जब बॉस ने कहा “जिस नौकरी की चाह है, उसी का पहनावा करो” – और कर्मचारी बन गया CEO!
हमारे देश में ऑफिस या दुकान में काम करने वाले अक्सर बॉस की सलाहों को कान के पीछे डाल देते हैं, लेकिन सोचिए क्या हो अगर कोई कर्मचारी उसे इतनी गंभीरता से ले ले कि खुद बॉस भी हैरान रह जाए? आज की कहानी भी कुछ ऐसी ही है, जिसमें एक साधारण रिटेल स्टोर का कर्मचारी बॉस के एक पुराने जुमले – “जिस नौकरी की चाह है, उसी का पहनावा करो” – को कुछ ज़्यादा ही दिल पर ले बैठा! आगे जो हुआ, वो तो जैसे पूरे ऑफिस की हवा ही बदल गई।
“ड्रेस कोड” का देसी जुगाड़
कहानी की नायिका एक मिड-टियर कपड़ों की दुकान में काम करती हैं, जहाँ ड्रेस कोड बस इतना है – “प्रोफेशनल दिखो और हमारी दुकान से कुछ पहन लो।” मतलब, जींस और बढ़िया टॉप या स्वेटर से काम चल जाता है। लेकिन एक दिन उनकी ज़िले की मैनेजर (DM) आती हैं – वही, जो हर महीने आकर “लीडर बनो, आगे बढ़ो” जैसी बातें सुनाती हैं।
DM ने मीटिंग में बार-बार ज़ोर दे दिया – “जिस नौकरी की चाह है, उसी का पहनावा करो!” अब भारत में तो अक्सर लोग इस पर हँसकर रह जाते, लेकिन हमारी नायिका ने ये सलाह दिल से लगा ली। अगली ही शिफ्ट, वे पूरी CEO वाली ठाट में दफ़्तर पहुँच गईं – सिला हुआ सूट (वो भी सेकंड हैंड), ड्रेस शर्ट, टाई, और एक सस्ता सा ब्रीफकेस! भाई, रिटेल की सैलरी में ब्रांडेड कहाँ? लेकिन अंदाज एकदम टॉप क्लास।
ग्राहक भी हुए हैरान, मैनेजर भी कन्फ्यूज
अब दुकान में जब कोई इतने भारी-भरकम सूट में दिखे, तो ग्राहक भी सोचेंगे – “ये तो बॉस ही दिखता है!” लोग शिकायतें लेकर उनके पास आने लगे, रिटर्न भी उन्हीं से पूछने लगे। वो मुस्कुरा कर सभी को सही मैनेजर के पास भेज देतीं, लेकिन रोज़-रोज़ ऐसा होने लगा।
स्टोर मैनेजर खुद भी चकरा गए – लेकिन क्या बोले? ड्रेस कोड फॉलो हो रहा है, और DM की सलाह भी! ऊपर से प्रोफेशनलिज़्म भी झलक रहा है, तो रोकें कैसे?
DM का रिएक्शन – 10 सेकंड की चुप्पी
मज़ा तो तब आया जब अगली बार DM खुद दुकान पर आईं। सामने हमारी नायिका, पूरी CEO स्टाइल में, ब्रीफकेस के साथ शेल्फ में कपड़े सजा रही थीं। DM एक पल के लिए ठिठक गईं, 10 सेकंड तक घूरती रहीं, फिर मैनेजर से पूछ बैठीं – “क्या माजरा है?” मैनेजर ने भी कंधे उचकाकर जवाब दिया – “आपने ही तो कहा था, ‘जिस नौकरी की चाह है, उसी का पहनावा करो!’”
