जब पड़ोसी 'करन' को मिली बदबूदार बदला - एक पेटी रिवेंज की अनोखी कहानी
क्या कभी आपके पड़ोस में कोई ऐसा 'करन' रहा है, जिससे हर दिन एक नई मुसीबत झेलनी पड़ी हो? सोचिए, अगर आपको ऐसा पड़ोसी मिल जाए, जो न दिन में चैन लेने दे, न रात में सुकून। आज की इस मजेदार कहानी में हम जानेंगे कि कैसे एक युवक ने अपनी बदतमीज पड़ोसी 'करन' को बेहद अजीब और मजेदार तरीके से सबक सिखाया – वो भी बिना कोई बड़ा बवाल किए, बल्कि सिर्फ अपनी पाचन शक्ति का कमाल दिखाकर!
पड़ोसी का आतंक: 'करन' की कहानी
हमारे कहानी के नायक ने जब नया मकान लिया, तो सोचा था अब जिंदगी में सुकून आएगा। लेकिन किस्मत को कुछ और ही मंजूर था। उनकी पड़ोसन, जिसे सब 'करन' कहते थे (वैसे असली नाम कुछ और था, पर हर मोहल्ले में एक 'करन' मिल ही जाती है), ने आते ही बखेड़ा शुरू कर दिया।
पहले ही दिन वो आकर वाई-फाई पासवर्ड मांगने लगी, जैसे मोहल्ले में नया स्मार्टफोन आया हो। फिर उसका छोटा सा कुत्ता दिन-रात भौंकता रहा, जिसकी वजह से मोहल्ले वालों ने उसे निकालने तक की धमकी दे डाली। करन का आतंक यहीं नहीं रुका – रात में तेज़ आवाज़, टीवी फुल वॉल्यूम, ऊटपटांग हरकतें, और तो और, बार-बार आकर एनर्जी ड्रिंक, सिगरेट या पैसे मांगना। एक बार तो उस पर फोन चोरी का भी इल्ज़ाम लगा दिया!
और जब वो बहस में हारने लगी, तो उसने उनके घर के बाहर गंदे कूड़े के बैग छोड़ दिए। जवाब में हमारे हीरो ने भी कूड़े के बैग उसके दरवाजे पर रख दिए – "जैसे को तैसा" की मिसाल। पर करन ने तो कार पर वैसलीन फैला डाली। मोहल्ले के मैनेजर को सब मज़ाक लग रहा था – वाह री दुनिया!
पेटी रिवेंज: जब बदबू बनी हथियार
अब सवाल उठता है – क्या कोई ऐसा तरीका है, जिससे बदतमीज़ पड़ोसी को बिना बखेड़ा किए सबक सिखाया जा सके? यहाँ आई पेटी रिवेंज – यानी छोटा, मगर असरदार बदला।
हमारे नायक को हल्की लेक्टोज़ इन्टॉलरेंस थी – यानी दूध-घी-छाछ ज्यादा खा लें तो पेट में बवंडर आ जाता है। उन्होंने सोचा, जब करन ने चैन छीन ही लिया है, तो क्यों न पेट का कमाल दिखाया जाए!
आखिरी हफ्ते में, जब शायद ही कोई सामान घर में बचा था, उन्होंने स्पेशल 'डायट' ली – दूध, मसाले, फाइबर, और कैफीन का जबरदस्त मिलाजुला। और फिर... खिड़की खोलकर बाथरूम का दरवाजा खुला छोड़, पंखा चालू कर दिया ताकि खुशबू सीधा करन की खिड़की में लगे फैन की ओर जाए।
कुछ ही देर में, करन की चीख सुनाई दी – "हे भगवान!" और फिर उल्टी की आवाज़ें, रोना-धोना। हीरो ने मज़े से दवा ली, बाथरूम साफ़ किया और लैपटॉप पर गेम खेलते रहे।
सोशल मीडिया पर छाया 'बदबूदार बदला'
इस कहानी ने Reddit जैसे सोशल मीडिया पर आग लगा दी। हजारों लोगों ने पढ़कर अपना दुख-दर्द भूलकर हँसी के ठहाके लगाए। एक यूज़र ने लिखा, "भाई, पेट पकड़कर हँस रहा हूँ! आज का सारा तनाव उड़ गया।"
एक और कमेंट में किसी ने कहा, "सेना में कहते हैं – 'पीछे का इलाका साफ़ करो, नहीं तो बड़ा धमाका हो जाएगा'!" किसी और ने लिखा, "ये रिवेंज नहीं, केमिकल वॉरफेयर है!" वहीं किसी ने चुटकी ली, "अगर करन पुलिस बुला भी लेती, तो क्या कहती – 'मेरा पड़ोसी लगातार पाद रहा है, जल्दी आओ!'"
एक कमेंट में तो किसी ने खुद की कहानी सुनाई कि कैसे ऑफिस के बदमिजाज सहकर्मी से बदला लेने के लिए उसने भी बाथरूम में 'साइलेंट बम' छोड़ा था। एक बुज़ुर्ग ने लिखा, "पाद की कहानी सुनते ही फिर से पांच साल का बच्चा बन गया, हँसी नहीं रुक रही!"
क्या यह बदला सही था?
अब सवाल उठता है, क्या यह सही था? क्या बदबू से बदला लेना जायज़ है? खुद हीरो ने भी माना कि शायद इससे दूसरे पड़ोसियों को भी थोड़ी परेशानी हुई, लेकिन तीन महीने की टॉर्चर के बाद दिल को सुकून मिला।
कई लोगों ने सलाह दी कि ऐसे लोगों से दूर ही रहना सबसे अच्छा है, मगर कभी-कभी 'पेटी रिवेंज' भी जरूरी हो जाती है – खासकर जब सामने वाला सुधरने का नाम ही न ले। एक यूज़र ने तो मज़ाक में कहा, "भाई, आगे भी अपने 'सुपर पाद पॉवर्स' का सही इस्तेमाल करते रहना!"
निष्कर्ष: आपकी भी कोई 'करन' की कहानी है?
मोहल्ले में 'करन' टाइप लोग हर जगह मिल जाते हैं – कभी पड़ोसी के रूप में, कभी ऑफिस में, तो कभी रिश्तेदारों में। सबसे जरूरी है कि हम खुद को हल्के-फुल्के मज़ाक से स्ट्रेस-फ्री रखें, और कभी-कभी 'पेटी रिवेंज' से दिल का बोझ हल्का कर लें – मगर ध्यान रहे, हद में ही रहें!
आपकी भी कभी किसी 'करन' से टक्कर हुई है? या आपने भी कभी ऐसा मजेदार बदला लिया है? नीचे कमेंट में जरूर बताएं – हम भी हँसेंगे, आप भी हँसेंगे!
और हाँ, अगली बार जब दूध-छाछ का गिलास हाथ में आए, सोचिएगा जरूर – कहीं आपका अंदरूनी 'प्लोपनहेमर' जाग न जाए!
मूल रेडिट पोस्ट: I got petty revenge by unleashing rancid farts on my Karen neighbor