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जब फैक्ट्री मैनेजर ने IT को बना दिया सिरदर्द: मॉन्टी के टिकट्स की अनोखी गाथा

नए फैक्ट्री प्रबंधक मोंटी, आईटी टिकटों और सेवा अनुरोधों से घिरे हुए, का सिनेमाई चित्र।
इस सिनेमाई दृश्य में, हम मोंटी, नए संचालन प्रबंधक, द्वारा सामना की गई मजेदार चुनौतियों की गहराई में जाते हैं। आइए हम उन अजीब सेवा अनुरोधों का अन्वेषण करें जो ग्रामीण विनिर्माण सेटिंग में आईटी को समझने की सीख को उजागर करते हैं।

कभी-कभी दफ्तर में ऐसे लोग आ जाते हैं, जिनकी हरकतों से बाकी सबका मनोरंजन तो होता ही है, साथ ही सिर भी पकड़ना पड़ जाता है। कुछ ऐसा ही किस्सा है मॉन्टी नामक नए फैक्ट्री मैनेजर का, जिसने अपनी अजीबो-गरीब IT रिक्वेस्ट्स से सबको परेशान कर दिया। आज हम आपको मॉन्टी के मजेदार टिकट्स की कहानी सुना रहे हैं, जिसमें टेक्नोलॉजी की दुनिया, देसी दफ्तर की तिकड़म और मज़ेदार तानों का तड़का है।

मॉन्टी की एंट्री और पहली ही मांग: घर में फैक्ट्री का इंटरनेट!

मॉन्टी बड़े शहर से एक छोटे से कस्बे की फैक्ट्री में ऑपरेशन्स मैनेजर बनकर आए थे। जैसे ही उन्होंने जॉइन किया, सबसे पहले IT टीम को टिकट डाला — "मुझे घर पर फैक्ट्री का इंटरनेट चाहिए, एक वायरलेस ब्रिज लगवा दो ताकि ऑफिस का नेटवर्क घर से चला सकूं।"

अब सोचिए, अगर आपके पड़ोस में कोई नया बाबू आए और बोले कि मोहल्ले के मंदिर या स्कूल से उसके घर तक एक लंबा तार खींच दो, ताकि वहां की बिजली या इंटरनेट वो अपने घर पर इस्तेमाल कर सके — क्या जवाब देंगे? IT वालों ने भी साफ कह दिया, "भाई, घर का इंटरनेट खुद लगवाओ, कंपनी का नेटवर्क घर में नहीं मिलेगा।"

एक कमेंट में एक यूज़र (u/HurryAcceptable9242) ने तो सीधा कह दिया, "इतना बड़ा जुगाड़ पहले कभी नहीं सुना, लगता है मॉन्टी से 2FA भी नहीं संभलता होगा!"

लैपटॉप चाहिए, वो भी गेमिंग वाला!

मॉन्टी की हिम्मत देखिए, अगला टिकट डाला — "मुझे एक Razor गेमिंग लैपटॉप चाहिए, वो भी मेरी मर्जी के स्पेसिफिकेशन वाला।" अब फैक्ट्री में जहाँ बाकी सबके पास सिंपल Lenovo लैपटॉप है, वहाँ मैनेजर साहब को गेमिंग लैपटॉप चाहिए! IT टीम ने फिर से मना कर दिया, "भाई साहब, कंपनी के नियम सबके लिए बराबर, गेमिंग लैपटॉप नहीं मिलेगा।"

यहाँ एक कमेंट में किसी ने मज़े लेते हुए लिखा, "लगता है मॉन्टी या तो बहुत चालाक है या बहुत भोला।" खुद OP ने भी यही कहा — "बिना बेइज्जती किए कहूं तो हमारा भी यही मानना था।"

फोन सिस्टम में छेड़छाड़ और कैमरे लगाने की जिद

अब मॉन्टी ने नया पैंतरा चला — फैक्ट्री के फोन सिस्टम में बदलाव कराना चाहते थे, ताकि IVR (वो जो कॉल पर '1 दबाइए, 2 दबाइए' वाली सुविधा होती है) को बायपास किया जा सके। IT ने फिर से मना किया और कहा, "ये मामला मैनेजमेंट के पास ले जाओ।" मैनेजमेंट ने भी साफ इनकार कर दिया और आपस में चर्चा होने लगी कि ये मैनेजर साहब असल में करते क्या हैं!

