जब मैंने 'केविन' से शादी की – अजीबोगरीब किस्सों की बारात!
कभी-कभी ज़िंदगी हमें ऐसे किरदारों से मिलवा देती है, जिनकी हरकतें सुनकर लगता है, क्या वाकई ऐसा कोई हो सकता है? आज मैं आपको एक ऐसी ही शादीशुदा ज़िंदगी की दास्तान सुनाने जा रही हूँ, जिसमें 'केविन' नाम का शख्स था – और भाई साहब, उसकी हरकतें सुनकर आप या तो पेट पकड़कर हँसेंगे या माथा पीट लेंगे!
आपने अपने आस-पड़ोस में ऐसे लोग जरूर देखे होंगे, जो सलाह देने के शौकीन होते हैं, पर खुद की समझदारी पर भगवान भी माथा ठोक लें। तो चलिए, मिलिए मेरे 'केविन' से, जो रोज़मर्रा की छोटी-छोटी बातों में भी बड़ा धमाका कर देता था।
शादी का पहला झटका: दीवार में छेद और पानी का तूफ़ान
हर भारतीय घर में मरम्मत के समय 'जुगाड़' का बोलबाला रहता है। लेकिन केविन तो जुगाड़ का उस्ताद निकला! एक दिन उसने बाथरूम की दीवार में लकड़ी की पट्टियाँ लगाने के लिए नेल-गन उठा ली। न कील की लंबाई देखी, न दीवार के पीछे क्या है – सीधा ठाँय-ठाँय! और फिर… गड़गड़ाहट के साथ दीवार के पार गरम पानी की पाइप फट गई।
अब आप सोचेंगे, भाई, पाइप बदल दो! लेकिन नहीं – केविन ने किसी देसी 'मिस्टर फिक्स इट' जैसे जुगाड़ू पेस्ट से मरम्मत कर डाली। नतीजा? कुछ ही दिनों में बाथरूम पूरा भीग गया, दीवारें फूल गईं और घरवालों की रातों की नींद उड़ गई।
इसी पर एक पाठक ने कमेंट किया, "भई, आपकी ज़िंदगी तो बहुत मजेदार रही होगी!" – और वाकई, दिन-ब-दिन ऐसी घटनाएँ केविन के साथ आम बात थी।
पैसा बचाने के नाम पर बवाल: स्कूटर की सवारी और कामचोरी
भारत में भी कई पति-पत्नी पैसों की बचत के लिए रोज़ नए जतन करते हैं, मगर केविन की सोच कुछ अलग ही थी। उसने पेट्रोल बचाने के लिए अपनी पत्नी को 80 के दशक का पुराना, धीमा स्कूटर गिफ्ट कर दिया – वो भी 25 किमी/घंटा से तेज़ नहीं चलता! सोचिए, आज के ट्रैफिक और हाईवे पर उस स्कूटर से दफ्तर जाना… जैसे दिल्ली की रिंग रोड पर सायकिल ले जाना!
कमाल तो तब हुआ जब पता चला, साहब खुद कोई काम नहीं करते थे। खुश-खुश घर बैठकर 'हाउस हसबैंड' बनने का सपना देखते रहते। एक कमेंट ने भारतीय माँओं की याद दिला दी, "अरे बेटा, घरवाली की कमाई पर ऐश! ज़रा शर्म तो करो!"। जब पत्नी ने कहा, "अब तो नौकरी ढूंढो", तो केविन ने कई नौकरियाँ पकड़ीं और हर बार बेवकूफी के कारण निकाल भी दिए।
'ज्ञान' का पिटारा: ऊदबिलाव को वालरस समझना और गौरैया को बाज़
अब सुनिए केविन के ज्ञान की बातें, जिससे मोहल्ले वाले भी चौंक जाएँ। एक दिन टीवी पर जानवरों का शो चल रहा था। पत्नी ने बिना चश्मे के पूछा – "क्या आ रहा है?" केविन बोला, "ये वालरस है!" (वालरस यानी समुद्री हाथी)। पत्नी पास गई, देखा – अरे! ये तो ऊदबिलाव (ओटर) है।
एक बार तो घर के बाहर चिड़िया देखकर चिल्ला उठा, "जल्दी आओ, बहुत बड़ा पक्षी आया है!" – बाहर जाकर देखा, मामूली सी दाना चुगती गौरैया। ऐसे किस्से सुनकर एक कमेंट में किसी ने लिखा, "भाई, आज तो हँसी रोक ही नहीं पा रहा हूँ – ऊदबिलाव को वालरस समझना भी कोई बात है!"
शादी की मजबूरी: समाज का दबाव और रिश्तों की हकीकत
अब आप सोचेंगे, आखिर ऐसी शख्सियत से शादी क्यों की? जवाब बड़ा देसी है – "समाज का दबाव।" जैसे हमारे यहाँ घरवाले और आस-पड़ोस वाले कहते रहते हैं – "शादी कब करोगी?" वैसे ही, केविन की पत्नी भी अपने दोस्तों और परिवार के दबाव में आकर शादी कर बैठी।
कमेंट्स में एक पाठक ने मज़ाक में पूछा, "कहीं कोई शर्त तो नहीं हार गई थीं?" तो जवाब मिला, "नहीं, बस दबाव में आकर कर ली।"
कई भारतीय पाठकों को ये कहानी अपने आस-पास के 'कटप्पा', 'मुन्ना', या 'शर्मा जी के बेटे' की याद दिला सकती है, जिनकी मासूमियत और अतरंगी हरकतों से परिवार हर दिन हँसी और गुस्से के बीच झूलता रहता है।
पाठकों की राय: हँसी, हैरानी और सीख
रेडिट की चर्चा में कई लोगों ने हँसी उड़ाई, कई ने चौंककर पूछा – "अच्छा हुआ, आप इस रिश्ते से बाहर आ गईं!" तो कुछ ने अपने ऐसे ही 'केविन' टाइप एक्स या पति की कहानियाँ भी साझा करने की इच्छा जताई।
एक पाठक ने लिखा – "ऐसे लोग हर देश, हर समाज में मिल जाते हैं, फर्क बस इतना है कि हमारी मम्मियाँ इन्हें 'घर का बच्चा' मानकर हमेशा बचा लेती हैं।"
तो अगली बार जब आपके घर में कोई केविन टाइप बंदा अजीब जुगाड़ करे – याद रखिए, हँसते रहिए, क्योंकि ज़िंदगी ऐसी ही मजेदार है!
निष्कर्ष: आपके घर में भी है कोई 'केविन'?
तो दोस्तों, ये थी केविन के साथ शादी की कुछ झलकियाँ – जो कभी-कभी गुस्सा दिलाती हैं, तो कभी हँसी से लोटपोट कर देती हैं। आपके घर या मोहल्ले में भी कोई 'केविन' है क्या? या आप खुद ऐसे किसी किरदार को जानते हैं?
नीचे कमेंट में अपनी मजेदार या चौंका देने वाली कहानियाँ जरूर साझा करें। कौन जाने, अगली बार आपकी कहानी यहाँ छप जाए!
शुभकामनाएँ – और याद रखिए, हर घर में थोड़ा-बहुत केविन छुपा होता है!
मूल रेडिट पोस्ट: I was married to a Kevin