जब बदतमीज़ रूममेट को 'बीच' उसके बिस्तर में मिल गया: एक छोटी सी मीठी बदला-कहानी
कभी आपको ऐसा रूममेट मिला है, जिसकी हरकतों से सिर में दर्द हो जाए? अगर हाँ, तो आप अकेले नहीं हैं! हॉस्टल या पीजी में साथ रहने का अनुभव हर किसी के जीवन में एक अनमोल—और कभी-कभी बड़े ही मज़ेदार—किस्सा छोड़ जाता है। आज हम एक ऐसी ही विदेशी कहानी सुनाने जा रहे हैं, जिसमें एक छात्रा ने अपनी बदतमीज़ रूममेट को ऐसा मज़ा चखाया कि पढ़कर आप भी मुस्कुरा उठेंगे।
"सारा" - रूममेट की मुसीबत
ये किस्सा है एक विदेशी छात्रा का, जो ऑस्ट्रेलिया में पढ़ाई के लिए गई थी। उसकी उम्र थी महज़ 23 साल, जेब में ज़्यादा पैसे नहीं, और रहने के लिए एक छोटा सा फ्लैट जिसमें पाँच लोग—हर कोई अलग देश से। सबका मिलाजुला माहौल था, पर "सारा" नाम की ब्रिटिश लड़की सबसे अलग थी। अगर हमारे यहाँ के पीजी में "रानी बिटिया" टाइप कोई होती है, तो सारा वही थी!
सारा का कमरा था सबसे कोने में, बढ़िया प्राइवेसी के साथ। लेकिन उसका व्यवहार—क्या ही कहें! न सफाई, न मिलजुलकर रहना, न कोई काम में हाथ बँटाना। nail polish की बोतलें ड्राइंगरूम की टेबल पर ऐसे फैलाकर रखती, मानो वो उसकी जागीर हो। और ऊपर से अगर कोई हटा दे, तो गुस्सा हो जाती। बाकी सब लोग कभी-कभी मिलकर खाना बनाते, घर के काम बाँटते, पर सारा को तो जैसे किसी की कोई परवाह ही नहीं थी।
चिड़िया की कहानी और सारा का बेरुखा दिल
एक दिन बाकी रूममेट्स को एक घायल बच्चा तोता (parakeet) मिला। सबने मिलकर उसे सुरक्षित रखा, ताकि सुबह वाइल्डलाइफ रेस्क्यू आकर उसे ले जाए। लेकिन सुबह पता चला—तोता गायब! सारा ने रात में उसे बाहर निकाल दिया क्योंकि उसे "डिस्टर्ब" हो रहा था। सोचिए, इंसानियत नाम की चीज़ भी नहीं थी उसमें।
मीठा बदला: "बीच" उसके बिस्तर में!
अब ऐसे में कोई क्या करे? बाकी रूममेट्स तंग आ चुके थे, लेकिन OP (original poster) ने सोचा, चुपचाप थोड़ा मज़ा लिया जाए। उसने हर कुछ दिन में समुद्र से थोड़ी-सी रेत लाकर, सारा के बिस्तर में छुपाकर डालनी शुरू कर दी। इतनी कम कि दिखे नहीं, पर सोते वक्त परेशान ज़रूर करे। हमारे यहाँ कहते हैं ना, "नाच न जाने आँगन टेढ़ा!" सारा को समझ ही नहीं आया, ये रेत बार-बार आती कहाँ से है!
कम्युनिटी की प्रतिक्रिया: जो बोले सो नीला रंग!
Reddit पर इस कहानी ने जैसे बवाल ही मचा दिया। किसी ने कहा, "भई, ये तो जीनियस बदला है!" एक और कमेंट था, "अगर चीनी पाउडर डाल दो, तो पसीने में चिपचिपा हो जाएगा—वो भी बिना पता चले!" किसी ने तो यहाँ तक कह दिया, "तुम तो शैतान हो, दोस्ती करोगी?" एक भारतीय माहौल में ये सब सुनते हुए लगता है जैसे हॉस्टल में 'बदला गैंग' बन गई हो।
एक और मज़ेदार कमेंट था, "अगर रूममेट बर्तन न धोए, तो बस उसके कप धोना बंद कर दो, मज़ा आ जाएगा!" यह बात तो हमारे यहाँ हर दूसरे हॉस्टल में सुनी जाती है। एक ने तो अपने भाई के बिस्तर में बिस्कुट के टुकड़े डालने का किस्सा सुनाया—सच में, बदला लेने के तरीके हर संस्कृति में कमाल के हैं!
क्या ये सही था? नैतिकता और मज़ाक का मेल
कुछ लोगों ने OP से पूछा, "तुम बार-बार उसके कमरे में जाती थीं, ये तो प्राइवेसी का उल्लंघन है?" OP ने भी मान लिया, "आज के दिन अगर ऐसा करना हो तो नहीं करूंगी, लेकिन उस वक्त सारा का व्यवहार इतना बुरा था कि मुझे बिल्कुल बुरा नहीं लगा।"
सच्चाई ये है कि जब कोई हद से ज़्यादा बदतमीज़ी करे, तो हमारे यहाँ भी लोग कहते हैं, "जैसे को तैसा!" लेकिन कई पाठकों ने यह भी कहा कि ऐसे मज़ाक कभी हद पार न करें—वरना बात उलटी भी पड़ सकती है।
अंत में: आपकी हॉस्टल स्टोरी क्या है?
इस कहानी को पढ़कर अगर आपके मन में भी अपने हॉस्टल या पीजी के किस्से घूम गए हों, तो कमेंट में ज़रूर साझा करें। क्या आपके यहाँ भी "सारा" जैसी कोई रूममेट रही है? या फिर आपने कभी चुपचाप किसी को मज़ा चखाया है?
कहानी से इतना तो तय है—जहाँ भी पाँच लोग साथ रहते हैं, वहाँ कुछ न कुछ "छोटी-सी बदला-कहानी" ज़रूर बनती है। और कभी-कभी, वो रेत की तरह बारीक और चुपचाप होती है, लेकिन असरदार—बस जैसे इस कहानी में "बीच" बिस्तर तक पहुँच गया!
तो अगली बार जब कोई रूममेट तंग करे, तो इस कहानी को याद करिए—और सोचिए, "क्या मेरा भी छोटा सा बदला इतना ही मज़ेदार हो सकता है?"
मूल रेडिट पोस्ट: Obnoxious roomate got the beach brought to her