मामला यहीं नहीं रुका। मॉन्टी को फैक्ट्री के सीसीटीवी कैमरे भी कम लगे। IT टीम से बोले, "और कैमरे लगाओ!" मगर बजट नहीं था, तो IT ने फिर मना कर दिया। अब देखिए, मॉन्टी ने खुद ही बाहर से Hikvision ब्रांड के महंगे कैमरे खरीदकर लगा दिए और IT से कहा, "इनको नेटवर्क से जोड़ दो।"

IT वालों ने तो हाथ खड़े कर दिए — "ये शैडो IT है, मैनेजमेंट को खबर कर रहे हैं।" मजेदार बात ये रही कि एक कमेंट में लिखा था, "इतना जुनून तो कोई अपने ससुराल में भी नहीं दिखाता!" वहीं एक यूज़र (u/Eichmil) ने गंभीर बात कही — "Hikvision पर कई देशों की सरकारों ने बैन लगा रखा है क्योंकि ये चाइनीज़ कंपनी है और सिक्योरिटी रिस्क है।" खुद पोस्ट लिखने वाले OP ने भी माना, "मुझे लगता है मैनेजमेंट तब घबरा गया जब उन्हें पता चला कि Hikvision चाइनीज़ कंपनी है।"

IT वालों की मजबूरी और दफ्तर के किस्से

कई कमेंट्स में लोगों ने अपने-अपने ऑफिस के मजेदार किस्से भी सुनाए। एक ने बताया, "हमारे बॉस ने CEO की यॉट पर नेटवर्क लगाने भेज दिया था।" एक दूसरे ने कहा, "एक बार एक नई मैनेजर के आने के बाद HQ ही उसके घर के पास शिफ्ट करने का प्रस्ताव आ गया था, मगर जैसे ही मैनेजर गई, वो आइडिया भी ठंडे बस्ते में चला गया।"

कुछ लोगों ने दबी जुबान में कहा कि कई बार सीनियर अफसर अपने फायदे के लिए कंपनी के रिसोर्सेज का गलत इस्तेमाल करने की कोशिश करते हैं, जैसे कोई अपने घर पर ऑफिस का इंटरनेट लगवाना चाहता है या छुट्टी के घर में सिस्टम सेटअप करवाना चाहता है।

मॉन्टी का क्या हुआ? और दफ्तर की सीख

मॉन्टी के टिकट्स धीरे-धीरे कम हो गए, शायद कैमरों वाली हरकत आखिरी बोरा थी। OP ने भी यही लिखा कि उसके बाद मॉन्टी का क्या हुआ, पता नहीं। मगर एक बात तो साफ है — IT वालों के लिए "ना" कहना जितना जरूरी है, उतना ही दफ्तर की सेहत के लिए भी अच्छा है।

एक यूज़र (u/K-o-R) ने बढ़िया लाइन लिखी, "मैं IT हूँ, मेरा काम ही 'ना' कहना है!" और यही सच भी है। अगर IT हर बात में 'हाँ' कह दे, तो दफ्तर कबाड़खाना बन जाए।

निष्कर्ष: क्या आपके दफ्तर में भी कोई मॉन्टी है?

मॉन्टी की कहानी सुनकर आपको अपने दफ्तर के वो लोग याद आ गए होंगे, जो नियमों को अपनी सहूलियत के हिसाब से तोड़ने का जुगाड़ करते हैं। ऐसे लोगों की वजह से IT और मैनेजमेंट को मुश्किलें आती हैं, मगर ऐसे किस्से ही तो दफ्तर की चाय-गपशप में मसाला डालते हैं!

क्या आपके ऑफिस में भी कोई मॉन्टी है? क्या आपने कभी ऐसी अजीब रिक्वेस्ट देखी या सुनी है? अपने मजेदार किस्से हमें कमेंट में जरूर बताइए। और हां, अगली बार जब आपका IT वाला 'ना' कहे, तो समझ जाइए — वो दफ्तर की भलाई के लिए ही ऐसा कर रहा है!

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मूल रेडिट पोस्ट: Monty's IT Tickets