अब DM के पास कोई जवाब न था। और तो और, बाकी स्टाफ ने भी सूट, टाई पहनना शुरू कर दिया। अब पूरे जिले में उनकी दुकान सबसे “प्रोफेशनल” दिखने लगी! DM ने उसके बाद ड्रेस कोड पर कुछ नहीं बोला।
कम्युनिटी की चटपटी प्रतिक्रियाएँ
इंटरनेट पर इस कहानी का खूब मज़ाक उड़ाया गया। एक यूज़र ने कहा, “अगर CEO बनना है, तो ‘CEO’ लिखा हुआ एक बड़ा सा सैश पहन लो – और वो भी चमचमाती झालरदार!” किसी ने जोड़ दिया – “सिर पर ताज भी पहन लो, और क्या!” एक और ने चुटकी ली – “इस बार DM आए तो बोल देना – ‘मैम, आपकी कुर्सी चाहिए, तैयार रहिए!’”
किसी ने अपनी कहानी भी सुनाई – “मेरे बॉस ने भी कभी यही कहा था, लेकिन मैंने तो ‘बैटमैन’ की ड्रेस पहन ली थी। फिर HR के साथ मीटिंग में बैठा रहा!” एक और ने जोड़ा – “अगर मैं स्पेस सूट पहनकर चला जाऊँ तो? मुझे तो लोग एलियन समझ बैठेंगे।”
कुछ लोगों ने कहा – “कंपनी के ये मोटिवेशनल डायलॉग्स अक्सर सिर्फ बोलने के लिए होते हैं, असल में कोई उन्हें फॉलो करे तो बॉस खुद परेशान हो जाता है।” किसी ने सलाह दी – “अगर सच में CEO बनना है, तो एमबीए की डिग्री ले आओ, सूट-वूट छोड़ो।”
भारतीय संदर्भ में – क्या हमें भी कोशिश करनी चाहिए?
सोचिए, अगर हमारे देश की सरकारी दफ्तर या निजी कंपनियों में कोई कर्मचारी एकदम CEO बनकर आ जाए, तो क्या होगा? शायद बॉस खुद डर जाए कि कहीं ये सच में मेरी कुर्सी न ले जाए! वैसे यहाँ भी लोग त्योहारों या किसी खास मौके पर फैंसी ड्रेस में आ जाते हैं, लेकिन रोज़-रोज़ सूट-बूट पहनना, वो भी रिटेल की नौकरी में – वाह, कमाल की हिम्मत है!
और हमारे यहाँ तो अक्सर लोग कहते हैं – “कपड़े से क्या होता है? काम अच्छा होना चाहिए!” लेकिन कई बार ये बाहरी दिखावा ही लोगों की सोच बदल देता है। इस कहानी से यही सीख मिलती है – कभी-कभी बॉस की सलाह को सीरियसली ले लो, तो नज़ारे ही बदल जाते हैं। कौन जाने, अगली बार प्रोमोशन भी मिल जाए!
निष्कर्ष – हिम्मतवालों की दुनिया में नाम है
दोस्तों, इस कहानी ने हमें गुदगुदाया भी और सोचने पर भी मजबूर किया। कभी-कभी छोटी-छोटी बातें, जैसे कपड़े पहनने का तरीका – पूरे ऑफिस का माहौल बदल सकती हैं। और अगर आपमें थोड़ा सा फनीनेस और हिम्मत है, तो बॉस की मोटिवेशनल बातें पलट कर उन्हीं पर भारी पड़ सकती हैं!
अब आप बताइये – अगर आपके ऑफिस में “जिस नौकरी की चाह है, उसी का पहनावा करो” कहा जाए, तो आप क्या पहनेंगे? क्या आप भी CEO के जैसे सूट पहनेंगे या कुछ और ही नया ट्राय करेंगे? कमेंट में जरूर बताइये, और कहानी पसंद आए तो दोस्तों के साथ शेयर कीजिए। अगली बार मिलेंगे एक और ऑफिस की गुदगुदाती कहानी के साथ!
मूल रेडिट पोस्ट: Boss said 'dress for the job you want' so I started wearing a CEO costume to my retail job