जब दोस्त ने अपने ज़ालिम एक्स को कैंपग्राउंड से ही बाहर कर दिया: एक प्यारी-सी 'पेटी रिवेंज' की कहानी
कभी-कभी ज़िंदगी हमें ऐसे मोड़ पर ले आती है, जहाँ इंसाफ़ की उम्मीद कम और जुगाड़ की ज़रूरत ज़्यादा होती है। आज की कहानी है एक ऐसे शख़्स की, जिसने अपने ज़ालिम एक्स से बेहद मज़ेदार और बिल्कुल देसी अंदाज़ में बदला लिया – वो भी पूरी तरह कानूनी तरीके से!
हम सबके आस-पास कोई-न-कोई ऐसा दोस्त ज़रूर होता है, जो प्यार में धोखा खा जाता है, और फिर उसकी एक्स की 'भूत-प्रेत' जैसी परछाईं उसका पीछा नहीं छोड़ती। Reddit पर वायरल हुई इस कहानी में, एक सज्जन ने अपने एक्स की चालाकियों का ऐसा इलाज किया कि पढ़कर आपकी भी हँसी छूट जाएगी।
एक्स की ज़िद और दोस्त का जुगाड़: जन्मदिन का कैंपग़्राउंड विवाद
हमारे कहानी के हीरो (जिन्हें हम यहाँ 'राजू' कहेंगे), हर साल अपने जन्मदिन पर एक खास LGBTQ कैंपग़्राउंड में जाते हैं – कुछ-कुछ हमारे यहाँ के नैनीताल या ऋषिकेश जैसी जगह, जहाँ लोग शांति और अपनेपन के लिए इकट्ठा होते हैं। राजू का एक्स (मान लीजिए नाम 'मोनू') कई सालों तक उनके साथ बुरा व्यवहार करता रहा, लेकिन अब दोनों अलग हो चुके हैं।
अब Twist यह है कि कोर्ट ने दोनों के बीच 'नो-कॉन्टेक्ट ऑर्डर' दे रखा है – यानी दोनों एक ही जगह, एक ही समय पर नहीं रह सकते। राजू ने बड़ी सज्जनता से मोनू को बता दिया, "भई, मैं इस बार फलाँ तारीख़ को कैंपग़्राउंड जा रहा हूँ, तू मत आना।" लेकिन मोनू कहाँ मानने वाला था! उसने अकड़ दिखाते हुए कहा, "मैं तो उसी वीकेंड पे रहूँगा, जो उखाड़ ले!"
असली 'पेटी रिवेंज': कैंपग़्राउंड की मास्टरस्ट्रोक बुकिंग
राजू भी कोई कम नहीं! उसने सोचा, "क्यों न चिड़िया को उसके ही दाने से फँसाया जाए?" राजू ने पूरा अगस्त महीना उस कैंपग़्राउंड में एडवांस बुक कर लिया – बिलकुल वैसे ही जैसे कोई ससुराल में शादी वाले महीने भर के लिए बुकिंग करा ले, ताकि कोई और तारीख़ में शादी न कर पाए।
इतना ही नहीं, राजू ने पुलिस को भी सूचित कर दिया कि "भाई, यह मेरा पता है अगस्त के महीने में, ध्यान रखना – मोनू यहाँ कतई न आए।" अब कोर्ट ऑर्डर के चलते मोनू चाहकर भी वहाँ नहीं जा सकता। पूरी गर्मी का सीज़न उसके लिए आउट ऑफ बाउंड्स!
Reddit कम्युनिटी के धमाकेदार रिएक्शन: वाह राजू, क्या जुगाड़ है!
इस कहानी पर Reddit की जनता ने जमकर तालियाँ बजाईं। एक यूज़र ने मज़े लेते हुए लिखा, "अब यह है असली 'पेटी रिवेंज'! ऐसा जुगाड़ देखने के लिए ही तो हम यहाँ हैं!" (u/Kittkatt598)। खुद पोस्ट के लेखक ने भी कहा, "जब राजू ने मुझे ये कहानी सुनाई तो मेरी हँसी रुक ही नहीं रही थी। क्या दिमाग़ लगाया है!"
एक और कमेंट में दिखा कि लोग भी इस चालाकी को सलाम कर रहे हैं: "ये तो मास्टरस्ट्रोक है, और ऊपर से सब कुछ कानूनी भी। 10 में से 10 नंबर!" (u/Available_Agent3305)। हालाँकि किसी ने चिंता भी जताई कि इतनी लंबी बुकिंग महँगी पड़ सकती है, लेकिन किसी ने तुरंत जवाब दिया – "अगर जेब में दम है, तो ऐसी मस्त 'पेटी रिवेंज' कौन नहीं चाहता!"
कुछ लोग कहानी की भाषा और प्रोनाउन से कन्फ्यूज भी हुए, जैसे हमारे यहाँ कोई चाचा-ताऊ कहानी में पात्रों के नाम भूल जाए। लेकिन ज़्यादातर ने कहा, "भाई, कहानी सीधी-सादी है – बस पढ़ने का हुनर चाहिए!"
देसी नज़रिये से: रिश्तों में बदला, लेकिन इज्ज़त के साथ
हमारे यहाँ अक्सर कहा जाता है, "बदला लेना है तो ऐसा कि सामने वाले को कानों-कान खबर ही न हो और फिर भी उसे चैन न आए!" राजू ने यही किया – न कोई गाली-गलौज, न खुलेआम तमाशा, बस कानूनी तरीके से अपने हक़ की रक्षा।
सोचिए, अगर हमारे मोहल्ले में कोई पड़ोसी ऐसे ही आपकी छत पर कबूतर उड़ाने आ जाए, और आप पूरी छत बुक कर लें – बिना झगड़े, बिना शोर-शराबे, तो क्या मज़ा आए! Reddit पर भी यही मज़ाक उड़ा – "मोनू ने सोचा था, राजू को तंग करूँगा; अब खुद ही बाहर बैठा रहेगा!"
आपकी राय क्या है? कभी आपने भी ऐसा कोई जुगाड़ किया है?
दोस्तो, इस कहानी से हमें ये सिखने को मिलता है कि मुश्किल हालात में भी दिमाग़ ठंडा रखो और कानूनी, स्मार्ट रास्ता अपनाओ। ज़िंदगी में कई बार लोग हमें नीचा दिखाने की कोशिश करते हैं, लेकिन असली मज़ा तब है जब जवाब भी ऐसा हो कि सामने वाला सिर्फ़ देखता रह जाए।
क्या आपके साथ भी कभी किसी ने चालाकी या धौंस दिखाने की कोशिश की है? या आपने कभी ऐसी कोई 'पेटी रिवेंज' अपनाई है? नीचे कमेंट में बताइए – आपकी कहानी भी पढ़कर शायद किसी को नया आइडिया मिल जाए!
आख़िर में, याद रखिए – बदला हमेशा तड़का लगाकर, लेकिन इज्ज़त के साथ लेना चाहिए। और हाँ, हँसी-मज़ाक में कोई दिल न दुखे – यही असली जीत है!
मूल रेडिट पोस्ट: How my friend got revenge on his abusive ex