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जब बॉस ने 'वर्क फ्रॉम होम' से मना किया, तो कर्मचारी ने भी दे दिया मजेदार जवाब!

बर्फ से ढके परमाणु बिजलीघर की कार्टून-3D चित्रण, जिसमें कामकाजी लोग चुनौतीपूर्ण परिस्थितियों में कार्य कर रहे हैं।
यह मनमोहक कार्टून-3D छवि मध्य-अटलांटिक में दुर्लभ बर्फबारी के दौरान परमाणु बिजलीघर में काम करने की अनूठी चुनौतियों को दर्शाती है। यह हमें याद दिलाती है कि विपरीत मौसम की परिस्थितियों में भी आवश्यक श्रमिकों को किस प्रकार की वास्तविकताओं का सामना करना पड़ता है।

सोचिए, सुबह-सुबह नींद खुली और बाहर झांकते ही दिखी बर्फ की मोटी चादर! ऐसे मौसम में तो हमारा मन कहता है – चाय की प्याली, गरम कंबल और घर से ही काम। लेकिन जब बॉस की जिद सामने आ जाए, तब? आज हम आपके लिए लाए हैं एक ऐसी दिलचस्प कहानी, जिसमें एक कर्मचारी ने अपने बॉस की सख्त 'नो वर्क फ्रॉम होम' नीति का ऐसा जवाब दिया कि पढ़कर आप भी मुस्कुरा उठेंगे।

बर्फीले तूफान में नौकरी का इम्तिहान

कहानी है अमेरिका के एक मिड-अटलांटिक इलाके की, जहाँ एक न्यूक्लियर पावर प्लांट में काम करने वाले सज्जन (चलो, इन्हें 'ओपी' कह लेते हैं) रोज़ करीब एक घंटे दूर, पहाड़ी और घुमावदार रास्तों से ऑफिस जाया करते थे। वैसे तो हमारे यहाँ बर्फबारी फिल्मों में ही देखने को मिलती है, पर वहां तो ये आम बात है! लेकिन समस्या ये थी कि लोकल सरकार सिर्फ मेन रोड ही साफ करती थी, बाकी सड़कों पर भगवान भरोसे।

एक दिन सुबह ओपी ने देखा – बाहर 10 इंच बर्फ! अब तो गाड़ी भी 4x4 हो, फिर भी चलाना पहाड़ चढ़ने जैसा मुश्किल। ओपी ने अपने सुपरवाइजर को मैसेज किया – "सर, आज घर से काम कर लूं? लैपटॉप है, प्लांट के अंदर कोई जरूरी काम भी नहीं है, बस पेपरवर्क करना है।" बॉस ने तुरंत 'पॉलिसी' का हवाला देते हुए मना कर दिया – "यहां तो मैं पहुंच गया, रास्ते इतने भी खराब नहीं। या तो ऑफिस आओ, नहीं तो छुट्टी काटो!"

बॉस की जिद और कर्मचारी की चालाकी

अब ओपी ने भी सोचा – "जब खुद ही छुट्टी लेने का ऑप्शन दे रहे हैं, तो क्यों न आज का दिन खुद के लिए जिया जाए?" ऑफिस जाने के बजाय वो पास की दुकान से स्नो स्लेज (जिसे हम बचपन में तश्तरी या प्लास्टिक की पटरी समझ लें) खरीद लाए और बीवी के साथ मोहल्ले में बर्फ पर फिसलने लगे। चाय, गरम कोको, और स्नो डे का पूरा मजा उठाया।

यही नहीं, दोपहर 11 बजे बॉस का मैसेज आया – "ओपी, क्या आ सकते हो? ज्यादातर लोग बर्फ की वजह से नहीं आए। एक जरूरी डॉक्यूमेंट रिव्यू करना है, और जरूरत पड़ी तो प्लांट में कुछ काम भी करना पड़ सकता है।" ओपी ने बड़े अदब से जवाब दिया – "माफ कीजिए सर, आज तो छुट्टी ले रखी है, पॉलिसी के हिसाब से।" बॉस ने फिर जुगाड़ लगाया – "डॉक्यूमेंट मेल कर रहा हूं, देख लो, मैं तुम्हारी तरफ से साइन कर दूंगा।" ओपी ने मजेदार जवाब दिया – "सर, आप ही ने तो सुबह मना किया था घर से काम करने को, अब कैसे देखूं?"

दफ्तर की पॉलिसी और कर्मचारियों की जुगाड़

यहाँ कहानी में असली ट्विस्ट आता है! ओपी सैलरीड कर्मचारी थे और कंपनी की असली एचआर पॉलिसी कहती थी – "अगर कर्मचारी दिन में कुछ मिनट भी काम करता है, तो पूरे दिन की सैलरी मिलेगी।" ओपी ने सिर्फ 10 मिनट की 'वर्क' एंट्री डाली (जो उन्होंने बॉस से मैसेजिंग में बिताई थी) और छुट्टी की कोई एंट्री नहीं की। बॉस ने टाइमशीट भी मंजूर कर दी। यानी न ऑफिस गए, न छुट्टी कटी, और मजे से बर्फबारी का दिन बिताया!

जब इंटरनेट वाले बोले – "कहानी में है दम!"

इस कहानी पर Reddit के कमेंट्स भी कम दिलचस्प नहीं थे! एक यूज़र ने तंज कसा – "बॉस को शायद अकेलापन हो रहा था, इसलिए सबको बुला रहा था।" वहीं एक और ने कहा – "न्यूक्लियर प्लांट में डेस्क जॉब वालों को जरूरी समझना, जब असली टेक्नीशियन ही नहीं आए – इसमें कोई लॉजिक नहीं!" कुछ ने तो सोच लिया था कि 'मिड-अटलांटिक' का मतलब समंदर के बीच में कोई अंडरवॉटर प्लांट है – जैसे हमारे यहाँ कोई कह दे कि ऑफिस हिमालय के ऊपर है!

कोई कमेंट करता है – "हमारे यहाँ भी तो अक्सर बॉस बेवजह दफ्तर बुला लेते हैं, चाहे बाहर ओला-वृष्टि हो या ट्रैफिक जाम का समंदर।" एक और ने लिखा – "कभी-कभी पॉलिसी से ज्यादा समझदारी जरूरी होती है।" और भाई, ये तो सच है!

अपने ऑफिस का अनुभव साझा करें!

कहानी कहीं न कहीं हमारे अपने दफ्तरों की याद दिलाती है, है ना? कभी-कभी बॉस की जिद और कंपनी की 'पॉलिसी' के बीच फंसकर हम भी ऐसे मौके पर जुगाड़ लगाते हैं। ऑफिस की सख्ती, कर्मचारियों की चालाकी – यही तो असली भारतीय वर्क कल्चर है!

क्या आपके साथ भी ऐसा कोई वाकया हुआ है? क्या आपने कभी बॉस की 'अनौपचारिक नीति' का ऐसा मजेदार जवाब दिया है? नीचे कमेंट में लिखिए और अपने अनुभव साझा कीजिए। आखिरकार, दफ्तर की जिंदगी में थोड़ा सा 'मालिशियस कंप्लायंस' तो बनता है, है ना?

तो अगली बार जब बॉस बोले – "घर से काम नहीं चलेगा", तो इस कहानी को याद कीजिए और सोचिए – जुगाड़ भी कोई चीज़ है!


मूल रेडिट पोस्ट: Don’t work from home