जब बॉस के परिवार की तस्वीरों में घुस आई उसकी असिस्टेंट – एक झन्नाटेदार विदाई
ऑफिस की दुनिया में बॉस और असिस्टेंट की नोकझोंक कोई नई बात नहीं। पर सोचिए, अगर कोई असिस्टेंट अपनी नौकरी छोड़ने से पहले ऐसा कारनामा कर जाए कि बॉस जिंदगीभर याद रखे, तो? आज हम आपको एक ऐसी ही कहानी सुनाने जा रहे हैं, जिसने इंटरनेट की दुनिया को हिला दिया – और यकीन मानिए, इससे आपको भारत के ऑफिसों की गुपचुप राजनीति की भी याद आ जाएगी!
ये कहानी है एक महिला असिस्टेंट की, जो अपने बॉस की खुदपरस्ती और बड़बोलेपन से तंग आ चुकी थी। बॉस साहब का हाल कुछ ऐसा था जैसे हमारे यहां के कुछ अफसर – हर दीवार पर अपने परिवार की फोटो, छुट्टियों की रंगीन तस्वीरें, कराटे सीखते हुए पोज, और क्रिसमस पर पूरे परिवार की एक जैसी ड्रेस वाली फोटो! किसी भी चर्चा की शुरुआत भले ही दूसरों से हो, पर बात घुमा-फिराकर खुद पर ही ले आते थे – "तो, वीकेंड कैसा रहा?" लेकिन जवाब सुनने से पहले ही फिर अपनी बेटी की उपलब्धियों का गुणगान!
अब जब असिस्टेंट ने इस्तीफा दिया और दो हफ्ते की नोटिस पर थी, तो बॉस साहब एक और लंबी छुट्टी पर निकल गए। बस, यही मौका था 'प्यारी बदला' लेने का!
विदाई की तैयारी – जब असिस्टेंट बनी फोटो क्वीन
जैसे ही बॉस छुट्टी पर गए, असिस्टेंट ने ऑफिस को अपने रंग में रंगना शुरू कर दिया। सबसे पहले तो बॉस के पूरे फाइलिंग सिस्टम को ऐसे कोड में बदल डाला, जो सिर्फ वही समझ सकती थी। अब सोचिए, हमारे दफ्तरों में भी अगर कोई बाबू रजिस्टरों की जगह नया छुपा कोड बना दे, तो अगले बाबू की शामत आ जाए!
लेकिन असली मज़ा तब आया, जब उसने बॉस की हर तस्वीर में अपनी फोटो जोड़ दी – कहीं फोटोशॉप से, कहीं सीधा काट-चिपका के। परिवार की तस्वीरों में बॉस की बीवी, बच्चे, यहां तक कि कुत्ते की जगह भी उसी का चेहरा! कराटे वाली फोटो में खुद कराटे पोज़, क्रिसमस की फोटो में वही मुस्कुराती हुई असिस्टेंट! और तो और, कंप्यूटर के डेस्कटॉप पर भी अपनी अजीब सी तस्वीर लगा दी। विजिटिंग कार्ड, डेस्क ब्लॉटिंग पेपर – हर जगह बस वही!
इंटरनेट की पंचायत – जनता ने क्या कहा?
रेडिट पर इस कहानी ने बवाल मचा दिया। कुछ लोगों को ये हरकत 'प्यारी बदला' (petty revenge) लगी, तो कुछ बोले – "भैया, ये तो पागलपन है!"
एक मजेदार कमेंट में किसी ने लिखा, "ये कहानी पढ़कर तो समझ नहीं आ रहा असली विलेन कौन है – बॉस या असिस्टेंट!" वहीं किसी ने कहा, "बॉस भले ही खुदपरस्त था, लेकिन असिस्टेंट ने तो ऑफिस को हॉन्टेड हाउस बना दिया!"
एक यूज़र ने व्यंग्य किया – "लगता है असिस्टेंट को बॉस की दुनिया में जगह चाहिए थी, इसलिए हर फोटो में घुस गई!" एक और कमेंट में लिखा गया, "अगर मेरे ऑफिस में कोई मेरी तस्वीरें काट-फाड़ दे, तो मैं तो दुआ करूँगा कि वो कभी वापस न आए!"
दिलचस्प बात ये रही कि कुछ लोगों को इसमें मज़ा भी आया। किसी ने अपनी पुरानी शरारत याद करते हुए बताया – "हमने अपने कलीग की फैमिली फोटो में सबके चेहरे पर डैनी डेविटो की फोटो लगा दी थी, और हफ्तों तक किसी को पता तक नहीं चला!"
ऑफिस राजनीति में 'विदाई-शरारत' – क्या सही, क्या गलत?
भारतीय ऑफिसों में भी विदाई पार्टी के नाम पर हल्की-फुल्की मस्ती आम है – कोई चुपके से चायवाले के गिलास छुपा देता है, कोई टेबल पर चुपचाप मजाकिया नोट छोड़ जाता है। लेकिन यहाँ मामला थोड़ा ज्यादा ही 'पर्सनल' हो गया!
कुछ कमेंट्स में चिंता भी जाहिर की गई – "असल में, किसी के निजी फोटो को काटना-छांटना ठीक नहीं, ये तो चोरी या नुकसान की श्रेणी में आ जाता है।" एक यूज़र ने लिखा, "अगर मेरे साथ ऐसा होता, तो मैं पुलिस तक चला जाता!"
वहीं एक अनुभवी पाठक ने व्यंग्य में कहा, "इन दोनो को एक-दूसरे की ही जरूरत थी – बॉस को तारीफ चाहिए थी, असिस्टेंट को अटेंशन!"
निष्कर्ष – बदले की मिठास या कड़वाहट?
कहानी से एक बात तो साफ है, ऑफिस में रिश्ता चाहे जैसा हो – विदाई हमेशा यादगार बन ही जाती है। अब चाहे कोई मिठाई खिलाकर जाए, या बॉस की हर फोटो में अपनी शक्ल चिपकाकर!
अगर आपके ऑफिस में भी ऐसा कोई 'शरारती' किस्सा हुआ है, तो कमेंट में जरूर बताइए। क्या आपको भी कभी अपने बॉस या कलीग से बदला लेने का मन हुआ है? या आपने 'प्यारी बदला' वाला कोई मजेदार किस्सा सुना है?
चलते-चलते एक बात – ऑफिस में मस्ती ज़रूर करें, पर ध्यान रहे कि हद पार न हो जाए! आखिरकार, कल को वही बॉस आपके नए इंटरव्यू में बैठा मिल सकता है!
आपकी राय जानने के लिए बेकरार हैं – कमेंट करें, शेयर करें और अपने ऑफिस दोस्तों को भी पढ़ाएँ!
मूल रेडिट पोस्ट: In case I'm missed, Boss Man