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जब मुरझाए मिस्त्री को नींद से जगाना पड़ा: एक मजेदार बदला

युवा व्यक्ति बजट अपार्टमेंट में कचरा निपटान ठीक करते हुए, DIY घरेलू रखरखाव की समस्याएं दर्शाते हुए।
एक यथार्थवादी चित्रण जिसमें एक युवा व्यक्ति बजट अपार्टमेंट में घरेलू मरम्मत करते दिख रहा है, जो किराए के स्थान को बनाए रखने की रोज़मर्रा की चुनौतियों को उजागर करता है। खराब कचरा निपटान से लेकर कम पानी के दबाव तक, यह छवि DIY जीवनशैली का सार और चीज़ों को सुचारू रखने की आवश्यकता को दर्शाती है।

क्या आपने कभी अपने घर के मिस्त्री या सोसाइटी के चौकीदार से इतना परेशान होकर कुछ उटपटांग करने का सोचा है? हम भारतीय तो वैसे भी "जुगाड़" में माहिर हैं, लेकिन जब बात आती है इन्साफ की, तो कभी-कभी थोड़ा सा बदला लेना भी ज़रूरी लगता है! आज की कहानी एक ऐसे ही किरायेदार की है, जिसने अपनी हेल्पलाइन की बेपरवाही का ऐसा मज़ेदार जवाब दिया कि पूरी Reddit कम्युनिटी हंस-हंस कर लोटपोट हो गई।

जब समस्या हल न हो, तो मज़ा ले लो!

कहानी है एक युवा किरायेदार की, जो अपने दोस्त के साथ एक सस्ते से अपार्टमेंट में रहता था। घर में समस्याएँ थी – कूड़ा डिस्पोज़र खराब, बाथरूम का पानी टपकता हुआ, और भी कई झंझट। हमारे हीरो ने कई बार कंप्लेंट की, लेकिन वहाँ का मेंटेनेंस वाला मिस्त्री भाई—जो खुद वहीं रहता था—हर बार अनसुना कर देता। मज़े की बात ये कि उसी बिल्डिंग की दो सुंदरियों के घर की शिकायतें तुरंत सुन ली जाती थीं!

अब आप ही बताइए, ऐसे पक्षपाती व्यवहार को देखकर किसका खून न खौले? लेकिन हमारे नायक ने उल्टा कोई लड़ाई या झगड़ा नहीं किया, बल्कि दिमाग का ताला खोलकर, मिस्त्री की नींद हराम करने का प्लान बनाया।

रात की तेंदुआ चाल: बदले की बारीक जुगाड़

मिस्त्री की ड्यूटी थी कि वो इमरजेंसी में तुरंत हाज़िर हो। हमारे हीरो की ड्यूटी नाइट शिफ्ट थी, यानी वो रात में जगते थे। एक दिन, वो अपनी गाड़ी के गैरेज में कुछ काम कर रहे थे और वहाँ का एयर कंप्रेसर चलाया। जैसे ही मशीन चालू हुई, पूरी बिल्डिंग के बाहर की लाइट चली गई! मिस्त्री बेचारा नींद में ही भागा-भागा आया, फ्यूज का ब्रेकर ऑन किया और वापस चला गया।

बस, यहीं से शुरू हुआ असली मज़ा! अब जब-जब हमारे हीरो की छुट्टी होती, वो या उनका रूममेट रात के 3-4 बजे एयर कंप्रेसर चालू कर देते। बेचारा मिस्त्री हर बार नींद से उठकर ब्रेकर ऑन करता। महीनों तक यही चलता रहा। मिस्त्री की नींद उड़ गई, पर घर की समस्या वही की वही रही।

कम्युनिटी का रिएक्शन: हंसी के फव्वारे और कुछ ज्ञान की बातें

Reddit पर इस किस्से ने धूम मचा दी। एक यूज़र ने बड़े मज़ेदार अंदाज में लिखा, "तुमने उसकी नींद को कंप्रेस कर दिया!" यानी, जैसे एयर कंप्रेसर से हवा दबती है, वैसे ही मिस्त्री की नींद भी दब गई। एक और ने कहा, "ये तो उसके अहंकार की प्रिवेंटिव मेंटेनेंस थी!" यानी, जो मिस्त्री खुद को बड़ा समझ रहा था, उसके घमंड की हवा निकाल दी।

कुछ लोगों ने ये भी सलाह दी कि जो समस्याएँ थीं, वो खुद भी हल हो सकती थीं—जैसे कम पानी का प्रेशर नोजल खोलकर साफ करने से सही हो सकता है। पर असली बात ये थी कि मिस्त्री का रवैया ही खराब था, इसलिए किरायेदार ने उसकी ही बनाई इमरजेंसी रूलबुक का इस्तेमाल उसके खिलाफ कर दिया।

एक कमेंट में लिखा गया—"तुमने तो उसकी बनाई इमरजेंसी की परिभाषा पर ही उसे नचा दिया।" सही बात है, जैसे हमारे यहाँ मोहल्ले के चौकीदार को बार-बार उठाकर तंग किया जाता है जब वो किसी की फरमाइश नहीं सुनता!

क्या वाकई बदला लेना सही था?

कुछ ने इस हरकत को गलत भी बताया कि कहीं किसी को असली मुसीबत न हो जाए। लेकिन OP (मेरे किरायेदार भाई) ने साफ लिखा कि ये सिर्फ बाहर की लाइट और गैरेज का सर्किट था, किसी की जान को कोई खतरा नहीं था। और वैसे भी, भारत में तो बिजली का जाना लौट आना तो रोज की बात है!

एक और कमेंट ने कहा, "अगर मिस्त्री चाहता कि रात में उसकी नींद पूरी हो, तो या तो ब्रेकर ठीक करवा लेता, या फिर अपनी ड्यूटी निभा लेता।" ये बात बिलकुल हमारे देसी मुहावरे जैसी है—"जैसी करनी, वैसी भरनी।"

निष्कर्ष: बदले का स्वाद कभी-कभी मीठा भी होता है

इस कहानी से हमें यही सीख मिलती है कि कभी-कभी सीधी शिकायतों से भी काम न चले, तो थोड़ा सा मज़ेदार जुगाड़ आज़माने में क्या हर्ज़ है? और जब मामला अन्याय और पक्षपात का हो, तो ऐसे छोटे-छोटे बदले दिल को सुकून देते हैं।

अब आप ही बताइए—अगर आपके मोहल्ले के मिस्त्री या सोसाइटी के सेक्रेटरी ने आपकी बात नहीं सुनी, तो आप क्या करते? क्या ऐसे किसी जुगाड़ू बदले का किस्सा आपके पास भी है? नीचे कमेंट में जरूर बताइए और इस मजेदार कहानी को दोस्तों के साथ शेयर करना न भूलें! आखिर, हँसी बांटने से ही बढ़ती है!


मूल रेडिट पोस्ट: Made sure the lazy maintenance guy didn’t get sleep