जब बर्फ के ढेर ने निकास रोकने वाले ड्राइवर को सबक सिखाया
हम भारतीयों के लिए ‘पार्किंग’ वैसे ही रोज़ाना की जंग है। कोई गली में गाड़ी लगा देता है, तो कोई सोसाइटी के गेट पर बाइक अड़ा देता है। लेकिन सोचिए, अगर भारी बर्फ़बारी के बीच कोई आपकी गाड़ी को ऐसे फंसा दे कि बाहर निकलना ही मुश्किल हो जाए – तब क्या करेंगे? आज की कहानी पढ़कर आप भी कहेंगे – “बर्फ़ का बदला, सबसे ठंडा बदला!”
बर्फ़बारी, पार्किंग की जंग और बढ़ती झुंझलाहट
कनाडा-अमेरिका जैसे देशों में बर्फ़बारी आम बात है, लेकिन वहां भी पार्किंग की समस्या उतनी ही विकट है जितनी हमारे यहां मोहल्लों में। Reddit यूज़र u/cohonka की कहानी कुछ ऐसी ही है – उनकी गर्लफ्रेंड की गाड़ी बर्फ में फंसी थी। सुबह-शाम दोनों बार खुद कड़ी मेहनत से गाड़ी निकाली, लेकिन जैसे ही निकलने लगे, देखा – कोई समझदार ‘शख्स’ इकलौते निकास पर गाड़ी अड़ा गया है!
अब भारतीय होते तो क्या करते? पहले हॉर्न पर हाथ जमाते, फिर पड़ोसियों से पूछते – “भैया, किसकी है ये गाड़ी?” वैसा ही इन्होंने भी किया। खूब हॉर्न बजाया, चिल्लाए, मदद के लिए फोन भी किया। लेकिन समाधान नहीं निकला, तो खुद ही कुदाल उठाई और बाकी जगह की बर्फ हटाने लगे – ताकि किसी तरह बाहर निकल सकें।
जब सब्र का बांध टूटा – बर्फ़ से सबक
सब्र का बांध आखिर कब तक टिकता? पहली ही कुदाल में बर्फ़ का बड़ा सा ढेला निकला और जनाब ने सोचा, क्यों न यही ‘प्यारा सा बर्फ़ीला तोहफा’ उस निकास रोकने वाले की गाड़ी को दे दिया जाए! बस, पहली कुदाल में बर्फ़ सीधा उसकी विंडशील्ड पर।
अब किस्मत देखिए – या तो वो आदमी पूरे समय गाड़ी में बैठा था, या फिर कहीं से अचानक लौट आया। गाड़ी से उतरते ही बोला, “क्या कर रहे हो?” आमतौर पर शांत रहने वाले OP ने भी गुस्से में कह दिया – “तुम इकलौता रास्ता रोक रहे हो, अपनी गाड़ी हटाओ!”
कुछ पल के लिए माहौल ऐसा हो गया, जैसे कोई बॉलीवुड फिल्म का क्लाइमैक्स चल रहा हो – कहीं हाथापाई न हो जाए! लेकिन वो शख्स समझ गया, बर्फ हटाई, गाड़ी स्टार्ट की और चलता बना। OP को थोड़ी शर्म भी आई, लेकिन दिल से आवाज़ आई – “इस बार तो सही किया!”
जब बर्फ का बदला सबसे ठंडा होता है – Reddit समुदाय की राय
इस कहानी को Reddit पर 3000 से ज्यादा लोगों ने पसंद किया। एक पाठक (u/DonNibross) ने लिखा – "मैंने भी कुछ साल पहले ऐसे ही एक गाड़ी वाले की विंडशील्ड पर बर्फ फेंकी थी, क्योंकि वो मेरी गाड़ी को ब्लॉक कर गया था। दस फावड़े बर्फ़ फेंकी, तब जाकर भागा!"
दूसरे ने (u/username_choose_you) लिखा – “आप तो बड़े शरीफ निकले! मैं होता तो पूरी गाड़ी को बर्फ में दफना देता!” अब बताइए, हम भारतीय होते तो शायद ‘पंक्चर’ का रास्ता भी चुन लेते, पर बर्फ़ वाला तरीका भी कम मजेदार नहीं!
एक कमेंट में मज़ाकिया अंदाज में लिखा गया – “बदला ठंडा परोसा गया!” (Revenge is a dish best served ICE COLD.) और एक यूज़र ने तो मानो भारतीय मां की तरह समझाया – “किसी और की जगह ब्लॉक मत करो, नहीं तो खुद ही फंसोगे!”
क्या निकला सबक? भारतीय संदर्भ में ये कहानी क्यों जरूरी है
हमारे यहां अक्सर लोग अपनी सुविधा के लिए दूसरों की परेशानी भूल जाते हैं। चाहे बर्थडे पार्टी में गेट पर गाड़ी खड़ी करना हो, या शादी में मोहल्ले की गली जाम करना – सब सोसाइटी के नियम भूल जाते हैं। ऐसे में यह कहानी बताती है – अगर आप दूसरों का रास्ता रोकेंगे, तो कभी न कभी कोई आपको सबक जरूर सिखाएगा, वो भी बड़े दिलचस्प तरीके से।
Reddit पर किसी ने लिखा – “जो लोग दूसरों के रास्ते ब्लॉक करते हैं, वो जानते हैं कि वे क्या कर रहे हैं। ऐसे लोगों के लिए कभी-कभी बर्फ़ या पानी का झटका जरूरी है!” (जैसे हमारे यहां कोई बाइक वाले की सीट पर पानी डाल देता है या स्कूटी का एयर निकाल देता है।)
और सबसे मज़ेदार बात – OP ने खुद लिखा कि वो इतने शांत स्वभाव के हैं कि बाद में उन्हें उस ड्राइवर पर बर्फ़ फेंकने का पछतावा भी हुआ! सोचिए, ऐसे लोग भी जब गुस्से में आ जाएं, तो सामने वाला सचमुच हिल जाता है।
आपके मोहल्ले/सोसाइटी की ‘पार्किंग जंग’ – क्या कभी खुद को ऐसे हालात में पाया है?
तो दोस्तों, अगली बार कोई आपके गेट या निकास पर गाड़ी अड़ा दे, तो आप क्या करेंगे? क्या आप भी बर्फ़, पानी या कोई और तरीका अपनाएंगे, या फिर सीधे बात करेंगे?
कमेंट में बताइए – आपके साथ कभी ऐसा हुआ है या आपने किसी को मजेदार तरीके से सबक सिखाया हो? आखिरकार, समाज तभी सुधरेगा जब हम सब मिलकर गलत बातों का विरोध करेंगे – चाहे बर्फ़ से, पानी से या प्यार से!
समाप्त!
मूल रेडिट पोस्ट: Dumped snow on a guy's hood who was parked in the only parking lot exit. It got him to move!