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जब मछली के टैंक की सफाई ने बनाई केविन की 'मूर्ति' — हंसते-हंसते लोटपोट कर देने वाली घटना

हम सबकी दोस्ती में कोई न कोई ऐसा दोस्त जरूर होता है, जिसे देखकर लगता है, 'भाई, ये कहीं का भी जुगाड़ कर ले, बस दिमाग मत लगवा लो!' अगर आपके ग्रुप में ऐसा कोई नहीं है, तो माफ कीजिए, शायद वही आप हैं! आज की कहानी भी ऐसे ही एक 'मासूम' दोस्त केविन की है, जिसने भरी महफिल में ऐसा कारनामा कर दिखाया कि सबकी हंसी नहीं रुकी।

सफाई में मदद का ऑफर, और फिर उल्टा चक्कर!

कहानी शुरू होती है एक आम अमेरिकी घर में, जहां एक रूममेट अपने मछली टैंक के फिल्टर की सफाई कर रहा था। मछली पालना तो बड़ा शौक होता है, लेकिन उसकी देखरेख और सफाई... उफ्फ! अब हुआ यूं कि फिल्टर का सायफन ट्यूब (जो आकार में टेढ़ा-मेढ़ा, बिलकुल कैंडी केन यानी छड़ी जैसी थी) अंदर से जाम हो गया था। रूममेट ब्रश डाल-डालकर जाम निकालने की जद्दोजहद कर रहा था, तभी मंच पर एंट्री होती है केविन की — 'अरे भाई, हटो-हटो, मैं कर देता हूं!'

अब केविन ने जैसे ही ट्यूब को उठाया, बिना सोचे-समझे उसका छोटा सा सिरा अपने मुंह के पास रखा और जोर से फूंक मार दी। रूममेट ने देखा कि ट्यूब का दूसरा सिरा ठीक केविन की दोनों आंखों के बीच यानी माथे के बीचोबीच है, पर सोचा — 'अगर इतनी बुनियादी बात नहीं समझता, तो खुद भुगते!' और सबके देखते-देखते...

केविन की आंखों के सामने "ज्ञान की गंगा"!

जैसे ही केविन ने फूंक मारी, ट्यूब में फंसा सारा कचरा, गंदगी, मछली का मल-मूत्र — सब कुछ सीधे उसके चेहरे पर, आंखों के बीचोंबीच बम की तरह फूट पड़ा! एक सेकंड के लिए तो सब सन्न रह गए, फिर जो ठहाके गूंजे, वो पूछिए मत! केविन का चेहरा ऐसे रंग-बिरंगा हो गया जैसे होली पर किसी ने भांग पीकर रंग पोत दिया हो।

यह दृश्य देखकर हर भारतीय को अपने बचपन की याद आ सकती है, जब कोई बच्चा गलती से स्कूल में पाइप में उल्टा सांस ले लेता था और पानी नाक में घुस जाता था! यहाँ भी केविन ने पाइप के विज्ञान को नजरअंदाज कर दिया, और भरपूर फल भुगता।

"केविन तो केविन ही रहेगा" — कमेंट्स में भी बवाल!

इस मजेदार घटना के Reddit पोस्ट पर लोगों ने भी खूब चुटकी ली। एक पाठक ने मजेदार तंज कसा — "क्या केविन ने अपनी गलती 'देख' ली?" (यानी, अब तो आंखों के सामने ही हुआ है, अगली बार तो समझेगा!) लेकिन पोस्ट के लेखक ने हंसकर जवाब दिया, "बाकी हरकतें देखकर लगता है, केविन को समझ आना तो दूर, शायद अगली बार वो और बड़ी गड़बड़ करेगा।"

एक और पाठक ने लिखा, "भैया, हमारे यहां कोई फूलदान उलटा करके फूंक मार देगा, तो कम से कम ये तो देख लेता कि पानी किधर जाएगा!" एक अन्य कमेंट में कहा गया, "जो लोग बचपन में टॉम एंड जेरी जैसे कार्टून नहीं देखते, वही ऐसी भूलें करते हैं।" सोचिए, अगर केविन ने कभी 'चाचा चौधरी' या 'मोटू-पतलू' देखा होता, तो शायद ये दिन न देखना पड़ता!

एक मजेदार सुझाव भी आया — "अगर ट्यूब में अंडे की भुर्जी भर देते, तो शायद केविन फूंकने की बजाय चूस लेता, और फिर हंसी का दूसरा झोंका आ जाता!" रूममेट ने इस पर चुटकी ली, "सच कहूं, केविन तो ऐसी हरकतों में उस्ताद है, कुछ भी कर सकता है!"

भारतीय नजरिये से — सीख और हंसी दोनों

इस घटना में भले ही सफाई के नाम पर गंदगी केविन के चेहरे पर आ गई, लेकिन इससे एक गहरा संदेश भी मिलता है। अक्सर हम बिना सोचे-समझे, 'चलो देखते हैं क्या होता है' वाली मानसिकता में ऐसी हरकत कर बैठते हैं, जिसका खामियाजा खुद ही भुगतना पड़ता है। गांव-देहातों में दादी-नानी भी कहती हैं — "बिना जाने-बूझे हाथ न डालो, नहीं तो सांप भी डस लेता है!"

यह कहानी सिर्फ हंसी-ठिठोली नहीं, बल्कि यह भी सिखाती है कि छोटी-छोटी बातों में तमीज और समझदारी जरूरी है। और हां, दोस्तों की मंडली में ऐसे 'केविन' होते रहने चाहिए, जो हर दिन को दिलचस्प बना दें!

क्या आपके ग्रुप में भी है कोई अपना 'केविन'?

तो दोस्तों, आपके ग्रुप में भी कोई ऐसा 'केविन' है, जो बिना सोचे-समझे कुछ भी कर बैठता है? या कभी आपने खुद ऐसी गलती कर दी हो कि आज भी याद आते ही हंसी आ जाए? नीचे कमेंट में जरूर बताएं — आपकी कहानी भी किसी को हंसने का मौका दे सकती है!

और हां, अगली बार जब भी सफाई करें या कोई जुगाड़ करें, पहले सोच लें... कहीं आपके चेहरे पर भी 'ज्ञान की गंगा' न बह जाए!


मूल रेडिट पोस्ट: Kevin offered to help clean the fish tank filter.