जब पड़ोसी का संगीत बना सिरदर्द, तो युवराज ने बजा दिया 'प्रोडिजी' का डंका!
क्या आपने कभी ऐसे पड़ोसी का सामना किया है जो सुबह-सुबह घर को डिस्को बना देता है? अगर हाँ, तो आज की कहानी आपको खूब हँसाएगी, गुदगुदाएगी और शायद अपनी यादें भी ताज़ा कर देगी! एक Reddit यूज़र की यह मज़ेदार दास्तान बताती है कि जब सब्र का बाँध टूटे, तो संगीत भी हथियार बन सकता है।
पड़ोसी की अजीब आदतें और सुबह का 'म्यूजिकल अटैक'
कहानी है एक बहुमंजिला इमारत की, जहाँ तीसरी मंज़िल पर रहने वाला युवक (जिसका नाम हम 'युवराज' मान लेते हैं) अपने माता-पिता के साथ रहता था। दूसरी मंज़िल के पड़ोसी बड़े ही निराले थे। घर के मुखिया सब्ज़ी मंडी में काम करते, इसलिए रोज़ सुबह चार बजे उठकर नहाते-धोते, और... ज़ोरदार 'फार्ट' के साथ दिन की शुरुआत करते!
अब ये सब तो जैसे-तैसे चलता रहा, लेकिन असली परेशानी तब शुरू हुई जब उनकी पत्नी सुबह-सुबह फर्नीचर घसीटने लगतीं, दीवारों पर हथौड़ा चलातीं और ऊपर से बजता रहता बेहूदा 'नीयोमेलोडिक' संगीत! सोचिए, सुबह के 6 बजे जब पूरा मोहल्ला नींद के आगोश में होता, युवराज के कमरे में ऐसा लगता मानो कोई डीजे पार्टी चल रही हो।
युवराज अपने माता-पिता से शिकायत करता, तो जवाब मिलता – "अरे बेटा, जब हम कुछ शोर करते हैं तो वो शिकायत नहीं करते, तो हमें भी सहना चाहिए।" अब भला क्या करता बेचारा, चुपचाप सब सहता रहा।
जब सब्र का बाँध टूटा – युवराज का जबरदस्त पलटवार
एक दिन अगस्त के महीने में, इमारत में सिर्फ़ दो परिवार बचे थे – पड़ोसी और हमारा युवराज, जो अब 18 साल का हो गया था और घर पर अकेला था। एक रात वो देर रात 4 बजे लौटा, थककर बिस्तर पर गिर पड़ा। पर किस्मत को कुछ और ही मंज़ूर था – सुबह 6 बजते ही वही बेहूदा संगीत फिर गूंजने लगा!
अबकी बार युवराज ने ठान लिया कि कुछ तो करना पड़ेगा। उसने अपनी हाय-फाय स्टीरियो निकाली, और बजा दिया 'The Prodigy' का सुपरहिट गाना – "Smack My Bitch Up", वो भी इतनी तेज़ आवाज़ में कि दीवारें काँप उठीं!
अब तो जैसे पड़ोसी को भी समझ आ गया – 'जैसी करनी, वैसी भरनी'। उस दिन के बाद युवराज के कमरे में सुबह 9 बजे से पहले कभी कोई संगीत नहीं गूंजा।
ऑनलाइन दुनिया में छिड़ी बहस – लोग बोले, "अब तो माता-पिता को बताओ!"
रेडिट पर इस कहानी ने धूम मचा दी। एक यूज़र ने मज़ेदार अंदाज़ में लिखा, "अरे, अब तो अपने माता-पिता को ये किस्सा सुना दो, फिर सब मिलकर हँसना!" तो दूसरे ने 'The Prodigy' के गाने की तारीफ़ की – "भई, Prodigy कभी फेल नहीं होता!"
एक और यूज़र ने अपनी कहानी शेयर करते हुए कहा, "मेरे भी ऐसे ही पड़ोसी थे। मैं तो सीधे अपने स्पीकर छत की ओर घुमाकर 'Mars from The Planets' बजा देता था – वो भी तब जब ऊपर वाले की खाट की आवाज़ थम जाती थी!"
कुछ लोगों ने तो पड़ोसी को सबक सिखाने के लिए 'BASS SOUNDS TO ANNOY YOUR NEIGHBORS' जैसे वीडियोज़ चलाकर दीवारें हिला दीं! एक मज़ेदार टिप्पणी आई, "जब मैंने तेज़ आवाज़ में 'Grand Funk' और 'Ted Nugent' बजाया, तो पड़ोसी ऐसे चुप हुए कि जैसे घर ही छोड़ दिया हो!"
क्या आप भी कभी हुए हैं ऐसे पड़ोसियों के शिकार?
हमारे यहाँ भी मोहल्लों में अकसर ऐसी कहानियाँ सुनने को मिलती हैं – कहीं कोई सुबह-सुबह भजन मिक्सिंग के साथ लाउडस्पीकर चला देता है, तो कहीं बच्चे छत पर क्रिकेट खेलते-खेलते आसमान सिर पर उठा लेते हैं।
युवराज की तरह बहुत से लोग पहले सहते हैं, लेकिन जब सब्र का बाँध टूटता है तो 'संगीत' भी हथियार बन जाता है! और फिर पड़ोसी भी समझ जाते हैं कि दूसरों की नींद में खलल डालना आसान नहीं।
निष्कर्ष: बदला – वो भी संगीत के ज़रिए!
कहते हैं, "जैसी करनी, वैसी भरनी"। युवराज ने अपने अंदाज़ में यह साबित कर दिया कि कभी-कभी हलका सा 'पेटी रिवेंज' (छोटी-सी बदला) भी काम कर जाता है।
तो अगली बार अगर आपके पड़ोसी आपको तंग करें, तो हो सकता है कोई 'Prodigy' या 'रघुपति राघव राजा राम' आपकी मदद कर दे! वैसे, क्या आपको भी कभी अपने पड़ोसियों से ऐसे दो-दो हाथ करने पड़े हैं? अपनी कहानी कमेंट में ज़रूर सुनाएँ!
आपको यह किस्सा कैसा लगा? क्या आप भी युवराज को सलाह देंगे कि अब माता-पिता को यह राज़ बता देना चाहिए? अपने विचार नीचे लिखना न भूलें – क्योंकि कहानियाँ तो सबकी होती हैं, और हँसी बाँटना सबसे बड़ा संगीत है!
मूल रेडिट पोस्ट: Do you like music? I like music too!