लेस में आग लगाते और उसमें सीधा पेट्रोल डालते—वो भी डिब्बे से! अब ये तो वही बात हो गई, जैसे कोई होली पर गोबर के उपले में पेट्रोल डाल दे। एक पाठक ने तो इन्हें 'अमेरिकन जीनियस' कह डाला, पर हमारे यहाँ तो इसे 'बिना अक्ल के नायक' ही कहेंगे।
बोलचाल में अजीब हरकतें
अब बात करते हैं केविन की सबसे शर्मिंदगी भरी आदत की—हर बार जब वो देसी किराना (यहाँ समझिए, किसी खास समुदाय की दुकान) जाते, वहाँ के कर्मचारियों और ग्राहकों से ऐसे बात करते जैसे खुद भी विदेशी हैं। उनका मानना था कि लहजा बदलने से सामने वाले को बात समझ में आसान होगी! पत्नी जी तो जमीन में गड़ जाना चाहतीं, पर केविन अपनी धुन में मस्त। एक पाठक ने इस पर तंज कसा—"अगर किसी की बोली की नकल कर रहे हो, तो ये मदद नहीं, मजाक है।" केविन को ये बात समझ ही नहीं आई, मानो 'करे कोई, भरे कोई' वाला मामला हो!
स्वास्थ्य, पहनावा और केविन का फैशन सेंस
एक दिन केविन को स्ट्रोक आ गया, पर खुद को पता ही नहीं चला। ऑफिस गए, तो सहकर्मी ने पूछा—“चेहरे को क्या हुआ?” तब जाकर इमरजेंसी बुलाई गई। एक पाठक ने सही लिखा—“दिमाग खुद का इलाज नहीं कर सकता।” सच है, कई बार हम अपनी ही तकलीफ को नजरअंदाज कर देते हैं, बस चलते रहते हैं।
अब फैशन की बात करें तो केविन का ड्रेसिंग सेंस गजब था। गर्मियों में बच्चों की छोटी सी टी-शर्ट पहन लेते—वो भी दो साइज छोटी! ऊपर से उस पर 'बीयर' वाले चुटकुले लिखे टी-शर्ट्स, जैसे ‘Add Beer Here’ और ‘Beer All You Can Beer’। एक टी-शर्ट थी ‘बूगर ग्रीन’ रंग की, और उसी रंग की पैंट के साथ पहनते—जैसे ‘फेफड़ों का म्यूकस’ चलकर बाहर आ गया हो! पत्नी जी ने कहा—“महिलाओं की शर्ट भी इतनी टाइट नहीं होती!” बच्चों ने भी वह टी-शर्ट नहीं ली, यानी ‘ना बाबा ना’!
पाठकों की राय: केविन या कुछ और?
रेडिट पर भी पाठकों ने इस कहानी पर तरह-तरह की प्रतिक्रियाएँ दीं। एक ने पूछा—“आपने इस इंसान से शादी कैसे कर ली?” तो जवाब मिला—“दोस्तों के दबाव में।” अब ये तो हर भारतीय जानता है—‘रिश्तेदारों और दोस्तों का दबाव’ शादी के फैसलों में कितना बड़ा रोल निभाता है। कई पाठकों को लगा केविन का बर्ताव ‘बेवकूफी’ की हद से आगे निकलकर ‘असभ्यता’ तक चला गया। पर मूल पोस्टर ने साफ किया—“वो नस्लवादी नहीं था, बस जिंदगी में बेवकूफ था।”
निष्कर्ष: ऐसे लोग हर मोहल्ले, हर परिवार में मिलते हैं!
शायद आपके पास भी ऐसे किसी ‘केविन’ की कहानी हो—जो हर बात को उल्टा, हर सलाह को टेढ़ा और हर फैशन को अजीब मानता है। भारत में भले नाम ‘केविन’ न हो, पर हर मोहल्ले, हर परिवार में एक ऐसा किरदार ज़रूर होता है, जो हर दिन को यादगार बना देता है। इसी तरह के लोगों की वजह से ज़िंदगी हँसी-मज़ाक और किस्सों से भरी रहती है।
अगर आपके भी पास ऐसी कोई मज़ेदार या अजब-गजब शादीशुदा ज़िंदगी की कहानी है, तो कमेंट में ज़रूर साझा करें। कौन जाने, अगली बार आपके किस्से से ही किसी का मूड बन जाए!
मूल रेडिट पोस्ट: More from when I was married to a Kevin