जब मकानमालिक को किराएदार ने सिखाया 'चिकन' वाला सबक: टेढ़ी चाल पर सीधी चपत
किराए का मकान, मकानमालिक और गर्मी—ये तीनों जब एक साथ हों, तो कभी-कभी जिंदगी सीरियल के ट्विस्ट से भी ज्यादा मजेदार हो जाती है। आज हम आपको एक ऐसी कहानी सुनाने जा रहे हैं जिसमें एक परेशान परिवार ने अपने मकानमालिक को ऐसा सबक सिखाया कि गर्मी की हर लहर के साथ मकान में 'चिकन' की याद आती होगी!
गर्मी, गुस्सा और गैंगस्टर मकानमालिक
यह कहानी है टेक्सास की, लेकिन जो हालात बताए गए हैं, वो किसी भी भारतीय किराएदार के लिए चौंकाने वाले नहीं होंगे। सोचिए, एक परिवार जिसमें एक पांच साल का बच्चा और एक नवजात, रह रहे हैं ऐसे फ्लैट में जहाँ एसी नाम की चीज़ सिर्फ बिल में दिखती है। हर कोने में तिलचट्टे (कॉकरोच) का राज, बारिश में पानी अंदर, और दीवारों पर फफूंदी। ऊपर से मकानमालिक का रवैया जैसे 'मेहरबानी' कर रहा हो कि रहने को छत दे दी!
अब जैसे-तैसे उनका लीज़ खत्म होने ही वाला था, तो उन्होंने सोचा—चलो, एक रात नए घर में चैन से सो लें और बाकी सामान कल समेट लेंगे। लेकिन जब अगले दिन पुराने फ्लैट में पहुंचे, तो देखा—सारे फ्रिज, वॉशिंग मशीन वगैरह गायब! और जो फ्रीज़र में सैकड़ों डॉलर का मीट रखा था, उसे कचरे के थैलों में भरकर बरामदे पर धूप में रख दिया गया। टेक्सास की गर्मी में, जान लीजिए, ये मीट कुछ घंटों में नरक बना सकता है।
बदले की ब्यूटी: चिकन का 'सुपर-सीक्रेट' मिशन
सब्र का प्याला जब छलक जाता है, तो इंसान कुछ भी कर सकता है! मकानमालिक ने जब माफी मांगने या नुकसान भरने से मना कर दिया, तो कहानी में ट्विस्ट आया। हमारे नायक-नायिका (किराएदार दंपति) ने ठान लिया, "अब देख, तेरा क्या हाल करते हैं!"
जिस मीट को मकानमालिक ने धूप में सड़ने के लिए छोड़ दिया था, उसी चिकन के टुकड़े उन्होंने ऐसी-ऐसी जगह छुपाए—जैसे वेंट्स, टॉयलेट टैंक के पीछे—कि आम सफाई में कोई पकड़ ही न पाए। और याद रहे, इस घर में एसी नहीं चलता था, तो गर्मी में वो चिकन कुछ ही दिनों में 'बॉम्ब' बन गया होगा!
एक हफ्ते बाद जब वे वापस देखने गए, तो देखा दरवाजा खुला है, मकान के अंदर से ऐसी दुर्गंध आ रही थी कि किसी भी बहादुर का दम घुट जाए। मक्खियाँ झुंड बना रही थीं। और हां, डिपॉजिट तो गया, लेकिन मकानमालिक को भी किराएदार नहीं मिला होगा महीनों तक!
कम्युनिटी का कमाल: सुझाव, मज़ाक और अनुभव
रेडिट कम्युनिटी की बात करें, तो सबने इस बदले की जमकर तारीफ की। एक यूज़र ने तो पूछा, "क्या आपने शावर कर्टन रॉड में झींगे (श्रिम्प) भी रखे?"—यहां भारत में भले ऐसा न करें, पर अमेरिका में ये बदले की 'क्लासिक' ट्रिक मानी जाती है! असली पोस्टर ने मज़ाक में कहा—"इतने गरीब थे कि झींगे खरीदने के पैसे नहीं थे, चिकन से ही काम चलाया।"
एक और पाठक ने सलाह दी—"मायोनीज़ दीवार पर लगा दो, वो भी कमाल करता है!" किसी ने कहा—"सरडीन या ट्यूना के जूस को कालीन के नीचे डाल दो, बिल्ली भी दूर से सूंघ लेगी!" यहाँ तक कि एक देसी जुगाड़ू ने लिखा—"सॉकेट खोलकर दीवार के अंदर 5 किलो चीनी डाल दो, तिलचट्टे जीवनभर डांस करते रहेंगे!"
टेक्सास की गर्मी में सड़ा मीट किस कदर बदबू कर सकता है, इस पर भी लोगों ने अपने अनुभव शेयर किए। एक सज्जन ने बताया, "हमारे फ्रीज़र में मछली थी, बिजली गई, हफ्ते बाद घर लौटे तो खून बहकर बाहर निकल आया था। बदबू ऐसी कि बीवी ने भी सिगार पीने की इजाजत दे दी, ताकि कम से कम कुछ तो अच्छा महके!"
किराएदार अधिकार, मकानमालिक की मनमानी और देसी संदर्भ
हमारे देश में भी ऐसे मकानमालिक अक्सर मिल जाते हैं, जो किराएदारों का पैसा, सामान या सुविधा हड़पने से नहीं चूकते। लेकिन बहुत कम लोग अपने हक की लड़ाई लड़ पाते हैं। अमेरिका में, जैसा एक यूज़र ने बताया, बिना नोटिस के घर में घुसना और किराएदार का सामान हटाना कानूनन अपराध है। टेक्सास में तो ऐसे केस में मकानमालिक की अच्छी-खासी शामत आ सकती है।
यह कहानी यूं ही नहीं वायरल हुई—क्योंकि हर किराएदार कभी-न-कभी ऐसी स्थिति में फंसा है, जब मकानमालिक की मनमानी देख मन करता है—'एक दिन तुझे भी मजा चखाऊंगा!'
अंत में: बदले की खुशबू, यादों की बदबू
कहानी का मजेदार हिस्सा ये है कि मकानमालिक को शायद आज भी उस फ्लैट में 'फैंटम चिकन' की महक आती होगी। और अगली बार कोई किराएदार बदले की सोच रहा हो, तो रेडिट की इस कहानी से आइडिया जरूर ले सकता है—बस ध्यान रहे, बदला हमेशा 'प्यारा' होना चाहिए, 'प्याज वाला' नहीं!
तो आप बताइये—अगर आपके साथ ऐसा हुआ होता, तो आप क्या करते? या फिर आपके पास भी कोई देसी जुगाड़ है मकानमालिक को सबक सिखाने का? कमेंट में जरूर शेयर करें!
मूल रेडिट पोस्ट: Slum Lord Payback