जब डिलीवरी बॉय ने दो मंज़िलों से बचना चाहा, तो ग्राहक ने चढ़वा दीं छह!
अब सोचिए, आपकी पत्नी का मनपसंद तोहफा घर आने वाला है, एक्साइटमेंट अपने शबाब पर है, और अचानक डिलीवरी वाले भैया आपकी उम्मीदों पर पानी फेर जाएँ—वो भी सिर्फ़ दो मंज़िल चढ़ने की मेहनत से बचने के लिए! ऐसी ही एक दिलचस्प और मज़ेदार कहानी Reddit पर वायरल हो रही है, जिसमें एक आम आदमी ने ‘प्यारी बदला’ (petty revenge) से डिलीवरी वाले की अकड़ निकाल दी।
कहानी की शुरुआत: डिलीवरी का इंतज़ार और पहली चालाकी
हमारे नायक (Reddit यूज़र DeusIntus) अपनी पत्नी के लिए एक खास कपड़ा मंगवाते हैं—पत्नी कई दिनों से इसका इंतज़ार कर रही थी। सुबह से ही ट्रैकिंग देख-देखकर टाइमिंग सेट कर ली गई थी—1 से 3 बजे के बीच डिलीवरी होनी थी। जब सबकुछ सेट था, तो जनाब नहाने चले गए और तभी 12:40 पर घंटी बजती है।
अब कोई दिल्ली-मुंबई का फ्लैट नहीं, बल्कि विदेश की बिल्डिंग है, जिसमें लिफ्ट खराब है। नायक भागते-भागते गीले बाथरोब में दरवाज़े तक पहुँचते हैं, लेकिन डिलीवरी बॉय ऊपर नहीं आता। 10 मिनट इंतज़ार के बाद मोबाइल पर मैसेज आता है—"पैकेज डिलीवर नहीं कर पाए, क्योंकि आप घर पर नहीं थे।" ग़ुस्सा आना तो स्वाभाविक है!
डिलीवरी बॉय की माया: न चढ़े दो मंज़िल, न मिले पैकेज
यहाँ पर असली ट्विस्ट आता है। डिलीवरी वाले ने बिल्डिंग में घुसते ही देखा कि लिफ्ट बंद है, और दो मंज़िल सीढ़ियाँ चढ़नी पड़ेंगी। जनाब ने मेहनत को ना कहते हुए 'कस्टमर घर पर नहीं था' का बहाना बना दिया और चलते बने। अब पत्नी की मायूसी और पति का ग़ुस्सा—दोनों का मेल हुआ।
यहाँ भारत के संदर्भ में सोचिए—कितनी बार डिलीवरी वाले फ़ोन कर देते हैं, "भैया, नीचे आ जाइए, ऊपर नहीं आ सकता, बहुत सीढ़ियाँ हैं।" या फिर कई बार सीधा कॉल करके बोल देते हैं, "नीचे छोड़ दूँ?" मगर यहाँ तो न कॉल, न मैसेज—सीधा झूठ!
ग्राहक का बदला: अब चढ़ो आठ मंज़िलें!
अब यहाँ असली 'पेटी रिवेंज' शुरू होती है। दुबारा डिलीवरी के लिए विकल्प था—किसी पड़ोसी के पास सामान छोड़ा जा सकता है। नायक ने अपने ऐसे पड़ोसी का चुनाव किया, जो आठवीं मंज़िल पर रहता है और पूरे दिन घर पर रहेगा। अब डिलीवरी वाले भैया को दो की जगह छह मंज़िल और चढ़नी पड़ेगी, वो भी लिफ्ट बंद होने के कारण! “अब मज़ा लो, भैया!” सोचिए, अगर भारत की कोई सोसायटी होती तो शायद डिलीवरी वाला या तो कॉल करता या फिर दरवाज़े पर पैकेट छोड़कर चला जाता!
कम्युनिटी की प्रतिक्रिया: हँसी, सहानुभूति और बहस
Reddit पर इस पोस्ट ने आग लगा दी! एक कमेंट में किसी ने लिखा, "आजकल डिलीवरी वालों पर इतना प्रेशर है कि कभी-कभी वो जान-बूझकर ‘घर पर नहीं थे’ का बहाना बना देते हैं।" भारत में भी कई बार Amazon, Flipkart या Swiggy के डिलीवरी वाले बस कॉल करके कह देते हैं, "सर, बहुत ट्रैफिक है, नीचे आ जाइए।"
एक और कमेंट में किसी ने लिखा, "अगर अगले दिन कोई और डिलीवरी वाला आया तो? खामख्वाह किसी और की शामत आ जाएगी!" इसपर OP ने मज़ाकिया लहजे में जवाब दिया, "उम्मीद है वही आए, वरना मुझे बुरा लगने लगेगा!"
वहीं, कुछ लोगों ने डिलीवरी वालों की मेहनत का पक्ष भी लिया—"भैया, उनकी सैलरी बहुत कम है, काम का प्रेशर बहुत है, थोड़ा सहानुभूति दिखाइए।" इसपर दूसरे ने तंज़ कसा, "अगर इतना ही भारी है, तो ऊपर इंटरकॉम पर बोलकर ग्राहक को नीचे बुला लेते!"
भारत में भी अक्सर ऐसे वाकये देखे जाते हैं—कोई डिलीवरी वाला सामान गेट पर छोड़ जाता है, तो कोई कॉल करके ही डिलीवरी कंफर्म करवा लेता है। किसी ने लिखा, "FedEx, DHL, UPS—सबमें यही हाल है। कई बार तो बिना दरवाज़ा खटखटाए ही 'नॉट एट होम' लिख जाते हैं!"
डिलीवरी कल्चर: अमेरिका vs भारत
विदेशों में अपार्टमेंट बिल्डिंग्स में लिफ्ट खराब होना आम है, और ऊपर चढ़ने की अनिच्छा भी। भारत में भी कई सोसायटीज़ में डिलीवरी वाले ऊपर नहीं आते—कई बार सुरक्षा गार्ड के पास ही सामान छोड़ जाते हैं। लेकिन, यहाँ ग्राहक भी 'जुगाड़' में माहिर, कभी गार्ड को मना लेते हैं, तो कभी डिलीवरी वाले को चाय-नाश्ते का ऑफर दे देते हैं।
यह कहानी इस बात का आइना है कि कस्टमर सर्विस में छोटी-छोटी बातों से कैसे किसी का दिन बन या बिगड़ सकता है। और कभी-कभी, ग्राहक भी 'प्यारी बदला' से डिलीवरी वालों को उनकी ‘चालाकी’ का जवाब दे देते हैं!
निष्कर्ष: आपकी डिलीवरी के अनुभव कैसे रहे?
तो दोस्तों, आपके साथ भी कभी ऐसा हुआ है कि डिलीवरी वाला बिना दरवाज़ा खटखटाए चला गया? या कोई मजेदार किस्सा जो शेयर करना चाहें? क्या आपने कभी किसी डिलीवरी वाले को सबक सिखाया है—या उल्टा उनसे कोई सीख मिली है?
कमेंट में अपनी कहानी जरूर लिखिए, और बताइए—डिलीवरी कल्चर में किसका पलड़ा भारी है—ग्राहक या डिलीवरी वाला? अगली बार जब कोई पैकेट आए, तो आप क्या करेंगे—सीढ़ियाँ चढ़वाएँगे या खुद नीचे जाएंगे?
इंतज़ार रहेगा आपके जवाबों का!
मूल रेडिट पोस्ट: Don't want to do two flights of stairs? Enjoy six.